
जॉर्ज फर्नांडिस से अपने रिश्तों के बारे में बात करते हुए नितीश ने कहा उनके मार्गदर्शन में एक नई पार्टी का गठन किया गया था। मैनें जो कुछ भी सीखा और लोगों की सेवा के लिए जो किया उसमें उनका महत्तवपूर्ण योगदान है। हम सब को इस दुनिया से एक दिन चले जाना है, ये ही सच्चाई है पर हम सभी के लिए यह बेहद दुखद घड़ी है।
उनके मार्गदर्शन और जनता के अधिकारों के लिए लड़ाई के उनके मार्गदर्शन को मैं कभी नहीं भुला सकूंगा। उन्होंने आगे कहा कि जॉर्ज फर्नांडिस के निधन से देश ने एक बड़े राजनीतिक शख्सियत और प्रखर वक्ता को खो दिया है। बता दें कि 3 जून, 1930 को जन्में फर्नांडिस 10 भाषाओं के जानकार थे। वह हिंदी और अंग्रेजी के अलावा तमिल, मराठी, कन्नड़, उर्दू, मलयाली, तुलु, कोंकणी और लैटिन भी अच्छे से बोलते थे।
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