नीतीश कुमार ने प्राइवेट नौकरियों में मांगा आरक्षण


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पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू करने की बात कही है. बीजेपी के वरिष्ठ सांसद हुकुमदेव नारायण यादव ने भी नीतीश कुमार की इस बात का समर्थन किया है. हुकुमदेव नारायण यादव ने कहा, ‘यह सही मांग है. इसे राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाना चाहिए. इस मुद्दे को उठाने के लिए मैं नीतीश कुमार का शुक्रिया करता हूं.’ इससे पहले नीतीश कुमार ने कहा कि निजी क्षेत्र में 50 फीसदी आरक्षण की बात उनकी निजी राय है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आउटसोर्सिंग में आरक्षण के प्रावधान को लेकर कहा कि इस पर बहस का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि वर्तमान में जो आरक्षण का कानून है उसको ध्यान में रखते हुए काम करना होगा.

यहां गौर करने वाली बात यह है कि बिहान विधानसभा चुनाव में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने आरक्षण पर नए सिरे विचार करने की बात कही थी. इस बयान को लपकते हुए आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार ने पूरे चुनाव प्रचार में कहा था कि बीजेपी आरक्षण को खत्म करने की तैयारी में है. अब नीतीश कुमार बीजेपी के साथ हैं और वे निजी क्षेत्र में आरक्षण की बात कह रहे हैं. महागठबंधन से नीतीश कुमार के अलग होने के बाद लालू यादव लगातार आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने आरक्षण खत्म करने की तैयारी करने वालों से हाथ मिला लिया है.

नीतीश ने लोक संवाद कार्यक्रम के बाद कहा कि आउटसोर्सिंग के तहत ली जाने वाली सेवाओं में आरक्षण के प्रावधान को बिहार राज्य मंत्रिपरिषद ने गत एक अक्टूबर को मंजूरी दी थी. यह बिहार के आरक्षण अधिनियम के अनुरूप है. हमें आरक्षण के प्रावधान का पालन करना है. इसके बारे में कौन क्या बोल रहा है, वह ‘महत्वहीन’ है.

 

उन्होंने कहा कि जिन्हें बुनियादी जानकारी नहीं होती, वही इन बातों पर बहस करते हैं, जिसको बुनियादी जानकारी होगी वह इन विषयों पर बहस नहीं करेगा.

नीतीश ने कहा कि आउटसोर्सिंग के जरिए सरकार अपने काम के लिए लोगों को बहाल कर रही है. इसके लिए सरकारी राजकोष से उस कंपनी को धन मुहैया कराया जाता है. स्वाभाविक है कि सरकार के धन का उपयोग करेंगे तो ‘आरक्षण कानून’ को मानना पड़ेगा. चाहे अनुबंध हो, चाहे आउटसोर्स हो, दोनों में आरक्षण की व्यवस्था का पालन किया जाता है. 2006 में पुलिस की कमी के चलते पूर्व सैनिकों को सैप नाम से बहाल किया गया था, उसमें भी आरक्षण के नियमों का पालन किया गया था.

निजी क्षेत्रों में आरक्षण मिलने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी व्यक्तिगत राय है कि आरक्षण मिलना चाहिए. इस पर बहस करने की जरुरत है, इसका निर्णय संसद को लेना है.


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