गाजियाबाद में व्यावसायिक, औद्योगिक के साथ आवासीय संपत्तियों की बढ़ी मांग, जीडीए को 125 करोड़ की हुई आय


lucknow | कोरोना काल में व्यावसायिक, औद्योगिक के साथ आवासीय संपत्तियों की बढ़ी मांग रियल एस्टेट सेक्टर में मंदी के बादल छंटने की ओर इशारा कर रही है। बीते चार महीनों में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के साथ लोगों ने विभिन्न क्षेत्रों में बिल्डरों के प्रोजेक्ट में फ्लैटों की बंपर बुकिंग कराई है। कोरोना काल में जीडीए ने जुलाई से लेकर अक्तूबर तक 182 औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय संपत्तियां बेची हैं, जिससे प्राधिकरण को करीब 125 करोड़ की आय हुई है।

जीडीए ने 30 औद्योगिक, सात व्यावसायिक भूखंडों के साथ पहले आओ-पहले पाओ योजना के तहत 128 भवन और 15 आवासीय भूखंडों की बिक्री की है। संपत्तियों के खरीदारों के आगे आने के चलते जीडीए की ओर से अब हर सप्ताह शुक्रवार और शनिवार को नियमित नीलामी प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। लोगों के आगे आने से रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अच्छे संकेत मिल रहे हैं। सर्वाधिक औद्योगिक भूखंडों की नीलामी जीडीए ने दिल्ली से सटे इंद्रप्रस्थ योजना में की है। इसके अलावा जीडीए की मधुबन बापूधाम योजना, कोयल एंक्लेव, कर्पूरीपुरम, नंदग्राम व गोविंदपुरम योजना में संपत्तियों की बिक्री हुई है। इसके अलावा जीडीए ने संजयनगर, कविनगर, प्रताप विहार योजना चार सामुदायिक भवनों का लीज पर आवंटन कर करोड़ों की आय अर्जित की है। अब प्राधिकरण अन्य योजनाओं में भी औद्योगिक व व्यवसायिक भूखंड बेचने की योजना तैयार कर रहा है। प्राधिकरण की योजना अधिक से अधिक व्यावसायिक और औद्योगिक भूखंड बेच कर जीडीए की आय में इजाफा करने की है।
तीन माह में 4000 फ्लैटों की हुई बुकिंग
रियल एस्टेट सेक्टर के लिए कोरोना काल के बीते तीन माह राहत लेकर आए हैं। महानगर के राजनगर एक्सटेंशन, क्रॉसिंग रिपब्लिक, एनएच-9, दिल्ली-मेरठ हाईवे, इंदिरापुरम वसुंधरा सहित अन्य क्षेत्रों में बिल्डरों के विभिन्न प्रोजेक्टों में करीब 15,000 रेडी-टू-मूव और एक-दो साल में पजेशन वाले फ्लैट बनकर तैयार है। बीते अगस्त माह से अब तक लोगों ने करीब 4000 फ्लैटों की बुकिंग कराई है। इनमें अकेले अक्तूूबर में बुकिंग का आंकड़ा 2000 के आसपास है। नवरात्रों में करीब 850 फ्लैटों की बुकिंग हुई। लोगों का फ्लैट खरीदने के लिए आगे आना रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए अच्छे संकेत दिखा रहा है।
कोरोना ने नए विकल्प तलाशने को किया मजबूर
रियल स्टेट से जुड़े जानकारों की मानें तो कोरोना महामारी के दौरान हुए लॉकडाउन में बढ़ी संख्या में लोगों का रोजगार प्रभावित हुआ है। इसी के चलते लोग रोजगार के नए विकल्प तलाश रहे हैं। खुद का व्यवसाय शुरू करने के उद्देश्य से लोग नए भूखंडों की खरीदारी करने का मन बना रहे हैं। भूखंड औद्योगिक भूखंडों की खरीदारी में एक बात सामने आई है कि कई लोग मिलकर औद्योगिक भूखंड खरीदने को आगे आए हैं।


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