महा-हड़ताल ने दी सरकार को 2100 करोड़ की चपत,दूसरे दिन भी 7500 राजकीय कार्यालयों में नही हुआ कोई काम


राजधानी के बेसिक शिक्षा कार्यालय में पुलिस और हड़तालियों के बीच झडप

लखनऊ । कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी-पुरानी पेंशन बहाली मंच के आह्वान पर 06 फरवरी से जारी प्रदेश व्यापी महा-हडताल का दूसरे दिन भी प्रदेश के समस्त जनपदों में जोरदार असर देखा गया। हड़ताल के दूसरे दिन भी प्रदेश के 7500 कार्यालयों में बंदी रही। जनपद मुख्यालयों एवं राजधानी में हड़ताल की मानीटरिंग करने वाली टीमों को अधिकाधिक कार्यालयों में मिला बंदी का नजारा। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी सरकार की चेतावनी और एस्मा की धमकी को दरकिनार कर पुरानी पेंशन के लिए एकजुट नजर आए। महाहड़ताल के चलते दो दिनों में लगभग 2100 करोड़ की राजस्व हानि हुई। मंच के नेताओं द्वारा राजधानी के शिक्षा भवन पर आमसभा के दौरान हड़तालियों के बीच झडप हो गई।
महाहड़ताल का असर दूसरे दिन भी राजधानी के मुख्य विभागों जैसे वाणिज्यकर, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई,आरटीओ, रजिस्ट्री, समाज कल्याण, उघान विभाग,अर्थ एवं संख्या,नियोजन,कृषि विपणन एवं विदेश, निबंधन, कोषागार, सिंचाई, आबकारी, श्रम, बाॅट मापतोल, मातृ शिशु कल्याण, शिक्षा विभाग, सूचना विभाग, डायट, कृषि, वित्तीय प्रबन्ध एवं प्रशिक्षण, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, राजस्व विभाग सहित अधिकाधिक विभागों मे पूर्णतः हड़ताल का असर दिखा।

महाहड़ताल की मानीटरिंग करने निकली टीम में प्रान्तीय नेतृत्व की तरफ से डा. दिनेश चन्द शर्मा, शिवबरन सिंह यादव, संजय सिंह, शिवषंकर पाण्डेय, निखिल शुक्ला, संतोष तिवारी, जी.एन. सिंह, दिवाकर राय, अमिता त्रिपाठी, इन्द्रासन ंिसंह संजीव गुप्ता, इं. जी.बी. पटेल, अविनाश चन्द्र श्रीवास्तव, सुभाष चन्द्र तिवारी, रामफेर पाण्डेय, त्रिलोक सिंह,अनुज कुमार शुक्ला, सरला वर्मा,भारत यादव, विरेन्द्र यादव, राम सुरेश सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, राजेश सिंह, सुनील यादव, जेपी तिवारी, दुधनाथ, सुरेश यादव, वन्दना सक्सेना, नीलम श्रीवास्तव आदि ने हड़ताल का जायजा लिया। मंच की तरफ से जानकारी देते हुए परिषद के संगठन मंत्री संजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रदेष के चन्दौली, सम्भल, गौतमबुद्धनगर,बरेली, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़,गोण्डा झाॅसी, बनारस, इलाहाबाद, गोरखपुर, बलिया, कानपुर, इटावा, एटा, कन्नौज, रायबरेली, गाजीपुर, कुशीनगर, मेरठ, प्रतापगढ़, आगरा, मथुरा, पीलीभीत, हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी, मुज्जफरनगर, अमेठी, अमरोहा, अलीगढ़,, बलरामपुर, सोनभद्र आदि समस्त जनपदों में हड़ताल में शामिल कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारियों ने आमसभा कर सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अब वार्ता नही समाधान चाहिए।

हड़ताली कर्मचारियों ने शिक्षा भवन पर की आमसभा
पुरानी पेंशन बहाली के लिए हड़ताल में शामिल विभिन्न घटक संघों के सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने शिक्षा भवन पर आमसभा कर इस हड़ताल के लिए सरकार को धेरते हुए कहा कि जब सरकार समिति बना चुकी थी तो उसे कोई ऐसा निर्णय लेना चाहिए था जिससे हड़ताल की नौबत न होगी। बी.एस. डोलिया की अध्यक्षता में हुई आम सभा में वक्ताओं ने कहा कि अगर सरकार के आला अफसरों और सरकार ने नियत साफ कर पुरानी पेंशन बहाली पर विचार किया होता तो आज यह नौबत नही आती। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर सरकार और उनके आला अफसरों की नियत साफ नही है। इसी कारण लाखों लाख कर्मचारी, षिक्षक और अधिकारी इस महाहड़ताल में बेझिझक अपनी आहूति दे रहा है।आईसीडीएस सुपर वाईजर एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष रेनु शुक्ला ने कहा कि अगर को अब पुरानी पेंशन मामले में अपना रूख स्पष्ट करना होगा। आमसभा का संचालन करते हुए मंच की नेता अमिता त्रिपाठी ने कहा कि पेंशन बहाली मंच का नेतृत्व पूरी ताकत से कर्मचारी शिक्षक और अधिकारियों के हक की लड़ाई लड़ रहा है। हमें जल्द सफलता हासिल करेगें।
8 फरवरी को उद्यान भवन पर एकत्र होगें हड़ताली

पुरानी पेंषन बहाली के लिए महाहड़ताल पर उतरे कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारियों का हड़ताल के तीसरे दिन 8 फरवरी को उद्यान भवन सपू्र मार्ग पर एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करेगें। मंच के मीडिया प्रभारी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि दो दिनों की हड़ताल से सरकार परेशान दिख रही है। इस आन्दोलन का असर है कि सरकार को पुरानी पेंशन के बारे में सोचना पड़ेगा। निर्णय कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारियों के पक्ष में आएगा।
इन विभागों को हुई राजस्व हानि
पहले दिन दूसरे दिन
आरटीओ- 150 करोड़ 150 करोड़ कुल 300 करोड़
रजिस्ट्री 300 करोड़ 450 करोड़ कुल 750 करोड़
आबकारी 120 करोड़ 160 करोड़ कुल 280 करोड़
वाणिज्यकर 190 करोड़ 200 करोड़ कुल 394 करोड़
अन्य संग्रह प्रतिष्ठान 150 करोड़ 210 करोड़ कुल 360 करोड़


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