
लखनऊ | उत्तर प्रदेश में बढ़ती चुनावी सरगर्मी के बीच समाजवादी परिवार में झगड़ा सुलझने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व मुलायम सिंह यादव के बीच लंबी बातचीत हुई। इस बैठक में मुलायम अपने पहले के रुख में नर्मी लाते हुए मुख्यमंत्री को टिकट बांटने का पूरा अधिकार भी देने को तैयार हो गए हैं, लेकिन सपा के अध्यक्ष पद पर मुलायम सिंह यादव व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी पीछे हटने को राजी नहीं हैं। यही कारण है कि उन्होंने अपने पिता के साथ बैठक के बाद अपने कार्यकर्ताओं से चुनाव प्रचार में पूरी तरह लग जाने को कह दिया है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव से मंगलवार को उनके आवास पर बंद कमरे में बातचीत की। यह मुलाकात करीब डेढ़ घंटे चली।। पिता और पुत्र की इस मुलाकात के दौरान अमर सिंह और रामगोपाल यादव अनुपस्थित रहे। हालांकि, इस दौरान कुछ समय तक गायत्री व संजय सेठ बैठक में मौजूद रहे।
सूत्र की मानें तो मुलायम ने समझाते हुए कहा कि तुम चुनाव आयोग से अपनी दावेदारी वापस ले लो। तुम सीएम पद के उम्मीदवार होगे और अगले मुख्यमंत्री बनोगे। टिकट बांटने में ही तुम्हारा ही रोल रहेगा। पर अध्यक्ष मुझे ही रहने दो। इस पर सीएम राजी नहीं हुए। कहा, अगर मैं अध्यक्ष नहीं रहा तो अमर सिंह आप से कोई फैसला करा सकते हैं।
यही नहीं अब पीछे जाने पर सत्ता भी नहीं मिल पाएगी। आप मुझे सारे अधिकार तो दे रहे हैं तो तीन महीने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद भी दे दीजिए। आप आशीर्वाद दीजिए, मैं यूपी चुनाव जीत कर दिखाऊंगा।
बताया जाता है कि मुलायम अध्यक्ष पद छोड़ने को राजी नहीं हुए। सूत्रों के मुताबिक मुलायम ने यह भी कहा कि चुनाव अपने हिसाब से लड़ना। जिन पर एतराज है, उनकी भूमिका सीमित होगी। रामगोपाल यादव के पास जो पावर थी, वह सारे अधिकार अखिलेश के पास रहेंगे। मैं खुद प्रचार करूंगा और प्रत्याशी सब तुम ही तय करना। पर अध्यक्ष पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई।
मुलायम अभी तक कहते रहे हैं कि चुनाव बाद विधायक ही सीएम का चुनाव करेंगे। लेकिन सोमवार रात मीडिया से बात करते हुए मुलायम सिंह यादव ने कहा कि यूपी विधान सभा चुनाव में अखिलेश यादव ही पार्टी से सीएम का चेहरा होंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी टूटने का सवाल ही नहीं है। हम सब एक हैं और जल्द ही चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे।
इससे पहले दिल्ली में मुलायम ने रामगोपाल की ओर इशारा करते हुए कहा था कि केवल एक शख्स पार्टी में समस्याएं पैदा कर रहा है। उसने ही मेरे बेटे को बहका रखा है। मैंने अखिलेश से रविवार रात और आज (सोमवार) सुबह भी बात की। मेरे और उसके बीच कोई विवाद नहीं है। पार्टी में जारी घमासान पर उन्होंने कहा कि मामले को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।
मुलायम ने कहा कि उम्मीदवारों के चुनाव चिह्न् के फार्म पर दस्तखत वे ही करेंगे। उन्होंने घर के बाहर खड़े कार्यकर्ताओं से कहा कि पार्टी प्रत्याशी कौन होगा,यह वे तय करेंगे। मुलायम ने शिवपाल और अमर सिंह के साथ दिल्ली में चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर सपा और चुनाव चिह्न साइकिल पर दावा जताया और अखिलेश गुट के हलफनामों को भी चुनौती दी।
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