मंत्रिपरिषद के महत्वपूर्ण निर्णय

लखनऊ |
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद द्वारा निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए :-
बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण के गठन हेतु अधिसूचना आलेख अनुमोदित
मंत्रिपरिषद ने जनपद झांसी के 33 ग्रामों को सम्मिलित करते हुए बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के गठन हेतु प्रस्तुत अधिसूचना के आलेख को अनुमोदित कर दिया है। उत्तर प्रदेश में इसके पूर्व वर्ष 1976 में एक नए शहर नोएडा के गठन का निर्णय लिया गया था। 47 वर्षों के बाद एक नए शहर की स्थापना का निर्णय लिया गया है। इस ऐतिहासिक निर्णय से बुन्देलखण्ड के बहुआयामी विकास को तेज गति मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022-23 के अनुपूरक बजट में नई मांग के रूप में प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण/नए औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना’ का शुभारम्भ मुख्यमंत्री जी द्वारा किया गया। इसके अन्तर्गत बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण के गठन के लिए 5,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के अन्तर्गत झांसी में बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा नोएडा की तर्ज पर एक नई इण्डस्ट्रियल टाउनशिप विकसित किए जाने का लक्ष्य है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में मुख्य मंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण/नये औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना मद के अन्तर्गत ऋण के रूप में 5000 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है।
प्रस्तावित नए इण्डस्ट्रियल टाउनशिप उद्योगों के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थाओं, अन्य सेक्टर से सम्बन्धित संस्थाओं के विकास, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं आवासीय परिसर के निर्माण को बढ़ावा देगा। प्रस्तावित नए शहर में विश्व स्तरीय नियोजन व उसके अनुसार अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए कार्य किया जाएगा। बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण झांसी के अलावा बुन्देलखण्ड के अन्य जनपदों में भी सेटेलाईट औद्योगिक क्षेत्र के विकास में सहायक होगा।
बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण में पहले चरण में झांसी-ग्वालियर रोड एवं झांसी-बबीना-ललितपुर रोड के मध्य पड़ने वाले 33 राजस्व ग्रामों की भूमि अधिग्रहीत कर स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। इन 33 ग्रामों में कुल लगभग 35,000 एकड़ भूमि उपलब्ध है, जिसमें लगभग 8,000 एकड़ भूमि ग्राम समाज की है। ग्राम समाज की भूमि रिज्यूम कर निःशुल्क बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण को उपलब्ध करायी जाएगी एवं कृषकों की निजी भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
जिलाधिकारी, झांसी द्वारा अपने 28 जुलाई, 2023 के पत्र द्वारा 33 ग्रामों की सूची भूमि के रकबा वार उपलब्ध करायी गई है। जिलाधिकारी झांसी द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रस्ताव के अनुसार समस्त ग्रामों की प्राइवेट भूमि का सर्किल रेट का 4गुना एवं परिसम्पत्तियों का अनुमानित मूल्यांकन लगभग 6,312 करोड़ रुपये है।
बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण का मुख्यालय झांसी में होगा। झांसी वह स्थान है, जहाँ ईस्ट-वेस्ट, नार्थ-साउथ स्वर्णिम चतुर्भुज कॉरीडोर का जंक्शन है और यह प्रदेश को देश के दक्षिणी हिस्से से कनेक्ट करने का भी एक रास्ता है। बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण की प्लानिंग एक अन्तरराष्ट्रीय स्तर के इण्डस्ट्रियल टाउनशिप के विकास को लक्षित कर बनायी जाएगी। एक एयरपोर्ट का निर्माण भी इसी क्षेत्र में प्रस्तावित है।
बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण गठित होने पर क्षेत्र का सर्वांगीण विकास होगा तथा रोजगार का सृजन होगा तथा जन सामान्य को क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे, जिससे जन सामान्य को प्रत्यक्ष लाभ होगा।
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अयोध्या, फिरोजाबाद एवं सहारनपुर में नगरीय बसों के संचालन हेतु एस0पी0वी0 गठन का प्रस्ताव अनुमोदित
मंत्रिपरिषद ने अयोध्या, फिरोजाबाद एवं सहारनपुर में नगरीय बसों के संचालन हेतु कम्पनी अधिनियम, 2013 के अन्तर्गत कतिपय शर्तों के अनुसार एस0पी0वी0 गठन के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।
प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सुगम बनाने हेतु नगरीय परिवहन निदेशालय, उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा प्रदेश के कुल 14 शहरों में कुल 740 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों का संचालन 13 एस0पी0वी0 के माध्यम से कराया जा रहा है।
मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में गठित ‘निधि प्रबन्ध समिति’ की बैठक 20 सितम्बर, 2022 में प्रदेश के 17 शहरों में 04 चरणों में कुल 4,665 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों को जी0सी0सी0 मोड पर संचालित कराये जाने पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गयी। इन 17 शहरों में से सहारनपुर, अयोध्या एवं फिरोजाबाद में आगामी वर्षों में वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों का संचालन कराया जाना है। अतएव इन शहरों में इलेक्ट्रिक बसों के सकुशल संचालन, प्रबंधन एवं अनुरक्षण हेतु कम्पनी अधिनियम, 2013 के अन्तर्गत सम्बन्धित मण्डल के आयुक्त की अध्यक्षता में नवीन एस0पी0वी0 के गठन किये जाने का निर्णय लिया गया है।
एस0पी0वी0 को नगरों में बसें चलाने के लिए मार्ग निर्धारित करने का अधिकार, मार्गों पर किराये के निर्धारण का अधिकार एवं यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाओं के सम्बन्ध में विचार-विमर्श करने का अधिकार होगा। इस प्रकार एस0पी0वी0 के गठन से इन शहरों में नगरीय बसों के संचालन में सुगमता एवं सुदृढ़ता होगी।
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गुड़/खाण्डसारी इकाईयों हेतु चीनी वर्ष 2022-2023 के लिए समाधान योजना लागू किए जाने का प्रस्ताव स्वीकृत
मंत्रिपरिषद ने गुड़/खाण्डसारी इकाईयों हेतु उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मण्डी अधिनियम, 1964 की धारा 17 के खण्ड ;पपपद्ध के उपखण्ड (ख) के द्वितीय परन्तुक के अधीन चीनी वर्ष 2022-2023 के लिए समाधान योजना लागू किए जाने के सम्बन्ध में प्रस्तुत प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मण्डी अधिनियम, 1964 की धारा 17 (3) (ख) के प्राविधानों के अन्तर्गत अधिसूचित कृषि उत्पाद के क्रय-विक्रय पर मण्डी शुल्क एवं विकास सेस वसूल किया जाता है।
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प्रदेश पुलिस बल में नियुक्त आरक्षी/मुख्य आरक्षी को प्रदत्त साइकिल भत्ते को मोटर साइकिल भत्ते में परिवर्तित कर इसे 200 रु0 प्रतिमाह से बढ़ाकर 500 रु0 प्रतिमाह अनुमन्य किये जाने के सम्बन्ध में
मंत्रिपरिषद ने वित्तीय नियम संग्रह खण्ड-3 के नियम 82 के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश पुलिस बल के आरक्षी/मुख्य आरक्षी (कॉन्सटेबल/हेड कॉन्सटेबल) को उनके प्रास्थिति यथा-कार्यदायित्व/कार्य क्षेत्र/कार्य प्रकृति/कार्यभार के अनुसार निर्धारित वाहन (साइकिल, मोटर साइकिल आदि) भत्ते तथा तदनुरूप वाहन भत्ते की अनुमन्यता व तत्क्रम में वित्त (सामान्य) अनुभाग-2 के शासनादेश दिनांक 07 दिसम्बर, 2018 द्वारा आरक्षी/मुख्य आरक्षी को प्रदत्त साइकिल भत्ते को मोटर साइकिल भत्ते में परिवर्तित किये जाने के साथ ही इसे 200 रुपये प्रतिमाह के स्थान पर 500 रुपये प्रतिमाह मोटर साइकिल भत्ता स्वीकृत किये जाने हेतु नवीन शासनादेश निर्गत किये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
ज्ञातव्य है कि अन्य राजकीय विभागों के समक्ष कार्मिकों जिन्हें साइकिल भत्ता अनुमन्य है, से पुलिस विभाग के आरक्षी/मुख्य आरक्षी के पृथक कार्यदायित्व के दृष्टिगत अल्प समय में घटना स्थल, विभिन्न प्रकार की अति महत्वपूर्ण ड्यूटी पर वर्तमान परिदृश्य में अब साइकिल से पहुंचना व्यावहारिक नहीं रहा गया है। यह निर्णय राजकीय हित में श्रेयस्कर होगा, क्योंकि इससे कानून-व्यवस्था के त्वरित नियंत्रण तथा कार्यकुशलता/दक्षता में वृद्धि होगी। साइकिल भत्ते के स्थान पर मोटर साइकिल भत्ता 500 रुपये प्रतिमाह किये जाने पर 6.78 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक व्ययभार अनुमानित है।
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जनपद गोरखपुर में उ0प्र0 विशेष सुरक्षा बल की 2वीं वाहिनी की स्थापना हेतु आवासीय/अनावासीय भवनों के निर्माण में प्रयुक्त उच्च विशिष्टियों एवं आवासीय तथा अनावासीय भवनों के निर्माण कार्य हेतु प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति
मंत्रिपरिषद ने जनपद गोरखपुर में उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल की 2वीं वाहिनी के स्थापना हेतु आवासीय/अनावासीय भवनों के निर्माण में प्रयुक्त उच्च विशिष्टियों एवं आवासीय भवनों के निर्माण कार्य हेतु 25523.07 लाख रुपये तथा अनावासीय भवनों के निर्माण कार्य हेतु 17647.19 लाख रुपये, कुल 43170.26 लाख रुपये की लागत पर प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। साथ ही, मंत्रिपरिषद ने इस सीमा तक पुनरीक्षित प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति विभागीय मंत्री के अनुमोदन से निर्गत किए जाने के प्रस्ताव को भी अनुमोदित कर दिया है।
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जनपद शामली में एक नई पी0ए0सी0 वाहिनी की स्थापना हेतु आवासीय/अनावासीय भवनों के निर्माण में प्रयुक्त उच्च विशिष्टियों एवं आवासीय भवनों तथा अनावासीय भवनों निर्माण कार्य हेतु प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति
मंत्रिपरिषद ने जनपद शामली में एक नई पी0ए0सी0 वाहिनी की स्थापना हेतु आवासीय/अनावासीय भवनों के निर्माण में प्रयुक्त उच्च विशिष्टियों एवं आवासीय भवनों के निर्माण कार्य हेतु 24448.82 लाख रुपये तथा अनावासीय भवनों निर्माण कार्य हेतु 13360.07 लाख रुपये, कुल 37808.89 लाख रुपये की लागत पर प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। साथ ही, मंत्रिपरिषद द्वारा इस सीमा तक पुनरीक्षित प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति विभागीय मंत्री के अनुमोदन से निर्गत किए जाने के प्रस्ताव को भी अनुमोदित कर दिया है।
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जनपद सम्भल की पुलिस लाइन में आवासीय/अनावासीय भवनों के निर्माण के सम्बन्ध में 37217.47 लाख रु0 की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति
मंत्रिपरिषद ने जनपद सम्भल की पुलिस लाइन में आवासीय/अनावासीय भवनों के निर्माण के सम्बन्ध में कुल धनराशि 37217.47 लाख रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। ज्ञातव्य है कि नवीन जनपदों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास, वर्तमान चुनौतियों का सामना करने तथा जनपदों की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाये जाने के दृष्टिगत जनपद सम्भल की पुलिस लाइन में आवासीय/अनावासीय भवनों के निर्माण के सम्बन्ध में यह निर्णय लिया गया है।
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जनपद औरैया की पुलिस लाइन में आवासीय/अनावासीय भवनों के निर्माण के सम्बन्ध में 40941.40 लाख रु0 की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति
मंत्रिपरिषद ने जनपद औरैया की पुलिस लाइन में आवासीय/अनावासीय भवनों के निर्माण के सम्बन्ध में कुल धनराशि 40941.40 लाख रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। ज्ञातव्य है कि नवीन जनपदों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास, वर्तमान चुनौतियों का सामना करने तथा जनपदों की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाये जाने के दृष्टिगत जनपद औरैया की पुलिस लाइन में आवासीय/अनावासीय भवनों के निर्माण के सम्बन्ध में यह निर्णय लिया गया है।
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जनपद लखनऊ में वीरांगना ऊदादेवी महिला पुलिस बटालियन की स्थापना हेतु आवासीय/अनावासीय भवनों के निर्माण के सम्बन्ध में 39156.10 लाख रु0 की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति
मंत्रिपरिषद ने जनपद लखनऊ में वीरांगना ऊदादेवी महिला पुलिस बटालियन की स्थापना हेतु आवासीय/अनावासीय भवनों के निर्माण के सम्बन्ध में कुल धनराशि 39156.10 लाख रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। ज्ञातव्य है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने, वर्तमान चुनौतियों का सामना करने तथा महिलाओं की सुरक्षा के दृष्टिगत वीरांगना ऊदादेवी महिला पुलिस बटालियन की स्थापना हेतु आवासीय/अनावासीय भवनों के निर्माण के सम्बन्ध में यह निर्णय लिया गया है।
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जनपद लखनऊ में उ0प्र0 विशेष सुरक्षा बल मुख्यालय तथा 01वीं वाहिनी विशेष सुरक्षा बल की स्थापना हेतु आवासीय/अनावासीय भवनों के निर्माण के सम्बन्ध में 65541.98 लाख रु0 की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति
मंत्रिपरिषद ने जनपद लखनऊ में उ0प्र0 विशेष सुरक्षा बल मुख्यालय तथा 01वीं वाहिनी विशेष सुरक्षा बल की स्थापना हेतु आवासीय/अनावासीय भवनों के निर्माण के सम्बन्ध में कुल धनराशि 65541.98 लाख रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। ज्ञातव्य है कि वर्तमान चुनौतियों का सामना करने तथा जनपद लखनऊ की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाये जाने के दृष्टिगत उ0प्र0 विशेष सुरक्षा बल मुख्यालय एवं 01वीं वाहिनी विशेष सुरक्षा बल की स्थापना हेतु आवासीय/अनावासीय भवनों के निर्माण के सम्बन्ध में यह निर्णय लिया गया है।
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जनपद उन्नाव में राज्य अग्निशमन प्रशिक्षण महाविद्यालय के आवासीय/अनावासीय भवनों के निर्माण के सम्बन्ध में 43402.86 लाख रु0 की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति
मंत्रिपरिषद ने जनपद उन्नाव में राज्य अग्निशमन प्रशिक्षण महाविद्यालय के आवासीय/अनावासीय भवनों के निर्माण के सम्बन्ध में कुल धनराशि 43402.86 लाख रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। ज्ञातव्य है कि प्रदेश के अग्निशमन प्रशिक्षण महाविद्यालय में पर्याप्त अग्निशमन कर्मियों के प्रशिक्षण हेतु आवासीय/अनावासीय भवनों के निर्माण के दृष्टिगत यह निर्णय लिया गया है।
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पर्यटन विभाग के बन्द/घाटे में चल रहे/असंचालित पर्यटक आवास गृहों एवं टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेन्टर, अयोध्या को पी0पी0पी0 मोड पर विकसित व संचालित किए जाने का प्रस्ताव स्वीकृत
मंत्रिपरिषद ने पर्यटन विभाग के बन्द/घाटे में चल रहे/असंचालित पर्यटक आवास गृहों एवं टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेन्टर, अयोध्या को पी0पी0पी0 मोड पर विकसित व संचालित किए जाने सम्बन्धी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
इसके तहत आर0एफ0क्यू0, आर0एफ0पी0 एवं प्री-बिड कांफ्रेन्स के आधार पर समय समय पर उल्लिखित नियमों एवं शर्तों के आधार पर पर्यटन विभाग के बन्द/घाटे में चल रहे/असंचालित 05 पर्यटक आवास गृहों-राही पर्यटक आवास गृह, संकिसा (फरुर्खाबाद), राही पर्यटक आवास गृह, नरौरा (बुलन्दशहर), राही पर्यटक आवास गृह, देवकली (औरैया), राही पर्यटक आवास गृह, गोकुल रेस्टोरेण्ट (मथुरा) तथा राही पर्यटक आवास गृह, बिठूर (कानपुर) के सापेक्ष शार्टलिस्टेड निविदा कर्ताओं (बिडर्स) में से उच्चतम निविदाकर्ता (एच-1) फर्म को इकाई लीज पर दिये जाने एवं फर्म से अनुबन्ध किये जाने के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया है।
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आगरा एयरपोर्ट पर नवीन सिविल ऐन्क्लेव के विकास हेतु प्रस्तुत प्रस्ताव अनुमोदित
मंत्रिपरिषद ने आगरा एयरपोर्ट पर नवीन सिविल ऐन्क्लेव के विकास हेतु प्रस्तुत प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।
इसके तहत आगरा एयरपोर्ट के विकास हेतु अतिरिक्त प्रस्तावित कुल भूमि 37.4336 हेक्टेयर (लगभग 92.50 एकड़) के क्रय हेतु कुल अनुमानित 1,23,59,27,574 रुपये (01 अरब 23 करोड़ 59 लाख 27 हजार पांच सौ चौहत्तर रुपये मात्र) पर अनुमोदन प्रदान करते हुए प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के साथ व्यय किये जाने का भी अनुमोदन कर दिया है।
साथ ही, मंत्रिपरिषद ने परियोजना क्षेत्र के अन्तर्गत पड़ने वाली विभिन्न शासकीय विभागों की परिसम्पत्तियों यथा वृक्षों, सड़कों, नहरों, बिजली के खम्भों, विद्युत लाइन्स, सब-स्टेशनों, विद्यालयों, आंगनवाड़ी केन्द्रों इत्यादि तथा विभिन्न अवरोधों के विस्थापन, डायवर्जन तथा नव-निर्माण से सम्बन्धित कार्य सम्बन्धित विभागों द्वारा अपने विभागीय बजट से वहन किए जाने तथा शासकीय विभागों द्वारा अपनी भूमि एवं परिसम्पत्तियाँ इत्यादि निःशुल्क एवं भारमुक्त रूप से नागरिक उड्डयन विभाग को उपलब्ध कराए जाने/अन्तरित किए जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।
मंत्रिपरिषद ने परियोजना में किसी भी प्रकार के परिवर्धन/परिवर्तन की स्थिति में निर्णय लेने हेतु तथा अन्य सम्बन्धी कार्यों के सम्बन्ध में भविष्य में यथावश्यकतानुसार निर्णय लेने हेतु मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किया है।
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