
इंदिरापुरम क्षेत्र में दशहरा देखकर लौट रही आठ वर्षीय बच्ची प्रियंका की पिनाकल टावर के सामने नाले में गिरकर मौत हो गई थी। इस मामले में जिलाधिकारी रितु माहेश्वरी ने मजिस्ट्रेट जांच बैठाई थी। यह जांच एसडीएम विवेक मिश्रा के नेतृत्व में हुई है। एसडीएम ने मौके का निरीक्षण कर और सभी दस्तावेजों को देखकर अपनी जांच रिपोर्ट तैयार की है।
जांच रिपोर्ट में माना गया है कि इस मामले में जीडीए के अधिकारियों की लापरवाही बरती। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017 से लोग नाले की सुरक्षा को लेकर कई बार प्राधिकरण में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने सुरक्षा की दुष्टि से नाले को सही समय से नहीं ढका। इस कारण बच्ची और उसके पिता संतोष नाले में गिर गए। अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही नाले में गिरकर बच्ची की मौत हुई है। इस रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने आवास एवं शहरी नियोजन के प्रमुख सचिव से संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है।
मजिस्ट्रेट जांच में जिन अधिकारियों को दोषी पाया गया है, उनमें से कई का तबादला हो चुका है। एक्सईएन चक्रेश जैन, अधिशासी अभियंता हीरालाल यादव सहित कई अधिकारी अब जीडीए में कार्यरत नहीं है। अभियंता चक्रेश जैन अब प्रोन्नत पा कर अधीक्षण अभियंता हो गये है और आज कल लखनऊ विकास प्राधिकरण में तैनात हैं|
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