
सबसे वीवीआईपी इलाके में यह घटना जहां पर हुई, वहां से चंद कदम पर कानून मंत्री बृजेश पाठक का घर, कुछ देरी पर मुख्यमंत्री आवास और राजभवन है। यही वजह है कि सरेआम हुई इस घटना से पूरे पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया। कुछ देर में ही डीजीपी ओपी सिंह, एडीजी कानून व्यवस्था आनन्द कुमार, एडीजी राजीव कृष्ण, एसएसपी कलानिधि नैथानी समेत कई पुलिस अधिकारी वहां पहुंच गये। बैंक के अधिकारियों के मुताबिक शहर के बड़े व्यापारियों का रुपया जमा करने के लिये सिक्योरिटी इंडिया प्रा. लि. (एसआईपीएल) से अनुबंध कर रखा है। इस कम्पनी की कैश वैन से ही बैंक का रुपया जमा होता है।
वैन के ड्राइवर राम सेवक के मुताबिक उसने रोजाना की तरह वैन दूसरी तरफ खड़ी की थी। गार्ड इन्द्रमोहन सिंह व कस्टोडियन उमेश कुमार एक बैग लेकर बैंक के अंदर गये। फिर वह बाहर आये और दो बैग लेकर फिर बैंक की तरफ जाने लगे। तभी उसने देखा कि एक युवक वैन के अंदर आने का प्रयास कर रहा है। उसने विरोध किया तो युवक ने इन्द्रमोहन की तरफ दौड़ कर दोनों बैग छीन लिए।
इन्द्रमोहन ने विरोध किया तो उसने पहले पैर में गोली मारी, फिर ताबड़तोड़ चार-पांच गोली चला दी। इस फायरिंग में इन्द्रमोहन के दो गोली लगी और एक गोली उमेश के लगी। रामसेवक के पेट पर छर्रे लगे। रामसेवक ने बताया कि उसने साहस कर बदमाश से एक बैग छीन लिया लेकिन उसे गोली चलाते देख वह ज्यादा नहीं भिड़ सका और एक बैग लेकर वह बैंक के अंदर भाग गया। अफसरों के साथ वह बाहर आया तो देखा कि इन्द्रमोहन व उमेश लहूलुहान गिरे पड़े हैं।
फायरिंग से वहां दहशत फैल गई थी। राहगीर भी इधर-उधर भाग लिये थे। अफरातफरी के बीच दोनों घायलों को सिविल अस्पताल ले जाया गया जहां कुछ देर बाद ही इन्द्रमोहन की मौत हो गई जबकि उमेश को ट्रॉमा भेज दिया गया।
बदमाश जो बैग लूट ले गये, उसमें करीब 20 लाख रुपये बताये जा रहे हैं। हालांकि बैंक के अधिकारी इस बारे में कुछ नहीं बोल रहे हैं। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि ये लोग रोजाना व्यापारियों का रुपया लाकर बैंक में जमा करते थे। अनुमान के आधार पर लूटी गई रकम 20 लाख बतायी जा रही है। पर, बैंक मैनेजर ने मिलान करने के बाद वास्तविक रकम बताने को कहा है।
पुलिस ने बैंक और हजरतगंज चौराहे से लेकर बंदरियाबाग चौराहे के बीच लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें कुछ लोग संदिग्ध दिखे हैं। इनके बारे में पड़ताल की जा रही है।
बदमाश अपाचे बाइक से आये थे। इस पर जो नम्बर पड़ा था, वह स्कूटी का निकला। माना जा रहा है कि यह बाइक चोरी की है।
डीजीपी ओपी सिंह ने लखनऊ के हजरतगंज में एक्सिस बैंक के सामने हुई हत्या व लूट की घटना का खुलासा कर अभियुक्तों की गिरफ्तारी में एसटीएफ भी लगा दिया है। साथ ही बार्डर के सभी जिलों को नाकाबंदी करके सघन चेकिंग करने के निर्देश दिए हैं।
यह निर्देश उन्होंने एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमार के साथ घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद दिए। डीजीपी के निर्देश पर लखनऊ जिले की 6 पुलिस टीमों को भी घटना के खुलासे एवं गिरफ्तारी के लिए लगाया गया है। डीजीपी ने पिछले 10 वर्षों में हुई लूट की घटनाओं (मुख्यतः कैश वैन लूट) में सामने आए अभियुक्तों की धरपकड़ के निर्देश भी दिए हैं। उधर बताया जा रहा है कि लखनऊ पुलिस को इस घटना में अहम सुराग मिले हैं। जल्ह ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
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