नयी दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि आर्थिक सुधार समावेशी व व्यापक आधार वाले हों और उनका उद्देश्य आम लोगों के जीवन में सुधार लाना होना चािहये न कि केवल सुखिर्यां बटोरना।
वे यहां छठे दिल्ली आर्थिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विदेश में जमा काला धन वापस लाने की सरकार की कोशिशों के चलते 10,500 करोड़ रपए के कालेधन का पता चला है।
उन्होंने कहा ‘‘17 महीने पहले जब हमने सत्ता संभाली थी उसके मुकाबले भारत अब बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर बढ़ी है तथा मुद्रास्फीति घटी है। विदेशी निवेश बढ़ा है और चालू खाते का घाटा कम हुआ है। राजस्व बढ़ा है. ब्याज दरें घटी हैं। राजकोषीय घाटा कम हुआ है और रपया में स्थिरता है। निश्चित तौर पर यह इत्तफाक से नहीं हुआ . यह सोच-समझकर शुरू की गई नीतियों का नतीजा है।’’ आर्थिक मोर्चे पर उठाए गए अनेक कदमों का ज्रिक करते हुए मोदी ने कहा कि सरकार का जोर ‘समावेशी व व्यापक आधार वाले सुधारों’ को आगे बढाने पर है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह :सुधार प्रक्रिया: एक मैराथन दौड़ है, इसे फर्राटा नहीं मानना चाहिये।’’
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