केजरीवाल ने कहा, दिल्ली एजुकेशन मॉडल ने रचा इतिहास, सरकारी स्कूलों के 98 प्रतिशत छात्र पास


उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल के 98 प्रतिशत और निजी स्कूल के 92 प्रतिशत बच्चे पास हुए हैं। पहली बार ऐसा हुआ है जब सरकारी स्कूल का परिणाम इतना शानदार रहा है।

केजरीवाल ने कहा, ‘एक वक्त था जब दिल्ली के सरकारी स्कूल की गणना खराब श्रेणी में होती थी किंतु अब बच्चों ने साबित कर दिया कि हम किसी से कम नहीं है और होशियारी पैसे की मोहताज नहीं होती है।’

उन्होंने कहा कि ‘हमारी सरकार ने सरकारी स्कूलों की सूरत ही बदल दी है।’  मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकारी स्कूलों के शिक्षक निजी स्कूलों से किसी मायने में कम नहीं हैं।

सिसोदिया ने शिक्षा विभाग के कामकाज गिनाने के बाद कहा कि दिल्ली सरकार के प्रतिभा विद्यालयों में परिणाम 99.92 प्रतिशत  रहा है।

उन्होंने बताया 916 सरकारी स्कूलों में से 897 स्कूल में 90 फीसदी से ज्यादा छात्र पास हुए हैं। इस बार 396 स्कूल का परिणाम शत-प्रतिशत रहा। पिछले साल यह संख्या 203 थी। साध्य  कक्षाओं का परिणाम पिछले साल 89.67 प्रतिशत था, वह इस वर्ष  96.59 प्रतिशत पर पहुंच गया है। दिल्ली शिक्षा  का गुणवत्ता सूचकांक 2018 में 291 था यह 2019 में 306 और इस मर्तबा 341 पर पहुंच गया है।


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