लखनऊ विकास प्राधिकरण , में शमन एवं कम्प्लीशन सर्टिफिकेट के आवेदनों का होगा डिजिटाइजेशन

लखनऊ | लखनऊ विकास प्राधिकरण में शमन मानचित्र और कम्प्लीशन सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करने आने वाले लोगों को अब चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने इसके लिए नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत शमन एवं कम्प्लीशन सर्टिफिकेट के आवेदन/पत्रावलियां प्रवर्तन जोन में न जमा होकर सीधे शमन सेल में प्राप्त की जायेंगी, जिनका सेल में तैनात अधिकारियों द्वारा समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जायेगा। शुक्रवार को प्राधिकरण भवन में शमन सेल के कार्यों के सम्बन्ध में हुई समीक्षा बैठक में उपाध्यक्ष ने इस बाबत आदेश जारी किए।
उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने सभी जोनल अधिकारियों को निर्देशित किया कि शमन मानचित्र व कम्प्लीशन सर्टिफिकेट के जितने भी आवेदन/पत्रावलियां जोनल अधिकारी/प्रवर्तन जोन कार्यालय में लम्बित हैं, उन्हें शमन सेल को एक सप्ताह में सौंप दिया जाए। उसके बाद कोई भी शमन एवं कम्प्लीशन प्रार्थना पत्र प्रवर्तन जोन में नहीं लिये जायेंगे। यह सीधे शमन सेल में प्राप्त किये जायेंगे। इस सम्बन्ध में सभी जोनल अधिकारियों को यह प्रमाण पत्र भी देना होगा कि समस्त पत्रावलियां शमन सेल को प्रेषित कर दी गयी हंै। उपाध्यक्ष ने अगली समीक्षा बैठक तक इस कार्य को पूरा किये जाने के निर्देश दिये।
बैठक में उपाध्यक्ष को यह अवगत कराया गया कि वर्तमान समय में शमन सेल में एक अधीक्षण अभियन्ता, एक सहायक अभियन्ता तथा 5 अवर अभियन्ता ही तैनात हैं और कार्यों को सुचारू रूप से करने के लिए अतिरिक्त अभियन्ताओं और कर्मचारियों की आवश्यकता है। इस पर उपाध्यक्ष ने 2 अतिरिक्त अवर अभियन्ता, 14 सुपरवाईजर, 2 लिपिक, 2 आपरेटर एवं 1 अनुभाग अधिकारी को शमन सेल में तैनात किए जाने के सम्बन्ध में अधिष्ठान अनुभाग को निर्देशित किया। उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि शमन मानचित्र एवं कम्प्लीशन सर्टिफिकेट के आवेदन पत्रों के त्वरित निस्तारण व मानीटरिंग के लिए सम्बन्धित दस्तावेजों का डिजिटाइजेशन कराया जाएगा। इसके लिए उन्होंने प्रोग्रामर एनालिस्ट राघवेन्द्र मिश्रा को प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिये हैं। बैठक में अधीक्षण अभियन्ता जहीरूद्दीन, प्रोग्रामर एनालिस्ट राघवेन्द्र मिश्रा समेत सभी जोनल/प्रवर्तन अधिकारी उपस्थित रहे।
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