उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने निर्देश दिये हैं कि कानपुर नगरवासियों को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध कराने हेतु कानपुर मेट्रो का निर्माण कार्य आगामी वर्ष 2016 के जनवरी माह से अवश्य प्रारम्भ कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाये। उन्होंने बताया कि कानपुर नगर में मेट्रो लगभग 33 किलोमीटर में दो कारिडोर में बनाने का प्रस्ताव विचाराधीन है जिसमें प्रथम कारिडोर लगभग 24 किलोमीटर आईआईटी से कल्याणपुर, रावतपुर, मोतीझील, नवीन मार्केट, बड़ा चैराहा, फूलबाग, कानपुर सेन्ट्रल रेलवे स्टेशन, झकरकटी बस टर्मिनल होते हुए नौबस्ता तथा द्वितीय कारिडोर में लगभग 09 किलोमीटर कृषि विश्वविद्यालय से रावतपुर, काकादेव, विजयनगर चैराहा होते हुए बर्रा-8 तक का मार्ग चिन्हित किया गया है। उन्होंने लखनऊ मेट्रो के प्रबन्ध निदेशक को निर्देश दिये कि आम नागरिकों की यातायात की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए सर्वप्रथम आईआईटी कानपुर से झकरकटी बस स्टेशन तक निर्माण कार्य प्राथमिकता के साथ प्रारम्भ कराया जाये।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में कानपुर मेट्रो परियोजना की प्रस्तुतीकरण पर आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्हांेने कहा कि कानपुर मेट्रो के निर्माण एवं संचालन हेतु कानपुर मेट्रो रेल कारपोरेशन (केपीएमआरसी) का गठन नियमानुसार यथाशीघ्र आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता से पूर्ण करायी जाये। उन्होंने कानपुर नगरवासियों को यथाशीघ्र यातायात की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने हेतु कानपुर विकास प्राधिकरण एवं हाउसिंग बोर्ड सहित अन्य संस्थाओं को भी आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कानुपर मेट्रो इस प्रकार से प्लान की जाये कि आगामी 50 वर्ष तक बगैर किसी असुविधा के कानुपर शहर के यातायात को बेहतर सुविधा उपलब्ध हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि कानपुर मेट्रो के समस्त स्टेशनों पर साइकिल, स्कूटर, आटो कार और बसों के लिए समुचित पार्किंग की व्यवस्था अवश्य हो।
राइट्स लिमिटेड के समूह महाप्रबन्धक श्री पीयूष कंसल ने कानपुर मेट्रो परियोजना की विस्तृत परियोेजना रिपोर्ट का प्रस्तुतीकरण करते हुए बताया कि परियोजना रिपोर्ट कानपुर विकास प्राधिकरण एवं एलएमआरसी के सहयोग से तैयार की गई है और इस परियेाजना में लगभग 13 हजार 400 करोड़ रूपये का व्यय अनुमानित है। उन्होंने बताया कि कानपुर मेट्रो परियेाजना में प्रथम कारिडोर में 15 किलोमीटर उपरिगामी मार्ग में 14 मेट्रो स्टेशन और 09 किलोमीटर भूमिगत मार्ग में 08 स्टेशन होंगे। द्वितीय कारिडोर में 09 किलोमीटर में 4.50 किलोमीटर में 05 उपरिगामी मेट्रो स्टेशन और 4.50 किलोमीटर भूमिगत में 04 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं। उन्होंने प्रस्तुतीकरण में बताया कि सभी 32 मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों के लिए आने जाने और स्टेशन के अन्दर सभी समुचित व्यवस्थाएं प्रस्तावित की गई हैं। उन्होंने बताया कि कानपुर मेट्रो की ट्रेन, विद्युत प्रणाली एवं सिग्नल प्रणाली दुनिया की बेहतरीन तकनीकी के हिसाब से प्रस्तावित हैं। उन्होंने बताया कि कानपुर मेट्रो का किराया लखनऊ मेट्रो की तरह ही रहेगा। इस परियोजना से शहर को होने वाले फायदे का अनुमान लगाकर ये बताया गया कि परियोजना शहर के लिए बहुत ही आवश्यक है। उन्होंने बताया कि मेट्रो स्टेशनों को भारतीय रेल के सभी स्टेशनों और बस टर्मिनल के साथ एकीकरण का प्रस्ताव भी रिपोर्ट में दिया गया है।
बैठक में प्रमुख सचिव आवास श्री सदाकान्त, मण्डलायुक्त कानपुर श्री मो0 इफ्तखरूद्दीन, सचिव वित्त श्री मुकेश मित्तल, प्रबन्ध निदेशक लखनऊ मेट्रो श्री कुमार केशव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
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