
विश्वेश्वरैया की जयंती के उपलक्ष्य में शुक्रवार को यहां आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर अभियंता चाह लें तो किसी ठेकेदार की हिम्मत नहीं होगी किसी तरह का भ्रष्टाचार या अनियमितता बरतने की। श्री मौर्य के पास लोक निर्माण विभाग भी है। श्री मौर्य ने सवाल उठाया कि प्रदेश में बाढ़ हर साल क्यों आती है? क्योंकि नदियों की सिल्ट की सफाई नहीं करवाई जाती। जैसी सड़कें बननी चाहिएं वैसी सड़कें भी नहीं बन पा रही हैं।उन्होंने कहा कि प्रदेश की मौजूदा सरकार चाहती है कि जिस तरह से विकास कर्नाटक, आन्ध्र प्रदेश, महाराष्ट्र में हुआ है वैसा ही विकास उ.प्र. में हो और यह विकास बगैर अभियंताओं के योगदान के सम्भव ही नहीं है। श्री मौर्य ने कहा कि चाहे किसी भी राजनेता का दबाव हो, ठेकेदारों को अनुचित संरक्षण नहीं मिलेगा। ठेकेदारों को जनता का पैसा लूटने का मौका नहीं देंगे। ऐसो. के पदाधिकारियों की इस शिकायत पर कि विभागीय प्रमुख सचिव उनकी नहीं सुनते, श्री मौर्य ने जवाब दिया कि कोई भी ब्यूरोक्रेट किसी अच्छे काम को रोक नहीं सकता। उ.प्र.इंजीनियर्स एसो. के अध्यक्ष व प्रमुख अभियंता सिंचाई अजय कुमार सिंह ने इस अवसर पर सरकारी इंजीनियरों की कुछ सेवा सम्बंधी समस्याएं भी उठाईं।
एसो. के महासचिव एस.एस.निरंजन ने मांग की कि कर्नाटक, आन्ध्र प्रदेश, बिहार, म.प्र. आदि राज्यों की ही तरह उ.प्र. में भी विश्वेश्वरैया जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाया जाए। इस अवसर पर लोनिवि के विभागाध्यक्ष व प्रमुख अभियंता वी.के.सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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