मनुष्य का कर्म हमेशा सकारात्मक दिशा में होना चाहिए: मुख्य सचिव


unnamedलखनऊ:   उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने कहा कि मनुष्य को सदैव अपने कर्म के प्रति पूर्ण ईमानदार होना चाहिए क्यांेकि कर्म ही इंसान को महान बनाता है। उन्होंने कहा कि आज की भाग-दौड़ (व्यस्ततम्) जिन्दगी में मनुष्य के पास ईश्वर को भी याद करने का वक्त नहीं है ऐसे में हमारे कर्म स्वच्छ एवं पवित्र हों तो वही कर्म पूजा बन जाता है। उन्होंने कहा कि इंसान को स्वस्थ्य जीवन जीने एवं सभी लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में प्रबन्धन की बहुत बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि जीवन में प्रबन्धन का बहुत बड़ा महत्व है प्रबन्धन विहीन जीवन ही तनाव का मुख्य कारण है जो जीवन के लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा कि यह बेहद खुशी की बात है कि फिक्की फ्लो द्वारा व्यवसाय के साथ-साथ आध्यात्मिक क्षेत्र में भी कार्य करना प्रारम्भ किया गया है।
मुख्य सचिव आज यहां संत गाड्गे सभागार, गोमती नगर में फिक्की फ्लो, लखनऊ द्वारा आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्जवलित कर शुभारम्भ करने के उपरान्त अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कर्म से बढ़कर कुछ नहीं है मनुष्य का कर्म हमेशा सकारात्मक दिशा में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी के इस युग में लोगों के जीवन में जो तेजी है उस कारण जीवन में तनाव है। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ्य जीवन शैली को बनाये रखने के लिए एवं सभी लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु हमारे व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में प्रबन्धन का बहुत महत्व है। उन्होंने कहा कि हमारे दैनिक जीवन में आध्यात्मिकता  के साथ प्रबन्धन का संयोजन आवश्यक है।
कृष्णायन के सह संस्थापक एवं आधुनिक युग के आध्यात्मिक गुरू श्री गोस्वामी अभिषेक जी ने शास्त्रों के सदंर्भ में भारत के प्राचीन ज्ञान की समकालीन शैली में आध्यात्मिकता और प्रबन्धन के मिश्रण एवं संगम पर अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि गीता, भागवत, वेदान्त एवं शास्त्रों से अच्छी जीवन शैली की प्रेरणा ली जाये एवं भारतीय जीवन शैली का अनुकरण किया जाये। उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवन में सम्रगता, व्यक्तिगत, जीवन मूल्य प्रणाली, रिश्ते, परिवार, स्वास्थ्य एवं पेशे के विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए।
फिक्की फ्लो लखनऊ कानपुर चैप्टर की अध्यक्षा सुश्री ज्योत्सना कौर हबीबुल्लाह ने बताया कि हम महिलाओं की सशक्तिकरण पर जोर देते हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम महिलाओं के अधिकारों पर केन्द्रित है जो आज की तेजी के कारण काफी कठिन है। उन्होंने कहा कि हम लोगों को परम सुख एवं व्यवसायिक जीवन के उददेश्यों को प्राप्त करने के लिए प्रबन्धन की अति आवश्यकता है।

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