
लखनऊ. सूबे की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के सहयोगी दल के सांसद हरिवंश सिंह ने सूबे की कानून-व्यवस्था पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने जौनपुर से बीएसपी से सांसद हरिवंश सिंह धंनजय सिंह पर उनके ऊपर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया. सांसद हरिवंश सिंह ने धंनजय सिंह पर रासुका लगाने की मांग की. उन्होंने कहा कि सूबे में बाहर के राज्यों से कोई उद्योगपति उत्तर प्रदेश में आकर अपने बिज़नेस का विस्तार नहों करना चाहता, वह भी खासतौर से पूर्वांचल में. इसके लिए उन्होंने बीएसपी से सांसद और विधायक धंनजय सिंह व पूर्व मंत्री और सपा विधायक ललई यादव को जिम्मेदार बताया. सांसद ने धंनजय सिंह को केंद्र सरकार द्वारा दी गई सरकारी सुरक्षा भी वापस लिए जाने की मांग की. अपना दल के प्रतापगढ़ के सांसद हरिवंश सिंह गुरुवार को लखनऊ प्रेस क्लब में मीडिया से मुखातिब थे.
बीते हफ्ते जौनपुर ब्लाक प्रमुख के खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव के बाद भड़की हिंसा में सांसद हरिवंश सिंह और उनके बेटे पर जानलेवा हमला हुआ. इस हमले के बाद उनकी स्कार्पियो गाडी में आग लगा दी गई. सांसद ने इस घटना के लिए सीधे-सीधे सपा सरकार में मंत्री रहे शैलेन्द्र यादव उर्फ़ ललई यादव, माफिया डॉन और बीएसपी से सांसद रहे धनंजय सिंह और एमएलसी ब्रिजेश सिंह उर्फ़ प्रिन्शु को जिम्मेदार बताया.
सांसद हरिवंश सिंह ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि उनकी पुत्रवधू जिला पंचायत सदस्य नीलम सिंह ने ब्लाक प्रमुख सरजू देवी के खिला अविश्वास प्रस्ताव लाया था, जिसके लिए 6 नवंबर को वोटिंग होनी थी. इसकी खबर मिलते ही धनंजय सिंह, ललई यादव और प्रिन्शु ने नौ बीडीसी सदस्यों को बंधक बना लिया. अविश्वास प्रस्ताव में गड़बड़ी की सूचना पाकर जब संसद हरिवंश अपने पुत्र रमेश सिंह और पुत्रवधू नीलम सिंह के साथ मतदान स्थल की और बढ़े तो पुलिस बैरीकेडिंग के पहले ही उन पर हमला कर दिया गया. इस दौरान उनकी फोर्च्युनर गाड़ी पर फायरिंग की गई. उस गाड़ी पर अभी गोलियों के निशान मौजूद हैं. सांसद का कहना है कि उन्होंने किसी तरह अपनी और परिवार के सदस्यों की जान बचाई. सांसद की गाड़ी के पीछे चल रही उनकी स्कार्पियो गाड़ी में साजिशन आग लगा दी गई.
सांसद का आरोप है कि इस दौरान सपा विधायक ललई यादव ललकारते रहे, “सबको खत्म कर दो, कोई बचने न पाए.” स्थिति बिगड़ते देख सांसद ने डीएम और एसपी जौनपुर को मोबाइल से सूचना दी, जिसके बाद दोनों अधिकार मय फ़ोर्स घटनास्थल पर पहुंचे. सांसद का कहना है कि उन्होंने डीएम से पहले ही अविश्वास प्रस्ताव के दौरान हिंसा की आशंका जता दी थी और बता दिया था कि धनंजय सिंह और ललई यादव अविश्वास प्रस्ताव को रोकने के लिए मौके पर करीब 500 लोगों के साथ वहां पहुंचकर हिंसा को अंजाम दे सकते हैं. इस पर डीएम ने एसपी को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे. फिर भी मौके पर कम पुलिस बल तैनात होने के चलते आरोपियों को हिंसा और जानलेवा हमला करने का मौका मिल गया.
सांसद ने बताया कि मौके पर गाड़ी से महिला बीडीसी को खींचने का प्रयास किया गया, जिसका वीडियो एक महला कांस्टेबल बना रही थी. धनंजय सिंह के गुर्गों ने यह देख उस महिला कांस्टेबल का मोबाइल छीन लिया और उसे भी किडनैप करने का प्रयास किया. मौके पर मौजूद एक महिला सब-इंस्पेक्टर ने अपनी सरकारी पिस्तौल निकालकर किसी तरह महिला कांस्टेबल की जान बचाई. सांसद का कहना है कि जब महिला बीडीसी और महिला कांस्टेबल सुरक्षित नहीं तो ऐसे में आम इंसान की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है. सांसद ने आरोप लगाया कि सूबे में निजाम तो बदल गया है लेकिन पुलिस अभी भी पहले की ही तरह लचर रवैया अपनाए हुए है,. उनका आरोप है कि अभी भी कुछ पुलिस अधिकारी सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं. सनास्द ने इस घटना के बाबत सीएम योगी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पाण्डेय से मुलाकात की है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर इस घटना से अवगत कराया है.
सांसद ने कहा कि विरोधी नहीं चाहते कि पूर्वांचल में विकास हो इसलिए वे उनका विरोध कर रहे हैं. सांसद हरिवंश सिंह ने बताया कि उन्होंने जौनपुर में मेगा फ़ूड पार्क का प्रताव केंद्र सरकार को भेजा था, जिसे मंजूरी मिल चुकी है और इसके चलते उनके विरोधी उनसे चिढ़े हुए हैं. वे नहीं चाहते कि पूर्वांचल में किसी तरह का औद्योगीकरण हो और यहां के लोगों को रोजगार मिले. उन्होंने आरोप लगाया कि धनंजय सिंह और ललई यादव जैसे माफियाओं के चलते ही पूर्वांचल में कोई उद्योगपति आना नहीं चाहता. उन्होंने बताया कि उन्होंने मुंबई में कई उद्योगपतियों से बात की लेकिन वे सभी गुजरात जाकर बिज़नेस तो करना चाहते हैं लेकिन इन माफियाओं के डर से यूपी आने को तैयार नहीं हैं. सांसद ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि धंनजय सिंह, ललई यादव और प्रिन्शु पर रासुका लगाकर उन्हें अविलम्ब गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए. बात दें कि सांसद की पुत्रवधू नीलम सिंह द्वारा बुलाई गई अविश्वास प्रस्ताव बैठक में 109 बीडीसी सदस्यों में से 67 बीडीसी ने हिस्सा लिया. इस बैठक में हुए मतदान के दौरान 66 बीडीसी सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में और एक बीडीसी ने ब्लॉक प्रमुख के पक्ष में वोट किया था. अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर ब्लॉक प्रमुख सरयू देवी की ब्लाक प्रमुख की कुर्सी छिन गई है और इसके लिए दुबारा मतदान के जरिये नया ब्लाक प्रमुख चुना जाएगा.
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