
नई दिल्ली | केंद्र ने यासीन मलिक के नेतृत्व वाले जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) को शुक्रवार को आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंधित कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि संगठन पर जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों को कथित तौर पर बढ़ावा देने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने बताया कि संगठन को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत प्रतिबंधित किया गया है। इसके प्रमुख यासीन मलिक गिरफ्तार हैं और फिलहाल वह जम्मू की कोट बलवल जेल में बंद हैं।
जेकेएलएफ हुर्रियत कॉन्फ्रेंस का हिस्सा है। गृह सचिव राजीव गौबा ने कहा, ‘जेकेएलएफ को प्रतिबंधित कर दिया गया है क्योंकि सरकार की आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति है।’
इससे पहले केंद्र सरकार ने बीते 1 मार्च को जम्मू-कश्मीर के संगठन जमात-ए-इस्लामी पर भी यह कहते हुए प्रतिबंध लगा दिया था कि इस संगठन का संबंध आतंकी संगठनों के साथ रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अपने एक आदेश में जमात-ए-इस्लामी को गैरकानूनी संगठन बताते हुए उसपर बैन लगाया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया था कि जमात-ए-इस्लामी, जम्मू कश्मीर के आतंकी संगठनों के साथ नजदीकी संबंध रहे हैं। इतना ही नहीं यह संगठन जम्मू-कश्मीर के अतिरिक्त दूसरी जगहों पर भी चरमपंथियों और आतंकियों की मदद करती रही है।
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