
उधमसिंह नगर- बाढ़ चैकियों में जरूरी उपकरणों और कार्मिकों की नियुक्ति करने के साथ खतरे की जद में आने वाले भवनों का चिन्हिकरण करना सुनिश्चित करें। यह बात मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जिलाधिकारियों को वीसी के माध्यम से कही। उन्होंने कहा कि बाढ़ राहत एवं अन्य राहत शिविरों में नोडल अधिकारी की नियुक्ति के साथ खाद्य सामग्री, पेयजल, जीवन रक्षक दवायें आदि जरूरी सामग्री रखें। उन्होंने कहा कि राहत शिविरों, क्रिनिक जोनों पर मोबाइल नम्बरों को अंकित कर साईनबोर्ड स्थापित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सस्ते गल्ले की दुकानों में तीन माह का राशन उपलब्ध कराने के साथ केरोसीन भी वितरण करें। उन्होने कहा सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानो पर पहुंचने वाले राशन की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जाए। उन्होंने घटना के वक्त रिस्पोन्स टाइम पर जोर देते हुए कहा कि घटना स्थल तक पहुॅचने का समय कम से कम हो सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि नगरों को साफ, सुन्दर बनाने के लिए अतिक्रमण पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा आपदा के समय दूरसंचार की सेवाएं किसी भी दशा मे रूकने न पाये। इसके लिए सभी जिलाधिकारी अभी से कोई रणनीति तैयार कर ले। उन्होने कहा थानों, तहसीलों में रखे आपदा बचाव उपकरणों का सत्यापन करने, अधिकारियों के साथ कोर्डिनेशन बैठक करने, सभी तहसीलों हेतु अच्छी क्वालिटी के ड्रोन खरीदने, बेहतर संचार सुविधा हेतु रिपिटर की मांग करने, सड़क बंद होने की स्थिति में वैकल्पिक मार्गाें का चयन करने, हैलीपैड़ों की स्थिति सही रखने के साथ मुख्यालय सहित सभी तहसीलों में स्थापित कन्ट्रोल रूमों में विभिन्न मोबाइल कंपनियों के मोबाइल नम्बर रखते हुए उनको विभिन्न साईनबोर्ड़ो के माध्यम से प्रदर्शित करने के निर्देश अधिकारियों कों दिये। श्री रावत ने सभी जिलाधिकारियो को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद मे किसी स्थान पर 05 साल की कार्ययोजना लेकर वृक्षारोपण, जल संरक्षण एवं जल संवर्द्धन के कार्य किये जाए ताकि हर जिले मे एक माॅडल तैयार हो सके। उन्होने कहा इस कार्य की जिलाधिकारी स्वयं माॅनिटरिंग करें। उन्होने कहा इस कार्य मे क्षेत्र के विशेषज्ञो के भी अनुभव सांझा किये जाए। उन्होने कहा वृक्षारोपण के कार्याे मे अधिक से अधिक जनसहभागिता कराई जाए।
जिलाधिकारी डा0 नीरज खैरवाल ने बताया कि जनपद में 35 बाढ चैकियां बनाई गई है जो 15 जून से नियमित रूप से कार्य करना शुरू कर देंगी। उन्होने बताया बाढ के समय लोगो को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से 157 आश्रम स्थल चिन्हित किये गये है साथ ही बाढ सम्भावित क्षेत्रो मे 15 जून से पहले गेहूं, चावल, कैरोसीन, औषधी, पशु औषधी पर्याप्त मात्रा मे पहुंचा दी जायेगी। उन्होने कहा सभी बाढ चैकियो मे वायरलैस सैट स्थापित किये जायेंगे। उन्होने कहा बाढ चैकियो मे सिंचाई आदि विभागो के अधिकारियो/कर्मचारियो के साथ गन्ना विभाग के कर्मचारियो को भी ड्यूटी मे तैनात किया जायेगा। जिलाधिकारी ने बताया हरेला को देखते हुए इस सीजन मे 1 लाख 50 हजार से अधिक वृक्ष लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होने कहा इन वृक्षो को एनएच व लोनिवि के स्टेट हाईवे के साथ-साथ नदियो के किनारे लगाने का प्राविधान रखा गया है।
विडियो कांफ्रेस मे एसएसपी डा0 सदानन्द दाते, अपर जिलाधिकारी प्रताप सिंह शाह, डीएफओ कल्याणी व एनएम त्रिपाठी, सीएमओ डा0 शैलजा भट्, डीएसओ श्याम आर्य, एसई दीप चन्द्र पाण्डे व जीसी विश्वकर्मा, एके गोयल, अधि0 अभि0 संजय राज, एमके टम्टा, एनआर आर्य, जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी डा0 अनिल शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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