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लखनऊ |     नोटबंदी के बाद पार्टी खाते में बड़ी रकम जमा होने के मामले में बसपा प्रमुख मायावती ने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि जो रकम खातों में जमा हुई है वह कालाधन नहीं है बल्कि पार्टी को चंदे में मिला जायज पैसा है.

मंगलवार सुबह  मीडिया से बातचीत में मायावती ने कहा, ‘यह बसपा को बदनाम करने की साजिश है, जैसा दिखाया जा रहा है वैसा कुछ भी नहीं है.’ उन्होंने दावा किया कि कोई हेराफेरी नहीं हुई है, खातों में नियमों के मुताबिक पैसे जमा किए गए हैं. उनके मुताबिक जो रकम जमा हुई है वह बीते सालों में जनता द्वारा पार्टी को दिया गया पैसा है. उन्होंने अपने भाई आनंद कुमार का भी बचाव करते हुए कहा, ‘मेरा भाई एक छोटे से व्यवसाय से अपनी जीविका चलाता है, उसने भी आयकर नियमों का पालन करते हुए ही अपना पैसा बैंक में जमा कराया है.’

बसपा सुप्रीमो ने इस मामले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की वजह से भाजपा सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रही है. मायावती ने सवाल किया कि अन्य पार्टियों ने भी नोटबंदी के बाद अपने खातों में पैसे जमा कराये हैं तो केवल बसपा के पैसों की चर्चा ही क्यों की जा रही है? उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को भाजपा की हताशा का नतीजा बताया है.

इससे पहले  कुछ खबरों में ईडी के सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि नोटबंदी के बाद से बसपा के खाते में 104 करोड़ और मायावती के भाई आनंद कुमार के खाते में 1.43 करोड़ रुपये की रकम जमा कराई गई है. खबरों के मुताबिक आयकर विभाग बसपा नेताओं से पूछताछ की तैयारी कर रहा है.