नोटबंदी की वजह आर्थिक नहीं बल्कि राजनीतिक है—–कपिल सिब्बल


 

 

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लखनऊ: कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने नोटबंदी के मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर संसद के प्रति जवाबदेही से बचने का आरोप लगाते हुए आज कहा कि ‘देश के चौकीदार’ ने अपनी आंखें बंद कर ली हैं और आराम की नींद सो रहा है.

सिब्बल ने यहां से कहा, ‘‘जिस संसद में जमीन चूमकर सिर झुकाये मोदी ने प्रवेश किया था. आज उसी संसद में प्रधानमंत्री बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं. देश के चौकीदार ने अपनी आंखें बंद कर ली हैं. वो आराम की नींद सो रहा है जबकि गरीब आदमी जाग रहा है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘नोट काला नहीं होता. जो शख्स नोट को काला समझता है उसकी मंशा काली होती है. दरअसल काला तो लेनदेन होता है. प्रधानमंत्री को आर्थिक स्थिति की समझ नहीं है.

गरीब आदमी के हाथ में जो नोट है उसे ही काला बता दिया. लगाम लगानी है तो भ्रष्ट लेनदेन पर लगाम लगायी जाए.’’ सिब्बल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नोटबंदी का फैसला तो ले लिया लेकिन अब उन्हें पता नहीं कि आगे कैसे बढें. नोटबंदी की वजह आर्थिक नहीं बल्कि राजनीतिक है. केवल उत्तर प्रदेश का चुनाव जीतने के लिए यह सब कुछ किया जा रहा है. ‘‘ताकि एक धमाका हो और मोदी गरीबों के मसीहा बन जाएं.’’ उन्होंने कहा कि मोदी यह नहीं सोच पाये कि किसानों, मजदूरों, चाय बागान कामगारों की रोजी रोटी कैसे चलेगी. वह यह नहीं सोच पाये कि थोक और फुटकर बाजार कैसे चलेगा. ‘‘सब्जी वाला तो चेक से पैसे नहीं ले सकता. ट्रक चलाने वाला भी नहीं.’’

सिब्बल ने आंकड़े दिये कि देश की 125 करोड़ आबादी में 60 करोड़ लोगों के पास बैंक खाते नहीं हैं जबकि 32 करोड़ लोगों के बैंक खातों में बरसों से लेनदेन नहीं हुआ. ‘‘क्या उनके हाथ में काला धन है?’’ उन्होंने विदेश में जमा काले धन से जुड़े नामों का खुलासा करने की मांग करते हुए कहा कि जब सरकार के पास सूची है तो नामों को उजागर क्यों नहीं करती.


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