
लखनऊ। अमेजन इंडिया ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के खादी एवं ग्राम उद्योग बोर्ड के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए। गोमती नगर स्थित एक होटल में यूपी खादी एवं ग्राम उद्योग मंत्री सत्यदेव पचैरी,मुख्य सचिव खादी नवनीत सहगल और अमेजन इंडिया में बिक्री सेवाओं के निदेशक एवं महाप्रबंधक गोपाल पिल्लई के बीच एमओयू साइन किया गया। यूपी इन्वेस्टर समिट के ठीक पहले हुए इस समझौते को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस पहल पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार में खादी एवं ग्राम उद्योग के मंत्री सत्यदेव पचैरी ने कहा, ‘‘खादी भारत की पहचान है, जिसे विगत कुछ वर्षों में ग्राहकों से नई स्वीकार्यता मिली है। ऐसे कई बुनकर और कारीगर हैं, जो अपनी कुशलता से खादी को जीवंत करते हैं। हम मानते हैं कि इन कलाकारों के लिये ई-काॅमर्स सर्वश्रेष्ठ तरीका है, ताकि वह देश और विदेश में ग्राहकों तक पहुँच सकें। हम इन कारीगरों की डिजिटल यात्रा में अमेजन के साथ भागीदारी कर प्रसन्न हैं, इससे उनकी पहुँच बढ़ेगी और रोजगार निर्मित होगा। आॅनलाइन वाणिज्य क्षेत्र का यह उपक्रम सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’ पहल को सहयोग देता है और हम इस यात्रा में अमेजन को सहयोग प्रदान करते रहेंगे।’’ इस समझौते के तहत अमेजन इंडिया गांवों में रहने वाले खादी कारीगरों को देशभर में खादी के ग्राहकों को सीधे अपने उत्पाद बेचने के लिए शिक्षित एवं प्रशिक्षित कर सक्षम बनायेगा।
आॅनलाइन उत्पादों की सूची में खादी के शर्ट, कुर्ते, धोती, टाॅवेल और स्वादिष्ट व्यंजन होंगे। जिनकी शहरों में भारी मांग व सामथ्र्य है। उत्तर प्रदेश की लगभग 80 प्रतिशत ग्रामीण आबादी कृषि पर निर्भर है, जिनके लिये खादी आय बढ़ाने का एक अन्य स्रोत बन सकता है, क्योंकि इसमें उपलब्ध कच्चे माल का उपयोग होगा। अपनी योजना के हिस्से के तौर पर अमेजन इंडिया ने खादी बोर्ड के साथ मिलकर अक्टूबर 2017 से कार्यशालाओं का आयोजन शुरू किया था, ताकि खादी सोसायटी और ग्राम उद्योगों को शिक्षित किया जा सके। यह कार्यशालाएं कानपुर, वाराणसी, गाजियाबाद और लखनऊ में आयोजित हुईं, जिनमें ई-मार्केटिंग और आॅनलाइन बिक्री का प्रशिक्षण दिया गया। अमेजन इंडिया ने लगभग 150 सोसायटी के लिये कार्यशालाओं का आयोजन किया और कारीगरों को बाजार में प्रवेश दिया। इस भागीदारी के जरिये कई ग्रामीण कारीगरों को प्रभावित करने वाली 8 खादी सोसायटी वर्तमान में अमेजन पर सक्रिय हैं और 400 से अधिक उत्पाद प्रदर्शित कर रही हैं।
इस भागीदारी के विषय में उत्तर प्रदेश सरकार के खादी एवं ग्राम उद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और आईएएस अविनाश कृष्ण सिंह ने कहा, ‘‘खादी आधुनिक ग्राहकों के बीच लोकप्रिय हो रही है, इसलिये उनकी बदलती प्राथमिकताओं को समझना महत्वपूर्ण है। ई-काॅमर्स से उत्पादों में सुधार के लिये मदद मिलेगी। अमेजन इंडिया के साथ इस भागीदारी के जरिये हम इन खादी सोसायटी और ग्राम उद्योगों को अधिकतम अवसर प्रदान करना चाहते हैं और उनकी वृद्धि में सहयोग देना चाहते हैं।’
’उत्तर प्रदेश सरकार के खादी एवं ग्राम उद्योग के प्रधान सचिव नवनीत सहगल ने कहा, ‘‘इस भागीदारी से हमारे उत्पादों को बड़ा ग्राहक आधार मिलेगा और बिक्री बढ़ेगी, जिससे हमारे ग्रामीण कारीगर प्रोत्साहित होंगे। अपने समृद्ध अनुभव और ग्राहकों की गहन समझ से अमजेन इंडिया इन प्रतिभावान कारीगरों और बुनकरों के जीवन में परिवर्तन ला सकता है, ताकि वह बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था से लाभान्वित हो सकें।’’अमेजन इंडिया में बिक्री सेवाओं के निदेशक एवं महाप्रबंधक गोपाल पिल्लई ने कहा, ‘‘भारत में खरीदी और बिक्री के तरीको के बदलने के हमारे दृष्टिकोण के अनुसार अमेजन इंडिया ने अधिक से अधिक विक्रेताओं, बुनकरों और कलाकारों को आॅनलाइन बिक्री अपनाने और लाभ कमाने के लिये प्रेरित किया है। विगत कुछ वर्षों में बढ़ी खादी की मांग की पूर्ति करने के लिये हम उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्राम उद्योग बोर्ड के साथ भागीदारी कर प्रसन्न हैं और इन उत्पादों को अमेजन के लाखों ग्राहकों तक ले जाएंगे।
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