लखनऊ। सदर रामलीला मैदान में हनुमान सेवा समिति व्दारा आयोजित राम हनुमत महोत्सव के अवसर पर समाजसेविका श्रीमती अपर्णा यादव व्दारा विश्वविख्यात हनुमत संग्रहालय का लोकार्पण किया गया। साथ ही प्राथमिक विद्यालय राजभवन के अति निर्धन बच्चों को शिक्षण सामग्री भी वितरित की गयी। हनुमत संग्रहालय श्री कृष्णकुमार चौरसिया व्दारा बनाया गया है। जिसे लिम्का एवं गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह भी मिल चुकी है।
इस अवसर पर श्रीमती यादव ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मुझे विश्वविख्यात हनुमत संग्रहालय का लोकार्पण करने का मौका मिला है। यह हनुमान जी की कृपा और आप सब का प्यार है जो मुझे इस योग्य समझा। उन्होने हनुमान जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमे राम भक्त हनुमान जी के जीवन से कुछ सीख लेनी चाहिये। हनुमान शब्द का तात्पर्य, जिसने अपने मान को हर लिया वही हनुमान है। यही भाव हमें अपने अंदर लाना चाहिए। क्योकि आज हमारे समाज को सच्चे हनुमान भक्तों की आवश्यकता है
जो समाज के लिये कुछ करे। उन्होंने कहा कि जरुरी नही कि हम बड़े- बड़े काम ही करें, छोटे-छोटे काम करके भी हम समाज में बदलाव ला सकते है।
श्रीमती यादव ने कहा कि हनुमान जी से एक और सीख लेनी चाहिए। उन्होंने अपने जीवन में एक गुरु चुना था। इसलिए हमें भी अपने जीवन में एक गुरु अवश्य बनाना चाहिए। वह गुरु कोई भी हो सकता है। हम अपनी माँ में भी गुरु का रूप देख सकते है। इसलिए नारियों का सम्मान करना भी हमारी नैतिक कर्तव्य है।
उक्त अवसर पर अयोध्या जी हनुमान गढ़ी के महंत श्री ज्ञानदास जी, लखनऊ मनकामेश्वर मंदिर की महंत देव्यागिरी जी, श्री अजय याग्निक जी, श्री विवेक पाण्डेय व कई गणमान्य तथा सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
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