लखनऊ विकास प्राधिकरण के परिक्षेत्र विस्तार के प्रस्ताव को बोर्ड की हरी झंडी
*- प्राधिकरण के कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर एवं पी0एम0सी0 की होगी नियुक्तिआम

जनता को बोर्ड की तरफ से दी गयी बड़ी सहूलियत, प्राधिकरण की आवासीय एवं व्यवसायिक सम्पत्तियों की ब्याज दर में फ्लैट दो प्रतिशत की छूट
लखनऊ | लखनऊ विकास प्राधिकरण बोर्ड की 175वीं बैठक आज दिनांक 27 सितम्बर, 2022 को अध्यक्ष, लखनऊ विकास प्राधिकरण/आयुक्त, लखनऊ मण्डल डाॅ0 रोशन जैकब की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई, जिसमें जिलाधिकारी-लखनऊ सूर्यपाल गंगवार, उपाध्यक्ष-ल0वि0प्रा0 डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी, नगर आयुक्त-लखनऊ इन्द्रजीत सिंह, सचिव-ल0वि0प्रा0 पवन कुमार गंगवार, अपर सचिव-ल0वि0प्रा0 ज्ञानेन्द्र वर्मा, अपर निदेशक-कोषागार, अधीक्षण अभियन्ता-आवास एवं विकास परिषद, पी0एन0 सिंह, सदस्य-ल0वि0प्रा0, पुष्कर शुक्ला, सदस्य-ल0वि0प्रा0, रामकृष्ण यादव-पार्षद/नामित सदस्य, राघवराम तिवारी-पार्षद/नामित सदस्य, संजय सिंह राठौर, पार्षद/सदस्य व अन्य सदस्य/अधिकारीगण उपस्थित थे। बैठक में सर्वप्रथम 173वीं व 174वीं बोर्ड बैठक में लिये गये निर्णयों की अनुपालन आख्या का अवलोकन किया गया। इसके बाद प्राधिकरण द्वारा प्रस्तुत किये गये प्रस्ताव के सम्बन्ध में बोर्ड द्वारा विस्तृृत विचार-विमर्श किया गया एवं निम्नांकित महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि लखनऊ विकास प्राधिकरण के परिक्षेत्र को विस्तार (1-लखनऊ महानगर के अन्तर्गत सरोजनी नगर विकास खण्ड, काकोरी विकास खण्ड, मलिहाबाद विकास खण्ड, बख्शी का तालाब विकास खण्ड, गोसाई गंज विकास खण्ड एवं मोहनलालगंज विकास खण्ड के अवशेष क्षेत्र, 2-यूपी सीडी/लीडा के अन्तर्गत जनपद-लखनऊ का क्षेत्र, 3-जनपद बाराबंकी के निंदूरा विकास खण्ड, देवा विकास खण्ड, बंकी विकास खण्ड एवं नगर पालिका परिषद नवाबगंज के सम्पूर्ण क्षेत्र) दिये जाने विषयक प्रस्ताव अनुमोदित करते हुए शासन को संदर्भित किया गया। इसके अलावा मोहान रोड आवासीय योजना के सम्बन्ध में प्राधिकरण एवं ओमेक्स लिमिटेड के मध्य निष्पादित कन्शेसन अनुबन्ध दिनांक 06.01.2022 को निरस्त किये जाने विषयक प्रस्ताव अनुमोदित करते हुए यह निर्णय लिया गया कि प्राधिकरण उक्त योजना को स्वयं विकसित करें। इस क्रम में लखनऊ-सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के उत्तर दिशा में स्थित मेसर्स सहारा इण्डिया कामर्शियल कारर्पोरेशन लि0 की हाईटेक टाउनशिप के निरस्तीकरण आदेश दिनांक 13.08.2019 से आच्छादित ग्राम-बक्कास, माढ़रमऊ कला, माढ़रमऊ खुर्द, मस्तेमऊ, मलूकपुर ढकवा, चैरासी, चैरहिया, दुलारमऊ की भूमि एवं अंसल ए0पी0आई0 द्वारा छोड़ी गई भूमि पर लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा लैण्ड पूलिंग के अन्तर्गत निहित प्राविधानों अथवा अर्जन के माध्यम से भूमि प्राप्त किये जाने की कार्यवाही करते हुए विकास किये जाने के सम्बन्ध में प्रस्तुत प्रस्ताव भी अनुमोदित किया गया।
आम जनता के लिए बड़ी रियायत की घोषणा
उपाध्यक्ष ने बताया कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के प्रभाव के दृष्टिगत प्राधिकरण बोर्ड द्वारा 01 अप्रैल, 2021 से 31 जुलाई, 2021 तक की अवधि को शून्य मानते हुए गणना किये जाने की अनुमति इस शर्त के साथ प्रदान की गई कि आवंटी द्वारा इस अवधि की देयता दिनांक 31 अगस्त, 2021 तक जमा कर दी गई हो। इसके अलावा बसंतकुंज आवासीय योजना के द्वितीय चरण के ऐसे आवंटियों जिनके द्वारा आवंटन पत्र में देय तिथि (DUE DATE) के अन्दर सम्पूर्ण भुगतान किया गया है, को 5 प्रतिशत छूट प्रदान किये जाने विषयक प्रस्ताव अनुमोदित किया गया। इसके अतिरिक्त प्राधिकरण की व्यवसायिक, अवासीय सम्पत्तियों के आवंटियों से लिए जाने वाले ब्याज दरों में संशोधन विषयक प्रस्तुत प्रस्ताव को संशोधित करते हुए निर्णय लिया गया कि पूर्व में ई0डब्लू0एस0 हेतु 9% के स्थान पर 7%, एलआईजी हेतु 10% के स्थान पर 8%, एमआईजी/एचआईजी हेतु 11% के स्थान पर 9% किये जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही व्यवसायिक सम्पत्तियों के लिये 13% के स्थान पर 11% किये जाने का निर्णय लिया गया। दण्ड ब्याज के रूप में 3% को घटाकर 2% किये जाने का भी निर्णय सर्वसम्मत्ति से लिया गया। यह निर्णय दिनांक 31 मार्च, 2023 तक प्रभावी होगा। प्राधिकरण बोर्ड द्वारा प्राधिकरण के अनिस्तारित आवासीय फ्लैटों में पूर्ण भुगतान किये जाने पर 45 दिवस से 90 दिवस के भीतर छूट दिये जाने सम्बन्धी प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया। साथ ही किश्तों में भुगतान किये जाने की अवधि को बढ़ाकर 02 वर्ष के स्थान पर 05 वर्ष किये जाने का निर्णय लिया गया। इसमें ‘पहले आओ, पहले पाओं’ योजनान्तर्गत ब्याज दरों में 02 प्रतिशत की कमी किये जाने का भी निर्णय लिया गया। इसी तरह लखनऊ विकास प्राधिकरण के विभिन्न योजनाओं में रिक्त फ्लैटों के फ्रीज मूल्यों की समयावधि 01 वर्ष बढ़ाये जाने विषयक प्रस्ताव अनुमोदित किया गया। वहीं, उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास (जल शुल्क निर्धारण, उदग्रहण और संग्रहण) नियमावली-2022 भी अवलोकित/अनुमोदित की गई।
इन भवनों में अग्निशमन की अनापत्ति आवश्यक होगी-
उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2008 (यथा संशोधित-2011/2016) में प्राविधानित अग्निशमन विभाग की अनापत्ति हेतु न्यूनतम मापदण्डों में संशोधन विषयक प्रस्ताव अनुमोदित करते हुए शासन को संदर्भित किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया, जिसके अनुसार सभी प्रकार के होटल, व्यवसायिक काम्पलेक्स, कोचिंग सेन्टर, हाॅस्पिटल/नर्सिंग होम व विद्यालय आदि हेतु अग्निशमन की अनापत्ति आवश्यक होगी।
मेट्रो काॅरिडोर के दोनों तरफ ट्रांजिट ओरिएण्टेड डेवलपमेन्ट जोन-
बोर्ड द्वारा उ0प्र0 ट्रांजिट ओरिएण्टेड डेवलपमेन्ट नीति, 2022 के क्रियान्वयन हेतु अमृत योजना के अन्तर्गत तैयार की जा रही महायोजना में टी0ओ0डी0 जोन्स का चिन्हांकन एवं टी0ओ0डी0 जोन्स का जोनल प्लान यूपी मेट्रो के माध्यम से तैयार कराये जाने विषयक प्रस्ताव अनुमोदित किया गया। इसके अलावा Contractor Registration and Tender Evaluation Software (CRATES) द्वारा ठेकेदारों का पंजीकरण एवं निविदाओं का तकनीकी मूल्यांकन हेतु (CRATES) को लोक निर्माण विभाग के परामर्श से लखनऊ विकास प्राधिकरण में लागू किये जाने विषयक संशोधित प्रस्ताव अनुमोदित किया गया।
लखनऊ के सुव्यवस्थित विकास के लिए सलाहकार के चयन को भी हरी झंडी
उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि लखनऊ विकास क्षेत्र में सुव्यवस्थित विकास हेतु नये एजुकेशनल सिटी, आवासीय, व्यवसायिक/वाणिज्यिक सिटी का चयन कर विकसित किये जाने की संकल्पना तैयार किये जाने हेतु सलाहकार फर्म के चयन विषयक प्रस्ताव पर सैद्धान्तिक सहमति प्रदान की गई। इसके अलावा लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा आवश्यकता पड़ने पर वित्तीय संसाधन बढ़ाये जाने के लिए बाण्ड जारी किये जाने हेतु ट्रान्जेक्शन एडवाइजर कम मर्चेन्ट बैंकर नामित किये जाने विषयक प्रस्ताव पर प्राधिकरण बोर्ड द्वारा ई0ओ0आई0 (Expression of Intrest) आमंत्रित कर चयन किये जाने का निर्णय लिया गया।
ट्रान्जेक्शन एडवाइजर फर्म की सेवायें प्राप्त किये जाने विषयक प्रस्ताव पर प्राधिकरण बोर्ड द्वारा ई0ओ0आई0 (Expression of Intrest) आमंत्रित कर चयन किये जाने का निर्णय लिया गया। इसका उद््देश्य प्राधिकरण की योजनाओं हेतु प्रोजेक्ट आइडेन्टीफिकेशन स्ट्रेटजिक प्लानिंग, प्रोजेक्ट प्री-फिजीबिलिटी रिपोर्ट, फुल फिजीबिलिटी स्टडी, प्रोक्योरमेन्ट रिपोर्ट तैयार करने, योजना के फाइनेन्सिली वाइबिल होने, वर्तमान परिदृश्य के अनुसार विक्रय किये जाने तथा प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ किये जाने हेतु कार्ययोजना तैयार करने, उपलब्ध आर्थिक संसाधन को समुचित ढंग से निवेश करते हुए उसके सापेक्ष अधिकतम आउटपुट प्राप्त किये जाने, विक्रय प्रोत्साहन बढ़ाये जाने, आय के संसाधन हेतु कार्य-योजना तैयार कराने तथा निवेशकों के मध्य प्राधिकरण की योजनाओं की परिसम्पत्तियों को बिक्री किये जाने हेतु प्रोत्साहित किये जाने, अनिस्तारित सम्पत्तियों की बिक्री हेतु मार्केट रेट का अध्ययन, अन्य सम्पत्तियों से तुलना एवं बिक्री योग्य बनाने से सम्बन्धित तथा भविष्य में आने वाली सम्पत्तियों के बिक्री हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार करना होगा।
आवंटित/विवादित सम्पत्तियों के समायोजन सम्बंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी
उपाध्यक्ष ने बताया कि लखनऊ विकास प्राधिकरण में विभिन्न प्रकार की आवंटित/विवादित सम्पत्तियों के समायोजन के सम्बन्ध में प्रस्तुत प्रस्ताव पर प्राधिकरण बोर्ड द्वारा यह निर्णय लिया कि यदि प्राधिकरण की किसी चूक अथवा विवाद के कारण आवंटित सम्पत्ति (भवन/भूखण्ड) का कब्जा प्राधिकरण नहीं दे पाता है, तो आवंटी की सहमति के आधार पर पहले आओ, पहले पाओ योजना के अन्तर्गत उपलब्ध फ्लैट को समायोजन के समय लागू मूल्य पर प्राधिकरण द्वारा समायोजित किया जायेगा। यदि आवंटी भवन/भूखण्ड का पहले आओ, पहले पाओ योजनान्तर्गत फ्लैट में समायोजन नहीं चाहता है, तो उसकी जमा धनराशि MCLR दर पर आगणित करते हुए आवंटी को वापस कर दी जायेगी। इसके अलावा सीजी सिटी चकगंजरिया परियोजना में भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल को फ्रन्ट्रियर मुख्यालय स्थापित किये जाने हेतु लखनऊ मेट्रो हेतु आरक्षित भूमि में से 3.45 एकड़ भूमि दिये जाने विषयक प्रस्ताव अनुमोदित करते हुए शासन को संदर्भित किये जाने का निर्णय लिया गया। सचिव पवन कुमार गंगवार ने बताया कि प्राधिकरण के अर्जनीय कार्यों के सुचारू रूप से सम्पादन हेतु जेम पोर्टल के माध्यम से सेवानिवृत्त अमीन/प्रतिनियुक्ति के आधार पर अमीन/लेखपाल/सर्वेयर रखे जाने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति के अन्तर्गत मेसर्स ए0एन0एस0 डेवलपर्स प्रा0लि0 द्वारा लखनऊ में ग्राम-बाघामऊ पर प्रस्तुत पुनरीक्षित डी0पी0आर0 मानचित्र स्वीकृत करने विषयक प्रस्ताव अनुमोदित किया गया।
अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने के लिए चलेगा विशेष अभियान
उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि प्राधिकरण के विकास क्षेत्र में अनाधिकृत निर्माणों के विरूद्ध प्रभावी अंकुश लगाये जाने विषयक प्रस्ताव अनुमोदित किया गया। प्राधिकरण बोर्ड द्वारा अनाधिकृत निर्माणों पर अंकुश लगाये जाने हेतु निम्नलिखित बिन्दुओं के सापेक्ष दो माह का अभियान चलाकर कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गयेः-
- वर्तमान महायोजना 2031, जो वर्ष 2016 से प्रभावी है, उसके बाद अनाधिकृत रूप से बनाये गये समस्त होटलों पर सर्वप्रथम्् प्राथमिकता पर कार्यवाही।
- अनाधिकृत रूप से बिना तलपट मानचित्र स्वीकृत निर्माणाधीन रो-हाउसिंग व ग्रुप हाउसिंग निर्माणों के विरूद्ध कार्यवाही।
- बिना तलपट मानचित्र स्वीकृत अवैध रूप से कराई जा रहीं प्लाटिंगों के विरूद्ध कार्यवाही।
- बिना स्वीकृत मानचित्र के अवैध रूप से निर्माणाधीन बड़े काम्पलेक्स, होटल, कोचिंग सेन्टर व अन्य बड़े व्यवसायिक संस्थानों के विरूद्ध कार्यवाही।
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