
लखनऊ,। उत्तर प्रदेश सरकार ने आज अपना आठवां और शायद अन्तिम विस्तार में उन तमाम चेहरों को शामिल किया है जिन्हें मंत्रिपरिषद से बर्खास्त किया जा चुका है। गायत्री प्रसाद प्रजापति का मामला सबसे विचित्र है। उनके विभाग खनन के विरूद्ध सी0बी0आई0 जांच का आदेश उच्च न्यायालय दे चुका है और मुख्यमंत्री ने जब उन्हें मंत्रिपरिषद से बर्खास्त किया था तो एक संदेश गया था कि शायद भ्रष्टाचार के कारण गायत्री प्रसाद प्रजापति को बर्खास्त किया गया है।
उ0प्र0 कंाग्रेस कमेटी के कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन एवं पूर्व मंत्री सत्यदेव त्रिपाठी ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि लोकायुक्त से लेकर सभी जगहों पर खनन विभाग का भ्रष्टाचार पूरे प्रदेश की जनता में चर्चित रहा है। श्री गायत्री प्रजापति की मंत्रिपरिषद में वापसी के द्वारा भ्रष्टाचार का महिमामण्डन किया गया है। मैं समाजवादी पार्टी को उनके आदर्श डा0 लोहिया की याद दिलाना चाहूंगा जिनके शब्दों में वर्तमान राज लूट और भोग का राज है। यह प्रदेश की जनता के साथ खिलवाड़ है और 2017 में जनता इसका जवाब देगी।
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