
मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव कैंप में सुलह हो
लखनऊ | मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव कैंप में सुलह हो गया है. अखिलेश यादव को मुलायम सिंह की तरफ से 38 उम्मीदवारों की एक लिस्ट दी गई है. बताया जा रहा है कि इन उम्मीदवारों को अखिलेश की लिस्ट में शामिल किया जाएगा.पिता मुलायम सिंह से खटपट पर अखिलेश यादव ने कहा कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) का आशीर्वाद हमेशा हम पर रहा है. कल ही उन्होंने मुझे आशीर्वाद दिया है. यह पिता-पुत्र हम दोनों का आपसी मामला है.
अखिलेश ने इसके साथ ही बताया, “हम दोनों की लिस्ट में 90 फीसदी उम्मीदवारों के नाम कॉमन थे.” कांग्रेस से गठबंधन के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि अभी दोनों पार्टियों में बातचीत चल रही है. गठबंधन के फैसले का एलान लखनऊ से ही होगा.
चुनाव आयोग के फैसले के बाद अखिलेश यादव को मुलायम सिंह यादव से बड़ी राहत मिली है। खबर है कि मुलायम सिंह यादव अखिलेश यादव के उम्मीदवारो के खिलाफ अपने उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। उसके बदले मुलायम सिंह ने 38 उम्मीदवारों की सूची अखिलेश यादव को सौंपी है। जिसे अखिलेश ने स्वीकार कर लिया है। इस सूची में मुलायम ने अपने भाई शिवपाल का नाम नहीं रखा है।
मुलायम ने शिवपाल के बेटे आदित्य यादव का नाम अखिलेश को सौंपी है। वह यशवंत नगर से चुनाव लड़ेंगे। इसके अलावा अखिलेश यादव द्वारा बर्खास्त किए गए चार मंत्रियों के नाम सूची में हैं। मुलायम-शिवपाल के करीबी अंबिका चौधरी, ओम प्रकाश सिंह, नारद राय, शादाब फातिमा जैसे चेहरे भी इस सूची में शामिल हैं।
सोमवार को चुनाव आयोग के अखिलेश खेमे के पक्ष में फैसला सुनाया था। जिसके बाद मुलायम खेमा नरम पड़ा है। चुनाव आयोग के फैसले के बाद अखिलेश यादव ने देर रात अपने पिता मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की थी।
पिता के साथ संबंधों को लेकर अखिलेश ने कहा,’ उनका और अपने पिता के साथ कोई मतभेद नहीं है ना ही पिता-पुत्र का रिश्ता कभी खत्म हो सकता है, यहां तक हमारी सूची के 90 फीसदी उम्मीदवारों के नाम एक ही है।’
अखिलेश ने साफ किया है कि विधानसभा का चुनाव मुलायम सिंह यादव के मार्गदर्शन में ही होगा और उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट एक दो दिन में आ जाएगी।
इस बीच कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में अखिलेश के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी से गठबंधन करेगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, ‘अगले एक-दो दिनों में इन दलों के बीच गठबंधन हो जाएगा।’ आपको बता दें कि मुलायम सिंह इस गठबंधन के पक्ष में भी नहीं थे।
https://rashtriyadinmaan.com
