ममता-केजरीवाल ने मोदी को घेरा, नोटबंदी के फैसले को तीन दिन के भीतर वापस लेने का अल्टीमेटम


 

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नई दिल्ली। नोटबंदी को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर चुन-चुनकर हमला बोला।  आप की आजादपुर मंडी हुई रैली में दोनों नेताओं ने सरकार पर नोटबंदी के फैसले की आड़ भ्रष्टाचार और घोटाले का आरोप लगाया। इसके बाद दोनों नेता आरबीआई दफ्तर के बाहर पहुंचे।

ममता ने पीएम मोदी को निशाने पर लेते हुए  नोटबंदी के फैसले को तीन दिन के भीतर वापस लेने का अल्टीमेटम दिया। ममता के बाद केजरीवाल ने माइक संभाला और पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने सरकार पर 8 लाख करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया। हालांकि अरविंद केजरीवाल के रैली में पहुंचने से पहले यहां जमकर हंगामा भी देखने को मिला। लोगों ने रैली का विरोध में काले झंडे दिखाए और मोदी जिंदाबाद के नारे लगाए।

ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ऐसा आपने कभी देश में देखा है? घर-घर में शोर है, हर आदमी रो रहा है। अच्छे दिनों का वादा कर लोगों को सरकार रुला रही है। नोटबंदी से सब्जी तक नहीं आ रही है, तो क्या लोग एटीएम खाएंगे।  आदमी सब्जी खायेगा या डायमंड और एटीएम? देश आगे बढ़ने की जगह पीछे जा रहा है। परसों बोला था 4500 रुपये और आज बोला 2000 रुपये। इसके दिमाग में क्या है? कभी कुछ, कभी कुछ बोलते हैं। क्या सोचते हैं कि सब जनता चोर है?

9 दिन में देश को 2 लाख 25 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है। सब बंद करके आप विदेश भाग जाओगे। हम तो नहीं भाग पाएंगे, हम यहां के हैं, हम देश में रहेंगे। सरकार तीन दिन में नोटबंदी खत्म करे। जितनी प्लानिंग करनी है कर लो, लेकिन याद रखो कि अगर तीन दिन के अंदर ये वापस नहीं हुआ तो ध्यान रखना हम भी यहीं हैं। हम भी फिर छोड़ने वाले नहीं हैं।

सरकार प्लास्टिक इकोनॉमी के नाम पर देश को बेचने में लगी है। हम डरते नहीं लड़ते हैं, चाहे तो जेल में डाल दो। पहले एक दिन तो जीने दो, फिर 50 दिन की बात करना। गरीब-मजदूर भूखे मर रहे हैं। लोगों को पीएम पर भरोसा नहीं है।  हम चुपचाप नहीं रहेंगे। सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है।

केजरीवाल का भाषण 

लोग भटक रहे हैं, बच्चों के लिए दूध-रोटी नहीं मिल रही। हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ लंबी लड़ाई की है। कांग्रेस के शासन में मैंने  एक बार 10 दिन और एक दिन 12 दिन का अनशन किया था। रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ आवाज उठाई थी। भ्रष्टाचार के खिलाफ भूखे लड़कर हमने जान की बाजी लगाई थी। जब-जब मोदी जी ने अच्छा काम किया हमने समर्थन किया। स्वच्छ भारत पर झाड़ू निकाल लिए थे, योगा डे पर हमने घरों के बाहर चटाई लगा दी थी। सर्जिकल स्ट्राइक पर हमने मोदी जी को वीडियो संदेश में बधाई दी थी।

आप कहते हो कि भ्रष्टाचार खत्म करेंगे। लेकिर 2000 के नोट से भ्रष्टाचार कैसे खत्म करोगे। 500 और 1000 के नोट खत्म करके भ्रष्टाचार कैसे खत्म होगा। और अब 2000 के नोट आ गए हैं। नोटबंदी की आड़ में घोटाला हो रहा है। दो-दो हजार के नोट खुलेआम बिक रहे हैं।

नोटबंदी से 8 लाख करोड़ का घोटाला हुआ। सरकार उद्योगपतियों के कर्ज माफ कर रही है। विजय माल्या को सरकार ने भगा दिया। माल्या को सरकार ने चुपके से लंदन भगा दिया। वित्त मंत्रालय के सबसे बड़े अधिकारी ने मुझे रिपोर्ट दी है जिसे पढ़कर मेरे रौंगटे खड़े हो गए।

रैली खत्म करके दोनों नेता आरबीआई दफ्तर के बाहर पहुंच गए। दोनों नेता दफ्तर के बाहर रखी कुर्सी पर बैठक गए। यहां आरबीआई के अधिकारी केजरीवाल और ममता से मिलने भी पहुंचे। इस दौरान केजरीवाल लाइन में आओ,  मोदी जिंदाबाद और केजरीवाल हाय- हाय के नारे लगाते बीजेपी कार्यकर्ता भी नजर आए।

ममता बनर्जी ने कहा कि हम लोग जानकारी के लिए आए हुए हैं। जितनी डिमांड है नोटों की उतना मिलना चाहिए। हम यहां पर डिस्टर्ब करने नहीं आए हैं।  दिल्ली के आरबीआई ऑफिस में हम पूछने आए हैं कि लिमिट घटाकर 2000 रुपये कर दी गई इसका मतलब है कि बैंक में नोट नहीं हैं। हम लोग इसी की जानकारी के लिए आए थे। हम लोग ये जानने आए थे कि 2000, 500, 100, 50, 20, 10 के कितने नोट छपे हैं। आरबीआई के अधिकारी ने बताया कि उन्हें कुछ नहीं पता है। सरकार ने देश में बैंकरप्सी की स्थिति पैदा कर दी है। ये सरकार की गलत नीति है। हमारा सुझाव है कि नॉर्मलसी पैदा की जाए। किसान की मजदूरी, मजदूर की मजदूरी, टैक्सपेयर को परेशानी हो रही है। बैंकरप्सी की स्थिति है। आरबीआई के ने रिजनल मैनेजर खुद आकर बताया कि उसके पास जानकारी नहीं है। अगर आरबीआई को पता नहीं होगा तो किसे पता होगा। जनता कहां जाएगी।


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