लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने प्रदेश में निर्माणाधीन 100 से अधिक चिकित्सालयों के निर्माण में राजकीय निर्माण निगम द्वारा धीमी प्रगति से कार्य कराने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सख्त निर्देश दिए हैं कि आगामी 31 दिसम्बर, 2015 तक जनपद औरेय्या, कन्नौज, फैजाबाद (कुमारगंज), संतरविदास नगर में निर्माणाधीन चिकित्सालय भवनों का कार्य निर्धारित मानक एवं गुणवत्ता के साथ प्रत्येक दशा में पूर्ण कराकर क्रियाशील कराना होगा। उन्होंने आवास विकास परिषद को भी आवंटित ट्राॅमा सेण्टरों के निर्माण कार्य की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त करते हुये निर्देश दिये कि निर्धारित माइल स्टोन के अनुसार निर्माण कार्य पूर्ण न कराने वाले अधिकारियों को चिन्हित कर दण्डित करने के साथ-साथ निर्माण कार्यों में तेजी लायी जाये, ताकि निर्माणाधीन कार्य निर्धारित अवधि में अवश्य पूर्ण हो जायें। उन्होंने प्रदेश के जनपद मुख्यालयों को 04 लेन से जोड़ने के क्रम में जनपद श्रावस्ती, कौशाम्बी, कालपी (हमीरपुर), बदायूं, कुशीनगर, महोबा तथा मैनपुरी में निर्माणाधीन सड़कों का कार्य गुणवत्ता के साथ आगामी माह दिसम्बर, 2015 तक अवश्य पूर्ण कराकर इन सड़कों का लोकार्पण मुख्यमंत्री से समय लेकर कराया जाये। उन्होंने लखनऊ मेट्रो को 150 एकड़ जमीन आवंटित करने के निर्देश दिये, ताकि उक्त जमीन को लखनऊ मेट्रो द्वारा कामर्शियल प्रयोग हेतु विकसित किया जा सके।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में प्रोजेक्ट माॅनीटरिंग ग्रुप की बैठक लोक निर्माण विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा लखनऊ मेट्रो परियोजना के प्रमुख लक्षित कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। श्री रंजन ने लखनऊ मेट्रो कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुये निर्देश दिये कि मेट्रो संचालन हेतु निर्मित पिलरों (खम्भों) के मध्य ग्रीन बेल्ट विकसित किया जाये, ताकि लखनऊ शहर की सुन्दरता और अधिक बढ़ सके।
प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री अरविन्द कुमार ने बताया कि प्रदेश में निर्माणाधीन 35 ट्राॅमा सेण्टरों में से 16 राजकीय निर्माण निगम को, 07 आवास विकास परिषद को, 01 पैकफेड को, 07 पी0सी0एफ0 तथा 04 सी0डी0एस0 को आवंटित किया गया है। उन्होंने बताया कि राजकीय निर्माण निगम को आवंटित मुजफ्फरनगर, कानपुर देहात, मिर्जापुर, हापुड़ व इलाहाबाद तथा आवास विकास परिषद को आवंटित सुल्तानपुर, खीरी, बिजनौर व उन्नाव में निर्मित ट्राॅमा सेण्टरों का निर्माण कार्य की भौतिक प्रगति धीमी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में निर्माणाधीन 100 शैयया चिकित्सालय के 17 भवनों में से राजकीय निर्माण को 12 भवन, सी0डी0एस0 को 04 एवं आवास विकास परिषद को 01 भवन निर्माण कराने हेतु आवंटित किये गये थे। राजकीय निर्माण विभाग को आवंटित भवनों में से तरवां आजमगढ़, सम्भल मुरादाबाद, बागपत, कुमारगंज फैजाबाद, संतरविदास नगर, अतरौली, अलीगढ़, छिबरामऊ कन्नौज व हापुड़ के 08 चिकित्सालय भवनों के निर्माण कार्य में भौतिक प्रगति धीमी है, जिनमें गति लाने की आवश्यकता है।
प्रमुख सचिव आवास श्री सदाकांत ने बताया कि लखनऊ मेट्रो चारबाग से के0डी0सिंह बाबू स्टेडियम तक भूमिगत कार्य कराने हेतु टेण्डर निर्गत करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त टेली काॅम कम्यूनिकेशन का भी टेण्डर निर्गत करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि पाइल और पियर कैप का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण हो गया है, कुछ स्टेशनों पर पटरियां बिछाने वाली स्लेप भी डाली जा रही है।
बैठक में प्रमुख सचिव वित्त श्री राहुल भटनागर, सचिव मुख्यमंत्री श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
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