एल्गिन चरसड़ी तटबंध को लेकर सिंचाई मंत्री और प्रमुख सचिव में ठनी , भ्रष्टाचार का इल्जाम


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लखनऊ. एल्गिन चरसड़ी मुद्दे पर उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह और प्रमुख सचिव सिंचाई सुरेश चन्द्रा में ठन गई है. सिंचाई मंत्री का इल्जाम है कि पिछली सरकार में एल्गिन में 300 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ तो प्रमुख सचिव सिंचाई ने इस इल्जाम पर पलटवार करते हुए कहा कि जब एल्गिन पर खर्च ही 100 करोड़ रुपये हुए तो फिर 300 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार कहाँ से हो गया. सिंचाई मंत्री धर्मपाल ने एल्गिन तटबंध में 300 करोड़ के घोटाले का इल्जाम लगाकर उसकी जांच कराने की बात कही तो सुरेश चन्द्रा ने कहा है कि उनके पास एल्गिन तटबंध की मरम्मत पर खर्च हुई पाई-पाई का हिसाब है. वर्ष 2009 से अब तक इस पर 100 करोड़ रुपये खर्च किये गए हैं. जो चाहे इसकी जांच करा ले.

सुरेश चन्द्रा ही दरअसल अखिलेश यादव की सरकार में भी प्रमुख सचिव सिंचाई के पद पर थे. सिंचाई मंत्री धर्मपाल के आरोपों को उन्होंने खारिज कर दिया है. एल्गिन तटबंध आधा दर्जन से अधिक बार टूट चुका है. एल्गिन चरसड़ी तटबंध से किसानों की हज़ारों करोड़ रुपये की फसल बर्बाद हो चुकी है. अगस्त 2016 में एल्गिन चरसड़ी तटबंध एक किलोमीटर से अधिक टूटा था. 2017 में इसकी मरम्मत ही नहीं हुई. यही वजह है कि मानसून की पहली बारिश से ही इसका पानी दर्जनों गाँव में घुस गया.


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