यूपी में महागठबंधन टूटने की अटकलों के बीच मायावती बोली-अखिलेश तो डिंपल को भी नहीं जीत दिला पाए


लखनऊ: उत्तर प्रदेश में महागठबंधन टूटता नजर आ रहा है। सपा-बसपा के महागठबंधन को लोकसभा चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिली और बीजेपी ने एक बार फिर यूपी में अपनी ताकत दिखाई। दिल्ली में कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक में मायावती ने साफ कर दिया कि विधानसभा की 11 सीटों पर होने वाले उपचुनावों में बीएसपी अकेले लड़ेगी। ‘डिंपल को नहीं जिता पाए अखिलेश’ ‘डिंपल को नहीं जिता पाए अखिलेश’ बसपा प्रमुख मायावती ने बैठक में कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश अपनी पत्नी डिंपल तक को नहीं जिता पाए।
गौरतलब है कि डिंपल यादव ने कन्नौज से चुनाव लड़ा था। दो बार की सांसद डिंपल यादव अपनी कन्नौज सीट बीजेपी से हार गईं। मायावती ने कहा कि हमारे पूरे वोट डिंपल को मिले। मायावती ने कहा कि नतीजों ने साफ संकेत दिया कि यादव समुदाय ने डिंपल यादव को वोट देने की बजाय बीजेपी उम्मीदवार का समर्थन किया। बीएसपी अकेले लड़ेगी चुनाव बीएसपी अकेले लड़ेगी चुनाव दिल्ली में कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक में मायावती ने साफ कर दिया कि विधानसभा की 11 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में वो अकेले लड़ेंगे।
बीएसपी का ये फैसला चौंकाने वाला है क्योंकि बीएसपी आमतौर पर उपचुनाव लड़ने से अबतक परहेज करती रही है। मायावती ने कहा कि गठबंधन ‘बेकार’ था। यादव वोट हमें नहीं मिले, लेकिन हमारे वोट उनके पास गए.। बीएसपी प्रमुख ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने केवल वहीं चुनाव जीता, जहां मुसलमानों ने उनके लिए भारी मतदान किया,यहां तक कि अखिलेश यादव का परिवार भी यादव वोटों को अपनी ओर नहीं खींच पाया। लोकसभा चुनाव में मिलाया था हाथ लोकसभा चुनाव में मिलाया था हाथ लोकसभा चुनाव के ऐलान से पहले जनवरी में राजनीति के दो कट्टर प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने मिलकर यूपी में आम चुनाव लड़ने का ऐतिहासिक फैसला लिया था, लेकिन चुनाव में महागठबंधन को उम्मीद के मुताबिक कामयाबी नहीं मिली। बसपा के खाते में 10 सीटें आईं, जबकि सपा को 5 सीट से ही संतोष करना पड़ा।


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