मायावती ने कहा , यूपी में यात्राओं से कोई लाभ नहीं होने वाला है


 

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लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आज भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा. मायावती ने कहा कि यूपी में यात्राओं से कोई लाभ नहीं होने वाला है. उन्होंने कहा कि एसपी परिवार पूरी तरह से बटा हुआ है, ऐसे हालात में समाजवादी पार्टी को वोट देने के मतलब है बीजेपी की मदद करना. इसके साथ ही एनडीटीवी पर बैन का मुद्दा उठाते हुए मायावती ने कहा कि देश में आतंरिक आपातकाल का माहौल तैयार किया जा रहा है.

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने रजत जयंती समारोह के बहाने विभिन्न दलों (जनता परिवार) के नेताओं को एक मंच पर लाने के एसपी के प्रयास को ‘नाटक’ करार देते हुए आज कहा कि एसपी से तालमेल का मतलब सीधे बीजेपी को मदद करना है इसलिए बाकी दल इसे लेकर सचेत रहें.

मायावती ने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘एसपी की बीजेपी से अंदरूनी मिलीभगत है इसलिए एसपी भी बीजेपी की तरह अलग थलग पड़ गयी है. ऐसे में एसपी से तालमेल का मतलब है सीधे बीजेपी को मदद करना. अन्य दल इससे सचेत रहें.’’

 

मायावती ने बिहार में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले महागठबंधन बनाने और एसपी के उससे अलग होने का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि वर्तमान एसपी सरकार ने उत्तर प्रदेश में गुंडे, बदमाशों, भ्रष्ट लोगों, लूट खसोट करने वालों और अराजक तत्वों की फौज खड़ी कर सांप्रदायिकता और जंगलराज कायम नहीं किया होता और जातिवाद एवं क्षेत्रवाद से उपर उठकर ‘सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय’ की तर्ज पर सरकार चलायी होती तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बेलगाम आपराधिक तत्वों का सहारा लेकर विकास यात्रा नहीं करनी पड़ती.

मायावती ने कहा, ‘‘…तो एसपी मुखिया मुलायम सिंह यादव को अपनी पार्टी की रजत जयंती के मौके पर दूसरी पार्टी के नेताओं को लखनऊ बुलाकर धर्मनिरपेक्ष होने का नाटक नहीं करना पड़ता.’’ अगले विधानसभा चुनाव में किसी अन्य दल से बीएसपी के चुनावी तालमेल से साफ इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि महागठबंधन की पहल करके एसपी ने चुनाव से पहले ही एक तरह से हार स्वीकार कर ली है.

 

मायावती ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार ने अपने वादों का एक तिहाई भी काम किया होता तो विफलताओं से जनता का ध्यान बंटाने के लिए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले परिवर्तन यात्रा की जरूरत नहीं पड़ती. अपने ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोगों को दलित और बौद्ध भिक्षु बनाकर धम्म यात्रा नहीं निकालनी पड़ती. एसपी के रजत जयंती समारोह का उपहास करते हुए उन्होंने कहा कि सत्ताधारी एसपी की रजत जयंती घोर संकीर्ण, परिवारवादी मानसिकता के साथ ही आम जनता को गुमराह करने के लिए केवल हौवा खड़ा करने का हवा हवाई प्रयास है.

उन्होंने कहा कि इस समय आपसी स्वार्थ में एसपी बंट गयी है, जिससे उसका जनाधार बंटेगा. एसपी को किसी के समर्थन का साफ मतलब है बीजेपी को मजबूत करना. वैसे भी एसपी अधिकांश ऐसे दलों से महागठबंधन की बात कर रही है जिनका उत्तर प्रदेश में अत्यंत सीमित प्रभाव है. ‘‘महागठबंधन की कोशिश बताती है कि एसपी ने विधानसभा चुनाव से पहले ही हार स्वीकार कर ली है.’’

 

मायावती ने कहा कि एसपी के राज में बहू बेटियां असुरक्षित हैं. भ्रष्टाचार है. कानून का नहीं बल्कि गुंडे, माफियाओं और अराजक एवं सांप्रदायिक तत्वों का राज है. एसपी पारिवारिक बर्चस्व की लड़ाई को कितना भी छुपा ले, जनता उनपर भरोसा नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में अंदर अंदर यही होगा कि प्रदेश में जिन सीटों पर शिवपाल और अखिलेश के समर्थक लडेंगे, उन्हें इन दोनों के समर्थक हराने की कोशिश करेंगे. ऐसी स्थिति में इस पार्टी को वोट देकर धर्मनिरपेक्ष लोगों को वोट खराब नहीं करना चाहिए वरना बीजेपी को सीधा फायदा होगा.

मायावती ने कहा कि बीजेपी निरंकुश, तानाशाहीपूर्ण, गरीब-मजदूर-किसान विरोधी और पूंजीपतियों के अंध समर्थन जैसा परिवर्तन देश में लाना चाहती है. इसके घातक परिणाम हो सकते हैं. सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी को परास्त कर लोकतंत्र को बचाना है.

 


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