खनन निदेशक डा.रोशन जैकब की छापेमारी , फतेहपुर में यमुना में रंगे हाथों पकड़ा अवैध खनन ,मौके पर डीएम और पुलिस को बुलाया


lucknow |     फतेहपुर में यमुना नदी की जलधारा में मशीनों से किए जा रहे मौरंग खनन की शिकायत पर मंगलवार दोपहर खनन निदेशक डा.रोशन जैकब खुद जांच करने  पहुंची। उन्होंने जलधारा में किए जा रहे खनन को मोबाइल में कैद किया। टीम आने की जानकारी पर मौरंग घाट में हडकंप मच गया। टीम ने जांच पड़ताल शुरू करते हुए आठ मशीनों और खदान के अभिलेखों को कब्जे में ले लिया।

जलधारा में खनन को लेकर मछली ठेकेदार और मौरंग संचालक के बीच कई दिनों से विवाद चला आ रहा था। मछुआरों ने डीएम समेत अफसरों से शिकायत की थी लेकिन जलधारा में दहाड़ती मशीनें नहीं थमी। स्थानीय स्तर से निराशा हाथ लगने पर मछुआरों ने शासन और खनन निदेशक से शिकायत की थी। खनन निदेशक को ब्रीफ किया गया था कि देवलान में अवैध खनन जिले के अधिकारियों  और पुलिस की मिली भगत से किया जा रहा है।

खनन निदेशक डा.रोशन जैकब अफसरों को सूचना दिए बिना टीम के साथ सीधे देेवलान मौरंग खदान पहुंची। जहां उन्होंने जलधारा में चल रहे खनन को मोबाइल में कैद किया। संचालकों की टीम आने की जानकारी पर घाट के वर्करों में मची भगदड़ के बाद खनन निदेशक ने डीएम, एसपी और जिला खनन अधिकारी से बात की और फोर्स को मौकेे पर बुलाया।खनन निदेशक को आधा दर्जन से अधिक पोकलैंड से रात दिन अवैध खनन किए जाने की जानकारी दी गई थी। तीन पोललैंड सामने खड़ी थी, जबकि छानबीन के दौरान पांच पोकलैंड नाले में छिपी मिली। कई अन्य मशीनें होने की आशंका पर आसपास के नालों में तलाश की जा रही है।

छापेमारी की सूचना देने के घंटे भर बाद भी कोई अफसर मौके पर नहीं पहुंची। स्थानीय पुलिस के पहुंचने पर लखनऊ की टीम ने इलाके में धूम-घूम कर जांच पड़ताल कर रही है। टीम ने जलधारा में बनाए गए मौरंग के टीलों को भी खंगाल रही है। अनुमान है कि यह टीले जलधारा से मौरंग निकाल बनाए गए हैं। देवलान मौरंग खदान में जलधारा में मशीनों से खनन किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। बांदा जिले से ड्रोन कैमरे से बनाए गए वीडियो में स्थान समय समेत पूरी डिटेल थी। वीडियो में आधा दर्जन से अधिक मशीनें जलधारा में खनन करते हुए दिख रही थी लेकिन मामले में जिला प्रशासन ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की थी।


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