पीएम मोदी ने पूछा- बिस्तर के नीचे करोड़ों रुपए रखने वालों को छोड़ दूं क्या?


 

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गाजीपुर |   प्रधानमंत्री ने नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को पूर्वांचल के गाजीपुर से बीजेपी का चुनावी बिगुल फूंका. उन्होंने परिवर्तन यात्रा में अपने भाषण का संबोधन भोजपुरी से किया.

पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं इस धरती को सलाम करता हूं जिसने वीर अब्दुल हमीद को जन्म दिया. हमीद ने 1965 के युद्ध में पाकिस्तान को सबक सिखाया था.’

प्रधानमंत्री ने ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आपको किया गया विकास का वादा ब्याज समेत लौटाऊंगा. नोटबंदी के फैसले के बाद काले धन रखने वाले आज नींद की गोलियां खा रहे हैं और गरीब चैन की नींद सो रहा है.

परिवर्तन यात्रा में भाषण देने से पहले पीएम ने पूर्वांचल और गाजीपुर के लिए 3000 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. प्रधानमंत्री ने गाजीपुर-कोलकाता साप्ताहिक एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया.

और क्या कहा पीएम मोदी ने?

–मैं उत्तर प्रदेश से 9वां प्रधानमंत्री.

–आपका प्यार और विकास ब्याज समेत लौटाऊंगा.

–आज गरीब चैन की नींद सो रहा है और अमीर नींद की गोलियां खा रहा है.

–मैंने 14 नवम्बर का दिन जानबूझकर चुना.

–1962 में गाजीपुर के सांसद ने तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु को पूर्वांचल दयनीय स्थिति की जानकारी दी थी. उस समय नेहरूजी ने एक कमेटी बनाई थी.

–पंडितजी के निधन के बाद कई पीएम आए, लेकिन कमेटी की रिपोर्ट फाइलों में ही दबी रहीं.

–पंडितजी के जन्मदिवस पर मैं यह वादा करता हूं कि उन फाइलों को खुलवाऊंगा जो उनके परिवार से बने प्रधानमंत्रियों ने नहीं किया. यह मेरी उनको श्रद्धांजलि होगी.

–क्या ढाई करोड़ रखने वालों को छोड़ दूं क्या? बिस्तर के नीचे करोड़ों रखने वालों को छोड़ दूं क्या?

–ये आतंकवाद, नक्सलवाद, बम-बंदूके, निर्दोषों को मौत के घाट उतार दिया जाए, जवान मां भारती के लिए बलिदान चढ़ जाए. आतंकियों के पास रुपये कहां से आते हैं? सीमापार से हमारे दुश्मन नकली नोट छाप-छापकर देश में भेज रहे हैं.

–गंगा में नोट बहाकर पाप धुलने वाला नहीं.

–लोग आए गए, लेकिन मां गंगा कभी साफ़ नहीं हुई.

–पहली बार हम किसानों के लिए ऐसी फसल बीमा योजना लेकर आए, जिससे उसपर पहले के मुकाबले कम बोझ पड़ेगा.

–हिंदुस्तान में धन की कमी नहीं है लेकिन धन कहां पड़ा है वह समस्या है.

–अगर मैं 500-100 रुपए के नोट बंद कर रहा हूं तो यह वही कदम है जिसका मैंने आपसे वादा किया था. थोड़ा कष्ट झेलेंगे.

–आपने मुझसे देश का सारा काला धन ख़त्म करने को कहा. तो क्या मैं जो कर रहा हूं वह गलत है?

–कोई भी काम करो थोड़ी तकलीफ तो होती ही है. बस इरादा नेक होना चाहिए.


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