
राजधानी लखनऊ और आसपास के इलाकों में आज सुबह शुरू हुई बारिश का सिलसिला दोपहर तक जारी रहा। हालांकि हवा नहीं चलने से दोपहर के वक्त खासी उमस रही। अगले 24 घंटों के दौरान भी राज्य के ज्यादातर इलाकों में बारिश होने का अनुमान है। यह सिलसिला अगली 24 अगस्त तक जारी रहने की सम्भावना है। इस बीच, केन्द्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में घाघरा, शारदा और सई समेत विभिन्न नदियां जगह-जगह उफान पर हैं। घाघरा एल्गिनब्रिज (बाराबंकी), अयोध्या तथा तुर्तीपार (बलिया) में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। शारदा नदी का जलस्तर पलियाकलां में लाल निशान के पार बना हुआ है।
गंगा नदी का जलस्तर नरौरा (बुलंदशहर), फतेहगढ़, गुमटिया (कन्नौज), कानपुर तथा अंकिनघाट (कानपुर देहात) में रामगंगा नदी का जलस्तर डाबरी (शाहजहांपुर) में, यमुना का जलस्तर प्रयागघाट (मथुरा) में, राप्ती नदी का जलस्तर बलरामपुर और बांसी (सिद्धार्थनगर), सई नदी का जलस्तर रायबरेली में, शारदा नदी का जलस्तर शारदानगर में तथा क्वानो नदी का जलस्तर चंद्रदीपघाट (गोण्डा) में खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। बस्ती जिले में सरयू नदी खतरे के निशान से 37 सेमी उपर बह रही है नदी का दबाव तटवर्ती बीडी बांध पर निरन्तर बना हुआ है।
आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को बताया कि सरयू नदी खतरे के बिन्दु 92.730 के बदले 93.110 मीटर पर बह रही है। नदी खतरे के बिन्दु से 38 सेमी उपर बह रही है। नदी का रूख स्थिर है। केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार नदी एल्गीन ब्रिज, अयोध्या, बस्ती मे स्थिर है। नदी की बाढ़ से 14 गांवो मे पानी पहुंच गया है। इसमें से आठ गांव बाढ़ की पानी मे घिर गये है। भरथापुर, सहजौरा पाठक, खजान्चीपुरवा समेत अन्य कई गांव पानी से घिरे है। बाढ़ के पानी से पाकेशवपुर, रामपुर, कठवनिया, बाघानाला, फूलडीह, कवलपुर, पड़ाव, चान्दपुर, सन्दलपुर, छतौना, कन्हईपुर, खेमराजपुर गांवो की बोई हुई फसले डूबी हुई है। विलासपुर, टकटकवा, देवरा गंगवार, अशोकपुर, बरदिहा लोहार गांवो मे भी नदी का पानी पहुंच गया है। जिलाधिकारी डॉ राजशेखर ने सरयू नदी के तटवर्ती बन्धों को बचाने के लिए चौकसी बरतने और बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवो को आवश्यकता अनुसार राहत और सहायता प्रदान किये जाने के निदेर्श दिये हैं।
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