हमारी नीति और नीयत साफ, इसीलिए जनता हमारे साथ— सीएम योगी



संकल्प की शक्ति से गढ़ रहे नए भारत का नया यूपी ,बजट पर चर्चा के दौरान तथ्यों के साथ विपक्ष पर हमलावर रहे सीएम योगी


प्रदेश का बजट सर्वसमावेशी और लोककल्याण के संकल्प को पूरा करने वाला, ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस के साथ-साथ ईज ऑफ लिविंग में भी यूपी बेहतर


लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है पिछले चार वर्षों में नए भारत के नए उत्तर प्रदेश का सृजन हुआ है। चार साल पहले जिस प्रदेश को देश और दुनिया में बीमारू कहा जाता था, जो भारत का सबसे बड़ा राज्य होने के बाद भी अर्थव्यवस्था के पैमाने पर 05वें पायदान पर था, जहां युवा पलायन को मजबूर था, आज उसकी प्रगति और उसकी नीतियां अन्य राज्यों के लिए नजीर बन रही हैं। 2015-16 में 10.90 लाख करोड़ रुपये की जीडीपी वाला राज्य समन्वित प्रयासों से आज 21.73 लाख करोड़ रुपये की जीडीपी के साथ देश मे दूसरे नम्बर की अर्थव्यवस्था वाला राज्य बन कर उभरा है। राज्य वही है, संसाधन वही हैं काम करने वाले वही हैं, बदली है तो बस कार्यसंस्कृति।पिछली सरकारों की तरह अब यहां परिवार केंद्रित योजनाएं नहीं बनतीं, बल्कि किसान, नौजवान, महिला और गरीब वर्तमान सरकार की नीतियों के केंद्र में है। सरकार की नीति और नीयत साफ है और यही वजह है कि जनता सरकार के साथ है।

मुख्यमंत्री योगी, बुधवार को विधानसभा में वित्तीय बजट 2021-22 पर चर्चा के दौरान सदन से मुखातिब थे। सीएम योगी ने कहा इतनी बड़ी आबादी वाले प्रदेश का बजट पिछली सरकारों के समय महज 2 लाख करोड़ का होता था यह ‘ऊंट के मुंह मे जीरा’ जैसा था। जब बजट ही नहीं होगा तो काम कैसे आगे बढ़ेगा। कोई दूरदर्शिता नहीं थी, कोई विजन नहीं था। आज वही यूपी है जहां चार साल पहले प्रति व्यक्ति आय 45,000 रुपये थी। आज 95,000 रुपये है। यह है परिवर्तन। आज की सरकार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर भी ध्यान देती है ताकि औद्योगिक निवेश आये और ‘ईज ऑफ लिविंग’ के लिए भी संकल्प के साथ काम कर रही है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी के 6 साल के कालखण्ड को छोड़ दें तो कभी ईज ऑफ लिविंग के बारे में न केंद्र न प्रदेश, कभी सोचा।

हर अपराधी के साथ क्यों जुड़ जाता है समाजवादी शब्द: बजट चर्चा में मुख्यमंत्री ने हाथरस की हालिया घटना का जिक्र करते हुए सपा पर जोरदार हमला भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आखिर क्या वजह है कि हर अपराधी के साथ समाजवादी शब्द जुड़ जाता है? सपा की हाथरस में आज जो रैली है, वहां सपा के लोगों के साथ उस अपराधी के भी पोस्टर लगे हैं। हाथरस की पीड़ित बालिका चिल्ला-चिल्लाकर सपा और उस अपराधी के रिश्ते को बता रही है। आप सच को नहीं झुठला सकते। नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी के आरोपों को मिथ्या बताते हुए मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में मितव्ययिता का कोई विचार नहीं था। बस कर्ज लेना उनकी नीयत थी। भविष्य के उत्तर प्रदेश के प्रति उन सरकारों की कोई नीति नहीं थी। सारी योजनाएं बस तात्कालिक फायदे वाली थीं।उनके इस नजरिये से समाज का हर वर्ग आजिज था और आखिरकार समय आने पर जवाब भी दिया। हमने इस बात को समझा। लगातार प्रयास किया। नतीजतन जो वर्षों में न हो पाया, 04 वर्ष में कर दिखाया।

प्रदेश वही-सोच नई:
योगी ने सरकार की नीति, नीयत और पारदर्शिता पूर्ण कार्यप्रणाली का उदाहरण देते हुए कहा कि यह वही यूपी है जहां महज 04 साल में 40 लाख परिवारों को आवास मिला। 1 करोड़ 38 लाख परिवारों को बिजली कनेक्शन मिला यह भी इसी प्रदेश में हुआ है। हर गांव की अच्छी कनेक्टिविटी हो, इसकी बात तो सब करते थे लेकिन हकीकत में इस सपने का वर्तमान सरकार ने पूरा किया है। 1947 से 2017 तक महज 02 फीसदी लोग ही हर घर नल से जुड़े थे। आज 10 फीसदी हैं। अब प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में 2024 तक जल जीवन मिशन से हर घर को पाइप से शुद्ध पेयजल मिलेगा। योगी ने कहा कि इंसेफेलाइटिस पीड़ित बच्चों के प्रति कभी किसी सरकार में संवेदना नहीं जगी। 1977-78 से गोरखपुर-बस्ती मंडल सहित 38 जिले इंसेफेलाइिटस से प्रभावित थे। सीजन में इससे सैकडों बच्चों की मौत होती थी। हमने इसके लिए सड़क से लेकर संसद तक आवाज उठाई। आंदोलन किए। आज अगर इसका समूल नाश हुआ है तो इसकी वजह स्वच्छ भारत मिशन के सहयोग, बेहतर अंतर्विभागीय समन्वय, जमीनी स्तर पर बेहतर स्वस्थ्य सुविधाएं मुहैया करना रहा।स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रभावित जिलों के लोगों में जागरुकता अभियान चलाया। नतीजन आज इंसेफेलाइिटस खत्म होने के कगार पर है। योगी ने कहा कि वह जब उत्तर प्रदेश को संभावनाओं वाला प्रदेश कहते थे तो लोग कहते थे यहां कुछ नहीं हो सकता था। लेकिन लोककल्याण के संकल्प की शक्ति के बूते आज यह सभी सपने साकार हो रहे हैं।

कोरोनाकाल में धैर्य के साथ लोककल्याण के पथ पर बढ़ते रहे: कोरोनाकाल की चुनौतियों का जिक्र करते हुए सीएम ने राष्ट्रकवि दिनकर की पंक्तियां भी पढ़ीं। ‘सच है विपत्ति जब आती है, कायर को ही दहलाती है। सूरमा नहीं विचलित होते, क्षण एक नहीं धीरज खोते’ को पढ़ते हुए कहा कि कोविड काल में प्रदेश ने यह धैर्य और साहस बनाये रखा। दूसरे प्रदेशों से घर वापसी करने वाले हर प्रवासी श्रमिक को स्थानीय स्तर पर ही उसकी दक्षता के अनुसार रोजी-रोजगार मुहैया कराया।


Scroll To Top
Translate »