
कानपुर: जिला एवं सत्र न्यायालय कानपुर देहात में ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट प्रतिभा गौतम के मर्डर की मिस्ट्री पुलिस ने सुलझा ली है। सोमवार को एसएसपी शलभ माथुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि जज प्रतिभा गौतम का मर्डर उनके पति अभिषेक ने गला दबाकर किया। व्हाट्स एप मैसेज से यह साफ हो गया कि प्रतिभा ने सुसाइड नहीं किया, बल्कि पति अभिषेक ने ही उसका मर्डर किया है।
एसएसपी शलभ माथुर के मुताबिक, व्हाट्स एप मैसेज से पता चला कि प्रतिभा और अभिषेक के बीच बहुत झगड़ा होता था और बात काफी आगे बढ़ गई थी। अभिषेक ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। प्रतिभा प्रेग्नेंट थी और अभिषेक अबॉर्शन कराने का दबाव बना रहा था। प्रतिभा बच्चा अबॉर्ड नहीं कराना चाहती थी, इसीलिए उसने मर्डर का पूरा प्लान तैयार किया। अभिषेक ने पहले प्रतिभा को बुरी तरह पीटा और फिर गला घोंट दिया। इसके बाद मर्डर को सुसाइड दिखाने के लिए पत्नी की दोनों हाथ की नसों को काटा। पूछताछ में अभिषेक ने अपना गुनाह कबूल कर लिया और बोला कि उसे जेल भेज दिया जाए।
पंखे से लटका मिला था शव
रविवार को जज प्रतिभा गौतम का शव पुलिस को उसके घर में पंखे से लटका हुआ मिला था। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पंखे से नीचे उतारा। तब तक यह साफ नहीं हो पाया था कि यह सुसाइड है या मर्डर। फॉरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक, शव की दोनों कलाइयों को धारदार हथियार से काटा गया था, जिसके गहरे निशान पड़े हुए थे।
पहले अभिषेक ने पुलिस को दिया था यह बयान
-अभिषेक ने पुलिस को बताया था कि जब वो सुबह घर पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था।
-अभिषेक दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचा तो उसके होश उड़ गए। प्रतिभा की लाश पंखे से लटकी हुई थी।
-अभिषेक ने शव को पंखे से नीचे उतारा और फिर पुलिस को फोन किया।
-उसके मुताबिक, जब वह लखनऊ में रहती थी तो भी अकेले रहती थी।
-शुरू से ही प्रतिभा के परिवारवाले शादी के खिलाफ थे, क्योंकि वो वकील था और उसके घरवालों को जज लड़का चाहिए था।
-अभिषेक का कहना था कि जब मैं कानपुर के लिए आ रहा था तो उसे लगातार फोन किया, लेकिन उसका फोन स्विच ऑफ था।
दोनों परिवारों को नहीं मंजूर था रिश्ता
-प्रतिभा और अभिषेक ने प्यार तो कर लिया, लेकिन दोनों के परिवारवालों को यह रिश्ता मंजूर नहीं था।
-कुछ वक्त बाद प्रतिभा की सिविल जज के तौर पर कानपुर देहात में पोस्टिंग हो गई।
-अभिषेक के पिता रिटायर्ड जज सुरेन्द्र चंद्र राजन इस रिश्ते के लिए फौरन राजी हो गए, लेकिन प्रतिभा के पिता और परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था।
-राजाराम गौतम के मुताबिक, अभिषेक ने बेटी को बातों में फंसाकर कोर्ट मैरिज कर ली।
-मैंने बेटी को समझाया कि जब तुम्हारी नौकरी लग गई तब अभिषेक के घरवाले शादी के लिए राजी हो गए। इससे पहले राजी क्यों नहीं हुए।
-शादी के बाद सुसरालवाले प्रतिभा को मायके में किसी से बात नहीं करने देते थे।
-प्रतिभा की मां प्रेमा का जब सिर का ऑपरेशन हुआ, तब भी उसे देखने नहीं आने दिया गया।
-उसकी मां ने जब ज्यादा जिद की तो बीते शुक्रवार को मैंने उसे फोन किया तो प्रतिभा कानपुर देहात के माती में मिलने को तैयार हो गई।
-कुछ ही देर बाद उसका फोन आया कि अभिषेक मिलने के लिए मना कर रहा है। छुट्टियों पर प्रतिभा दिल्ली चली जाती थी।
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