
पोल्ट्री फॉर्मिंग के माध्यम से आदिवासी महिलाओं को आजीविका उपलब्ध कराने हेतु मिला अवॉर्ड
अपने कार्यक्षेत्र के आस-पास बेहतर कल बनाने के मकसद से हमेशा समाज के अंतिम आदमी तक पहुंचने की नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की कोशिशों को उस वक्त एक नई पहचान मिली, जब हाल ही में कंपनी को प्रतिष्ठित ‘एपेक्स इंडिया सीएसआर एक्सीलेंस अवॉर्ड’ मिला। एनसीएल के निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम के तहत कंपनी के कार्यक्षेत्र के आस-पास के गांवों में आदिवासी महिलाओं के लिए पोल्ट्री फॉर्म की इकाइयां स्थापित कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद देने हेतु कंपनी को यह अवॉर्ड दिया गया।
एनसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) श्री प्रभात कुमार सिन्हा और निदेशक मंडल ने कंपनी की इस उपलब्धि के लिए पूरे एनसीएल परिवार को हार्दिक बधाई दी है और उम्मीद जाहिर की है कि स्थानीय लोगों के समावेशी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता कायम रखते हुए कंपनी इस दिशा में अपने प्रयासों को नई ऊंचाई देगी तथा समाज के विकास की नई इबारत लिखेगी।
स्थानीय जरूरतमंद लोगों के कौशल विकास के माध्यम से उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए एनसीएल अपनी सीएसआर योजना के अंतर्गत कौशल विकास एवं जीविकोपार्जन के अनेक कार्यक्रम चला रही है। ‘सिंगरौली वूमन स्मॉल होल्डर्स पोल्ट्री प्रोड्यूसर्स कंपनी लिमिटेड’ नाम की कंपनी बनाकर सिंगरौली जिले में पोल्ट्री फॉर्म की इकाइयां स्थापित की गई हैं। प्रत्येक इकाई एक आदिवासी महिला और उसके परिवार से संबद्ध है। सिंगरौली जिला प्रशासन के सहयोग से चलाए जा रहे इस कार्यक्रम से अभी तक 300 आदिवासी महिलाओं को जोड़ा गया है और 200 अन्य आदिवासी महिलाओं को इस कार्यक्रम से जोड़ने की योजना है।
कार्यक्रम के तहत हर आदिवासी महिला को एक पोल्ट्री फॉर्म बनाकर निःशुल्क दिया गया है। साथ ही, मुर्गीपालन से संबंधित उपकरण और आवश्यक प्रशिक्षण भी मुफ्त दिया जाता है। इस कार्यक्रम के शुरू होने से इससे जुड़ी आदिवासी महिलाओं और उनके परिजनों के जीवन में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन आए हैं। आदिवासी महिलाओं को सशक्त एवं आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के एनसीएल के इस प्रयास को चौतरफा सराहना मिली है। ‘एपेक्स इंडिया सीएसआर एक्सीलेंस अवॉर्ड’ इसी कड़ी में नया नाम है।
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