लखनऊ: प्रदेश सरकार ने लखनऊ मेट्रो रेल निगम (एलएमआरसी) को प्रदेश के चार प्रमुख शहरों यथा कानपुर, वाराणसी, मेरठ और आगरा में मेट्रो की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए ‘‘संयोजक‘‘ की जिम्मेदारी सौंपी है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए मैसर्स राइट्स, भारत सरकार के उपक्रम को नियुक्त किया गया है।
कानपुर मेट्रो रेल परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) आज औपचारिक रूप से मैसर्स राइट्स और एलएमआरसी द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन, को सौंपी गई। कानपुर में मेट्रो के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का कार्य मार्च, 2015 में शुरू किया गया था। एलएमआरसी स्तर पर कई बैठकें आयोजित की गई थी और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के दौरान लखनऊ मेट्रो द्वारा अत्यंत जरूरी तकनीकी सहायता प्रदान की गई थी।
कानपुर विकास प्राधिकरण, कानपुर मेट्रो के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार के कार्य में नोडल एजेंसी है। कानपुर आयुक्त और कानपुर विकास प्राधिकरण की टीम के समक्ष प्रस्तुतियां विभिन्न चरणो में प्रस्तुत की गई थी और निर्णय लिए गए थे। यह लखनऊ मेट्रो रेल निगम और कानपुर विकास प्राधिकरण की टीम के अथक प्रयासों का ही नतीजा था कि यह विस्तृत परियोजना रिपोर्ट सिर्फ सात माह के रिकार्ड समय में तैयार की गई।
विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के लिए दो मार्ग शामिल किए गए हैं। पहला मार्ग आआईटी कानपुर से नोबस्ता तक है और इसकी लंबाई 23.785 किमी है जिसमें 15.164 किमी एलेवेटिड खंड और 8.621 किमी. अंडरग्राउंड खंड है। दूसरे मार्ग की लंबाई 8.6 किमी है, जो कृषि विश्वविद्यालय से बर्रा तक है और इसमें 4.8 किमी एलेवेटिड खंड है और 4.41 किमी अंडरग्राउंड खंड है।
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने इस अवसर पर कहा कि ‘‘यह वास्तव में सराहनीय है कि लखनऊ मेट्रो रेल निगम के समन्वय से मैसर्स राइट्स सिर्फ सात माह के रिकार्ड समय में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने और प्रस्तुत करने में समर्थ हुआ है। मैं इस रिपोर्ट को प्रस्तुत करने के लिए लखनऊ मेट्रो रेल निगम, मैसर्स राइट्स और कानपुर विकास प्राधिकरण के जोरदार प्रयासों की सराहना करता हूं।श्
विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के अनुसार, कानपुर मेट्रो रेल स्टैंडर्डगेज ट्रैक पर चलेगी और 23.785 किमी लंबे आईआईटी कानपुर-नौबस्ता मार्ग के लिए 2021 तक 16800 यात्रियों का पीक आॅवरपीक डायरेक्शन ट्रैफिक (पीएचपीडीटी) होगा।
प्रबंध निदेशक श्री कुमार केशव ने मेट्रा परियोजना के बारे में बताया कि ‘‘आईआईटी कानपुर-नौबस्ता मार्ग पर कुल 22 मेट्रो स्टेशन (14 एलेवेटिड; 8 अंडरग्राउंड) और कृषि विश्वविद्यालय-बर्रा-8 मार्ग पर 9 स्टेशन बनाने की योजना है।‘‘ उन्होंने आगे बताया कि ‘‘इसके अलावा, यह भी प्रस्ताव किया गया है कि कानपुर मेट्रो के अंतर्गत सभी स्टेशनों पर पार्किंग सुविधा, इसके यात्रियों के लिए फीडर बस सेवाएं, पब्लिक साइकिल शेयरिंग और पैदल यात्री सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी।‘‘ उन्होंने बताया कि आईआईटी कानुपर-नौबस्ता मार्ग के लिए पाॅलीटेक्नीक काॅलेज में एक अनुरक्षण डिपो बनाने का भी प्रस्ताव है और कृषि विश्वविद्यालय-बर्रा-8 मेट्रो मार्ग के लिए कृषि विश्वविद्यालय में डिपो बनाने की योजना बनाई गईहै।
कानपुर मेट्रो रेल, लखनऊ मेट्रो की तर्ज पर आॅप्टीकल फाइबर ट्रांसमिशन सिस्टम सहित एकीकृत प्रणाली के साथ उन्नत संचार पर आधारित रेल नियंत्रण प्रणाली (सीबीटीसी) पर चलाई जाएंगी। आईआईटी कानपुर-नौबस्ता मार्ग की कुल अनुमानित लागत करों और शुल्कों सहित अगस्त 2015 के मूल्यों पर 9840 करोड़ रु. और कृषि विश्वविद्यालय-बर्रा-8 मेट्रो मार्ग की कुल अनुमानित लागत करों और शुल्कों सहित अगस्त 2015 के मूल्यो पर 3881 करोड़ रु. आंकी गई है।
बैठक में प्रमुख सचिव आवास श्री सदाकान्त, सचिव आवास श्री पंधारी यादव, मण्डलायुक्त कानपुर मो0 इफ्तखारूद्दीन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
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