काईट में पांच दिवसीय कार्यक्रम आउटकम बेस्ड एजुकेशन (ओबीई) कार्यशाला का हुआ समापन



नई दिल्ली/ग़ज़िआबाद: दिल्ली एनसीआर, गाजियाबाद में स्थित काईट ग्रुप ऑफ़ इन्स्टीट्यूशन्स के सिविल विभाग द्वारा फैकल्टी सदस्यों के लिए आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला आउटकम बेस्ड एजुकेशन (ओबीई) का सफलतापूर्वक समापन किया गया। इसी क्रम में बाह्य विशेषज्ञ प्रो. एन.जे. राव, सेंटर फॉर इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन के पूर्व अध्यक्ष, आईआईएससी बैंगलोर ने भी आउटकम बेस्ड एजुकेशन पर एक ऑनलाइन व्याख्यान दिया।

इस पांच दिवसीय कार्यशाला में आउटकम बेस्ड एजुकेशन के सभी प्रमुख पहलुओं को शामिल किया गया। जिसमे पहले दिन, आउटकम बेस्ड एजुकेशन की अवधारणा और थ्री डोमेन्स ऑफ़ लर्निंग (संज्ञानात्मक, प्रभावशाली और साइकोमोटर) पर तथा दूसरे दिन, टेक्सोनोमी टेबल के महत्व, पाठ्यक्रम परिणामों की संरचना और कार्यक्रम विशिष्ट परिणामों पर संकाय सदस्यों के साथ चर्चा की गई ।कार्यक्रम के तीसरे एवं चौथे दिन पाठ्यक्रम के परिणामों, निर्देशात्मक गतिविधियों और मूल्यांकन मदों के संरेखण पर व्यावहारिक अभ्यास करते हुए कार्यक्रम के परिणामों एवं पाठ्यक्रम के परिणामों की मैपिंग पर अभ्यास किया गया।

कार्यक्रम के अंतिम दिन समापन के दौरान प्रो. एन.जे. राव ने संस्थान के सभी संकाय सदस्यों को संबोधित किया और आउटकम बेस्ड एजुकेशन के महत्व के बारे में बताया। विभागाध्यक्ष डॉ. एस.के. तिवारी ने कार्यशाला के महत्व को समझाते हुए प्रतिभागियों को पाठ्यक्रम के परिणामों, निर्देशात्मक गतिविधियों और मूल्यांकन मदों के संरेखण की आवश्यकता के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला में कुल 65 शिक्षकों ने भाग लिया।

इस अवसर पर संस्था के निदेशक डॉ. (कर्नल) ए गर्ग ने संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों में सही आउटकम बेस्ड एजुकेशन प्रथाओं को अपनाने पर जोर दिया। डॉ. मनोज गोयल (संयुक्त निदेशक) और डॉ. अनिल के. अहलावत (डीन एकेडमिक्स) ने प्रो. एन.जे. राव को उनकी सौम्य उपस्थिति के लिए धन्यवाद देते हुए आभार प्रकट किया।

इस अवसर पर डॉ. शैलेंद्र कुमार तिवारी (प्रोफेसर एचओडी-सीई), डॉ. अतुल कांत पियूश (प्रोफेसर-सीई तथा एसोसिएट डीन-ओबीई), प्रो. यदुवीर सिंह (एसोसिएट प्रो.-ईएन तथा असिस्टेंट डीन-ओबीई), डॉ. प्रतीक गुप्ता (एसोसिएट प्रोफेसर-एमबीए), डॉ. प्रवेश सिंह (प्रोफेसर-ईसीई) और डॉ. नीलम रावत (प्रोफेसर-एमसीए) आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में कैप्टन केपी सिंह (प्रशासन अधिकारी), प्रो सिद्धार्थ जैन (सहायक प्रो-सीई), श्री विनय अहलावत (प्रमुख-आईटीएसएस) और डॉ. सोनिया वर्मा (सहायक प्रो.-एचएसएस) का सहयोग सराहनीय रहा ।


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