
लखनऊ। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं उत्तर प्रदेश के प्रभारी संजय सिंह ने लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में लखनऊ नगर निगम के कूड़े घोटाले से सम्बंधित दस्तावेज मीडिया बंधुओ को लखनऊ जिला टीम द्वारा उपलब्ध कराये थे। आम आदमी पार्टी लखनऊ के जिला संयोजक गौरव माहेश्वरी के नेतृत्व में सैकड़ो कार्यकर्ता हजरतगंज कोतवाली पहुचे और महापौर डॉ दिनेश शर्मा, निदेशक सीएंड डीएस, तत्कालीन नगर आयुक्त नगर निगम एस.के. सिंह, एन. पी. सिंह, राकेश कुमार सिंह से लेकर वर्तमान नगर आयुक्त उदय राज सिंह, अपर नगर आयुक्त नगर निगम पी.के. श्रीवास्तव एवं ज्योति एन्विरोटेक कंपनी के निदेशक चरणजीत सिंह की सांठगाठ के चलते सैकड़ो करोड़ रूपये की लूट और इस लूट के चलते डेंगू जैसी गंभीर एवं जानलेवा बीमारी से त्रस्त लखनऊ में हुई तमाम मौतों के जिम्मेदार उपरोक्त पर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए थानाध्यक्ष को तहरीर सौपी।
कमेटी के सभी तय अधिकारियों द्वारा हस्ताक्षर न कर कुछ चुनिन्दा अधिकारियों के हस्ताक्षर से सैकड़ो करोड़ रुपयों का भुगतान हुआ जो की एग्रीमेंट की शर्ताे का उलघन है। भुगतान से सम्बंधित महत्वपूर्ण पत्रावलिया कभी भी डाक के माध्यम से स्थानांतरित नहीं की गयी। जबकि षड्यंत्र के तहत एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी को व्यक्तिगत तौर पे भेज कर जब जैसा चाहा वैसे हस्ताक्षर कर सैकड़ो करोड के भुगतान करवा दिए गए। पत्रावलियो को ध्यान से देख और परिक्षण करने के उपरान्त पाया गया की किसी भी अधिकारी के हस्ताक्षर के नीचे उसे पदनाम की मोहर नहीं लगी है चूकि यह दीर्घकालिक परियोजना 30 वर्षाे की है। कब और किसने हस्ताक्षर किया इसको जान पाना भविष्य में संभव नहीं होगा। यह एक राय होकर गंभीर अपराध किया गया है। शुरू से आज तक भुगतान के सम्बन्ध में कोई भी माप पुस्तिका तैयार नहीं की गयी है जिससे यह स्पष्ट होता है की कब.कब कितना किलो कूड़ा ज्योति एन्विरोटेक द्वारा एकत्रित किया गया है।
माप पुस्तिका न बनवाने के पीछे नगर निगम प्रशासन एवं ज्योति एन्विरोटेक की सामूहिक लूटपाट एवं अपराध स्पष्ट है। ज्योति एन्विरोटेक द्वारा जनता से वसूल किया गया डोर टू डोर कलेक्शन का सैकड़ो करोड़ का हिसाब न ही कंपनी के पास है और न ही नगर निगम प्रशासन के पास है द्य कलेक्शन से सम्बंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर रिकॉर्ड कंपनी और नगर निगम प्रशासन द्वारा सामूहिक रूप से नष्ट कर दिए गए है। यह भी एक गंभीर अपराध और षड्यंत्र है। अनुबंध की शर्ताे के हिसाब जब सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का प्लांट तैयार हो जाना था उसके उपरांत ही नगर निगम द्वारा टिपिंग शुल्क का भुगतान किया जाना था परन्तु बिना प्लांट तैयार और सुचारू रूप से चालु किये बिना टिपिंग शुल्क का भुगतान लगातार किया जा रहा है। जो की एग्रीमेंट की शर्ताे का उलघन ही नहीं बल्कि एक गंभीर अपराध और षड्यंत्र है।
एग्रीमेंट की शर्ताे के अनुसार प्लांट का मेक और मॉडल पहले से तय था परन्तु उसको दरकिनार करते हुए महापौर डॉ दिनेश शर्मा, निदेशक सीएंड डी.एस, तत्कालीन नगर आयुक्त नगर निगम, वर्तमान नगर आयुक्त उदय राज सिंह, अपर नगर आयुक्त नगर निगम एवं ज्योति एन्विरोटेक कंपनी के निदेशक चरणजीत सिंह ने सामूहिक तौर पर एक राय करते हुए डुप्लीकेट मेक और मॉडल की मशीन लगाई है जिसके चलते आज तक प्लांट सुचारू रूप से चालू नहीं हो पाया है। जो की अपने आप में एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
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