
वाराणसी | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में कहा कि देश और प्रदेश की डबल इंजन की सरकार यूपी के विकास के लिए पूरी शक्ति के साथ काम करती रहेगी। हम विकास के नए-नए रिकॉर्ड बनाते रहेंगे। बिना नाम लिए विपक्ष पर खासे हमलावर पीएम ने कहा कि प्रदेश को दशकों पीछे धकेलने वालों के शब्दकोश में सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास है ही नहीं। उनके शब्दकोश व सिलेबस में माफियावाद, परिवारवाद और घर-जमीनों पर अवैध कब्जा है। वह तो जाति-संप्रदाय का चश्मा लगाए हुए हैं, भला उन्हें विकास कैसे दिखेगा। यूपी की जनता यह फर्क समझ रही है कि पहले की सरकारों से क्या मिला और अब क्या मिल रहा है।
पीएम मोदी ने मुख्यालय से 27 किमी दूर पिंडरा विधानसभा क्षेत्र के करखियांव में अमूल डेयरी प्लांट के शिलान्यास समेत लगभग 21 सौ करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके बाद किसानों की सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हम विरासत को बचाते हुए विकास कर रहे हैं जबकि विपक्षियों को यह पसंद नहीं आ रहा है। उन्हें पूर्वांचल का विकास, बाबा विश्वनाथ धाम का भी काम पच नहीं रहा है। उन्होंने चुटकी ली कि केंद्र और प्रदेश सरकार के साथ जनता का ज्यों-ज्यों समर्थन बढ़ता जाएगा, विपक्षियों का गुस्सा सातवें आसमान पर दिखाई देगा।
बनास काशी संकुल के रूप में अमूल डेयरी प्लांट को बनारस और आसपास के जिलों के लिए उपयोगी बताते हुए पीएम ने कहा कि आज पशुपालकों व किसानों के बीच नई साझेदारी शुरू हुई है। यह सरकार व सहकार का भी प्रतीक है। यह इस क्षेत्र में श्वेत क्रांति की शुरुआत करेगा। पीएम ने बनास डेयरी से जुड़े प्रदेश के 1 लाख 70 हजार 176 पशुपालको के खातों में 35 करोड़ रुपये के रूप में लाभांश बोनस का डिजिटल अंतरण भी किया। बोले, केंद सरकार के लिए डेयरी सेक्टर का विकास प्राथमिकता है। इससे छोटे किसानों की अतिरिक्त आय होगी। महिलाओं के स्वावलंबन व आत्मनिर्भरता में मदद मिलेगी। डेयरी उत्पादों की विश्व बाजार में पैठ बढ़ेगी। साथ ही पशुधन जैविक, प्राकृतिक खेती का आधार भी बनेगा। लोकार्पित बायोगैस आधारित ऊर्जा संयंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों, पशुपालकों को दूध के साथ गोबर से भी आय होगी।
प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक खेती पर विशेष जोर देते हुए कहा कि धरती के कायाकल्प और मिट्टी की सेहत के साथ ही भावी पीढ़ी के लिए हमें फिर से प्राकृतिक खेती की ओर मुड़ना ही होगा। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष एवं किसान दिवस के रूप में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती को याद करते हुए पीएम ने देश के किसानों से प्राकृतिक खेती से जुड़ने का आह्वान किया। बोले, यह खेती का सबसे सुरक्षित व सस्ता तरीका है। यह आत्मनिर्भर बनाने में मददगार साबित होगा। युवाओं का भी आह्वान किया कि इस क्षेत्र में नई संभावनाएं हैं। उन्हें इसका लाभ उठाना चाहिए।
प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश के 20 लाख से अधिक लोगों के लिए घरौनी (स्वामित्व प्रमाणपत्र ) का डिजिटल अंतरण करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे गरीब, दलित, वंचित लोगों को अब अपने घर-जमीन पर अवैध कब्जे की चिंता से मुक्ति मिलेगी। बैंक लोन लेने में आसानी होगी, गांवों के युवाओं को भी नए अवसर मिलेंगे। वाराणसी के लिए लोकार्पित व शिलान्यास की गई 27 परियोजनाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि काशी देश में विकास का मॉडल बनती जा रही है। पुरातनता को बनाए रखते हुए नूतन काया को कैसे प्राप्त किया जा सकता है, यह उसका उदाहरण है। इन परियोजनाओं से भव्य काशी-दिव्य काशी के अभियान को गति मिलेगी। इसके पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बनास डेयरी के अध्यक्ष शंकर भाई चौधरी ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने सभा से पहले विभिन्न योजनाओं के 22 लाभार्थियों से बातचीत भी की। घरौनी योजना के छह लाभार्थियों को अपने हाथों प्रमाणपत्र भी दिया।
https://rashtriyadinmaan.com
