अब सीएम योगी की ‘Team-9’ तैयार करेंगी कोरोना से बचाव के लिए रणनीति


लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी ने कोरोना महामारी की भयावहता को देखते हुए नए सिरे से रणनीति तैयार करने लोगों को समय से इलाज व ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए नौ टीमें बनाई है। अभी तक यह काम टीम-11 देख रही थी। यह सीधे मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करेगी। आपदा की इस घड़ी में हम सभी जनहित में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना सुनिश्चित करेंगे।

मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इसके मुताबिक समिति के अध्यक्ष जरूरत के अनुसार किसी अन्य अधिकारी या विशेषज्ञ को समिति के सदस्य के रूप में जोड़ने के लिए स्वतंत्र होंगे। सभी समितियों के अध्यक्ष, समितियों द्वारा की गई कार्यवाही की सूचना नियमित रूप से रोजाना होने वाली बैठक में मुख्यमंत्री को देंगे। सीएम हेल्पलाइन द्वारा अधिक से अधिक संख्या में होम क्वारंटीन और अस्पतालों में भर्ती मरीजों से प्रतिदिन बात की जाएगी। कहीं कोई कमी पाई जाती है तो तत्काल संबंधित डीएम व सीएमओ को जानकारी दी जाएगी। इस बात का भी सत्यापन किया जाएगा कि सभी संक्रमित व्यक्तियों को कोरोना किट व आयुष किट उपलब्ध कराई जा रही है या नहीं। उन्होंने कहा है कि अपर मुख्य सचिव सूचना एवं जनसंपर्क रोजना प्रदेश स्तर पर की जा रही कार्यवाही की विस्तृत जानकारी मीडिया को उपलब्ध कराएंगे।

टीम-9 में किसको दी गई क्या जिम्मेदारी

टीम-एक: चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना अध्यक्ष और चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह, एसीएस चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण व प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा सदस्य।

जिम्मेदारी: सरकारी व निजी अस्पतालों में आईसीयू व ऑक्सीजन युक्त वेड की व्यवस्था कराना। सभी अस्पतालों में मैनपावर की व्यवस्था कराना। प्रदेश में चल रहे टीकारण अभियान को सुचारुरूप से संपन्न कराना और जरूरत के आधार पर टीके की आपूर्ति कराना। केंद्र सरकार के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से समन्वय करना। प्रदेश में कोरोना वायरस के संभावित एवं संक्रमित व्यक्तियों का प्रभावी इलाज एवं देखभाल, कोविड-19 से संबंधित चिकित्सीय व्यवस्थाएं कराना। इनमें अस्पतालों में आइसोलेशन वॉर्ड, दवाइयां व मास्क आदि की व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराना। प्रदेश में मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाएं ठीक कराना।

टीम-दो: चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अध्यक्ष। राज्य मंत्री अतुल गर्ग, एसीएस चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, राहत आयुक्त सदस्य।

जिम्मेदारी: एंबुलेंस की सेवाएं सुचारु रूप से सुनिश्चित कराना। प्रदेश स्तर और सभी जिलों में इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल रूप की व्यवस्था की नियमित रूप से समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित कराना की प्रत्येक व्यक्ति की जिज्ञासा व अनुरोध सही अधिकारी व विभाग तक जरूर पहुंच जाए। सभी दवाइयों के अतिरिक्त रेमडेसिविर की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित कराना। होम क्वारंटीन की सुचारू व्यवस्था, मेडिकल किट उपलब्ध करना और इसकी नियमित समीक्षा करना।

टीम-तीन: मुख्य सचिव अध्यक्ष। एसीएस, प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा सदस्य।

जिम्मेदारी: केंद्र सरकार एवं अन्य राज्य सरकारों से महत्वपूर्ण मुद्दों पर समन्वय स्थापित करना। केंद्र सरकार को प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देना। केंद्र सरकार के सभी पत्रों का तत्काल यथा संभव उसी दिन उत्तर भेजना। अंतर्विभागीय समन्वय सुनिश्चित करना।

टीम-चार: आईडीसी अध्यक्ष। एसीएस अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, एसीएस एमएसएमई व एसीएस श्रम एवं सेवायोजन सदस्य।

जिम्मेदारी: प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों का सभी दिन व व्यावसायिक इकाइयों का बंदी के दिन को छोड़कर संचालन सुनिश्चित कराना। सभी इकाइयों में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना कराना। सभी औद्योगिक व व्यावसायिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मियों की समस्याओं का शासन व जिला प्रशासन या इकाई स्तर पर निराकरण कराना।

टीम-पांच: एपीसी अध्यक्ष। एसीएस, प्रमुख सचिव कृषि, कृषि विपणन, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास, परिवहन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, दुग्ध विकास एवं पशुधन, निदेशक मंडी सदस्य।

जिम्मेदारी: गेहूं क्रय की सुचारु व्यवस्था कराना। किसानों को गेहूं के मूल्य का समय से भुगतान सुनिश्चित कराना। किसानों को समय से खाद, बीज आदि सभी जरूरी व्यवस्था कराना। गो आश्रय स्थलों में भूसे, चारे आदि की व्यवस्था कराना। सभी आवश्यक सामग्रियां लोगों को उचित मूल्य पर मिले इसकी व्यवस्था कराना। कालाबाजारी न होने पाए।

टीम-छह: एसीएस गृह अध्यक्ष। प्रमुख सचिव खाद्य एवं औषधि प्रशासन, परिवहन, एडीजी कानून-व्यवस्था पीएसी सदस्य।

जिम्मेदारी: प्रदेश में ऑक्सीजन की समुचित व समय से व्यवस्था कराना। इसके लिए केंद्र सरकार व अन्य प्रदेशों और आपूर्तिकर्ताओं व ट्रांसपोर्टरों से समन्वय स्थापित करना।

टीम-सात: एसीएस राजस्व अध्यक्ष। राहत आयुक्त व सचिव गृह सदस्य।

जिम्मेदारी: प्रवासी कामगारों के प्रदेश में आने पर रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों और सभी जिलों में उनकी जांच व जिनके लिए आवश्यक हो क्वारंटाइन की व्यवस्था कराना।

टीम-आठ: डीजीपी अध्यक्ष। डीजीपी कारागार व एडीजी कानून-व्यवस्था पीएसी सदस्य।

जिम्मेदारी: कंटेनमेंट जोन में प्रभावी सुनिश्चित कराना। पूरे प्रदेश में मास्क की अनिवार्यता सुनिश्चित कराना। साप्ताहिक बंदी के आदेश का कड़ाई से पालन। जेलों में साफ-सफाई व सेनेटाइजेशन। ट्रेनिंग सेंटर, पीएसी बटालियन को सेनेटाइज करना। इनमें तैनात फोर्स को जरूरत पर फील्ड में तैनात करना। सभी पुलिस लाइनों में कोविड केयर सेंटर स्थापित कर उन्हें नियमित रूप से संचालित कराना।

टीम-नौ: एसीएस ग्राम्य विकास व पंचायती राज अध्यक्ष एसीएस नगर विकास, एमडी जल निगम, निदेशक पंचायती राज सदस्य।

जिम्मेदारी: प्रदेश के सभी शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता एवं सेनेटाइजेशन की व्यवस्था कराना व उसकी नियमित समीक्षा करना। सभी नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी समितियों को सक्रिय रखना व उनकी नियमित समीक्षा करना। पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था को नियमित रूप से लागू करना। पूरे प्रदेश में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराना।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Scroll To Top