
लखनऊ,।सूबे में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए गुरूवार को चुनाव प्रचार का शोर थम गया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर अखिलेश यादव, राहुल गांधी और मायावती सहित अन्य नेताओं ने यहां अपने प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने के लिए काफी प्रचार किया। विधानसभा के पहले चरण में 11 फरवरी को मतदान होगा।
पहले चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 15 जिलों की 73 विधानसभाएं हैं। इनमें शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजबाद, एटा और कांसगज की विधानसभाएं शामिल हैं। विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) अपनी सहयोगी कांग्रेस के साथ सत्ता की दूसरी पारी खेलने की कोशिश में है, तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चैदह साल का अपना राजनैतिक वनवास खत्म करने के लिए और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की लड़ाई दोबारा सत्ता हासिल करने की है।
इससे पहले प्रचार के अन्तिम दिन गुरूवार को सभी दलों के नेताओं ने ताबड़तोड़ चुनाव रैलियों को सम्बोधित किया। केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मथुरा, हाथरस और गौतम बुद्धनगर में चुनावी रैली को संबोधित किया, तो केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने आगरा, मैनपुरी और फर्रुख़ाबाद में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में वोट मांगे। वहीं राहुल गांधी ने अलीगढ़ और अखिलेश यादव ने छाता, टुंडला और फ़िरोज़ाबाद में चुनावी रैलियों को संबोधित किया।
देखा जाए तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश का अधिकतर इलाका जाट और मुस्लिम बाहुल्य है और इन इलाकों में यही मतदान का रुख भी तय करते हैं। मेरठ, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर के इलाके के मुस्लिमों में सपा-कांग्रेस के पक्ष में झुकाव दिख रहा है, लेकिन चुनाव से दो दिन पहले आए फतवे से इसमें कुछ बदलाव आ सकता है.पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर से लेकर मेरठ तक की बेल्ट जाट बाहुल्य मतदाताओं की है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में जाटों ने बीजेपी को वोट दिया था, उसका फायदा भी भाजपा को मिला था। वहीं इस बार भी भाजपा जाटों को मनाने में कसर नहीं छोड़ रही है। बुधवार को ही पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने जाट नेताओं को समझाने की कोशिश की है। वहीं राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) अध्यक्ष अजित सिंह भी अपने वोट बैंक जाटों को रिझाने की कोशिश में जुटे रहे। दरअसल जाटों के वोट करने का पैटर्न भी बताता है कि एक बार वह अजित सिंह को वोट देते हैं और अगली बार अंगूठा दिखा देते हैं।पहले चरण के चुनावों में शामली की थाना भवन सीट से भाजपा के सुरेश राणा और मेरठ की सरधना सीट से संगीत सोम को इस बार कड़ी चुनौती मिल रही है। रालोद ने दोनों सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं, तो सपा ने अपने दोनों उम्मीदवार जाट बिरादरी के उतार दिए हैं। ऐसे में भाजपा पूरी कोशिश में लगी है कि विरोधियों की यह रणनीति उसके गढ़ में सेंध लगाने में सफल नहीं हो।
इसके अलावा गौतमबुद्धनगर की नोएडा सीट से गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। वैसे तो यह सीट भाजपा का गढ़ रही है ।करीब सवा पांच लाख वोटरों वाली इस सीट पर पंकज का मुकाबला सपा-कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार सुनील चैधरी से है। वहीं ब्राह्मण बहुल इस सीट पर बसपा के उम्मीदवार रविकांत मिश्रा जातीय समीकरणों के आधार पर जीत हासिल की जुगत में हैं।
प्रथम चरण-15 जिलों के 73 सीटों पर 11 फरवरी को मतदान
शामली जिला के विधानसभा क्षेत्र- कैराना, थाना भवन, शामली।
मुजफ्फरनगर- बदायूं, चरथावल, पुरकाजी, मुजफ्फरनगर, खतौली, मीरपुर।
बागपत- छपरौली, बड़ौत, बागपत।
मेरठ-सिवलखास, सरधाना, हस्तिनापुर, किठोर, मेरठ कैंट, मेरठ और मेरठ दक्षिण।
गजियाबाद- लोनी, मुरादनगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदी नगर।
गौतमबुद्धनगर- नोएडा, दादरी, जेवर।
हापुड़- हापुड़, गढ़मुक्तेश्वर, धोलना।
बुलंदशहर- सिकंदराबाद, बुलंदशहर, स्याना, अनूपशहर, डिबोई, शिकारपुर, खुर्जा।
अलीगढ़- खैर, बरौली, अतरौली, छारा, कौली, अलीगढ़, इगलास।
मथुरा- छाता, मंत, गोवर्धन, मथुरा, बलदेव।
हाथरस- हाथरस, सदाबाद, सिंकदरा राव।
आगरा- एतमादपुर, आगरा कैन्ट, आगरा साउथ, आगरा नार्थ, आगरा ग्रामीण,फतेहपुर सीकरी, खेरागढ़ फतेहाबाद और बाह।
फिरोजाबाद- टूंडला, जसरना, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, सिरसागंज।
एटा- अलीगंज, एटा, मरहारा जलेसर।
कासगंज- अमनपुर, कासगंज, पटियाली।
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