आस्ट्रेलिया में एनसीएल सीएमडी ने कोयला खनन के लिए अपनाई जा रहीं विभिन्न योजनाओं व तकनीकियों से अवगत कराया


3 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में सिंगरौली कोलफील्ड्स के सतत विकास पर रखे विचार

नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री पी. के. सिन्हा ने आस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में 2 दिसम्बर से 4 दिसम्बर तक चल रही 3 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘माइन प्लानिंग एण्ड ईक्विपमेंट सेलेक्शन’ (एमपीईएस-2019) में ‘भारत में सिंगरौली कोलफील्ड्स के सतत विकास और माइनिंग ईक्विपमेंट सेलेक्शन एवं पर्यावरण और पारिस्थितिकी प्रबंधन’ विषय पर रिसर्च पेपर प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एनसीएल के महाप्रबंधक (कॉर्पोरेट प्लानिंग) श्री सतीश झा भी सह-लेखक के रूप में उपस्थित थे।

श्री सिन्हा ने कॉन्फ्रेंस में मौजूद विश्व भर के खनन दिग्गजों को एनसीएल में कोयला खनन के लिए अपनाई जा रहीं विभिन्न योजनाओं व तकनीकियों से विस्तार से अवगत कराया। पर्यावरण प्रबंधन के लिए कंपनी द्वारा वृहद स्तर पर किए गए पौधारोपण व पारिस्थितिकी प्रबंधन के विविध पहलूओं को बारीकी से बताया। इस अवसर पर उन्होंने एनसीएल द्वारा ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे अलग-अलग प्रयासों से भी रूबरू कराया।

अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस माइन प्लानिंग एवं ईक्विपमेंट सेलेक्शन (एमपीईएस-2019) का मुख्य उद्देश्य विश्व के विभिन्न क्षेत्रों की भौगोलिक दशाओं के अनूरूप किए जा रहे खनन की जानकारी एवं तकनीकियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर साझा करते हुये भविष्य में वैश्विक खनन को नई दिशा प्रदान करना हैं।

गौरतलब है कि एनसीएल सीएमडी श्री सिन्हा पहले भी कोयला उद्योग से जुड़े वृहत विषयों पर विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर टेक्निकल पेपर प्रेजेंट कर चुके हैं। वैश्विक कोयला उद्योग की व्यापक समझ रखने वाले श्री सिन्हा वर्ष 2008 में पोलैंड एवं वर्ष 2011 में इस्तांबुल (टर्की) में आयोजित वर्ल्ड माइनिंग कांग्रेस में भारतीय कोयला उद्योग की नुमाइंदगी कर चुके हैं। कोयला उद्योग की वैश्विक बारीकियों से रूबरू होने के लिए वे स्वीडन, स्विट्जरलैंड एवं जर्मनी का दौरा भी कर चुके हैं। सितंबर 2016 में अमेरिका के लास वेगास में आयोजित इंटरनैशनल माइंस एक्सपो में भी वे भारतीय कोयला उद्योग का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।


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