पीएम मुद्रा योजना से छोटे व्यापारियों को लाभ होगा— मोदी


 

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लखनऊ. पीएम मोदी गरीबों को ई-रिक्शा बांटने के लिए  राजधानी के कॉल्विन ताल्लुकेदार कॉलेज पहुंचे। मोदी ई-रिक्शा में बैठकर कार्यक्रमस्थल तक पहुंचे। वहां पर उन्होंने पांच रिक्शा ड्राइवरों से मुलाकात की। कार्यक्रम के दौरान मोदी 2100 लोगों को ई-रिक्शा बांटें। कार्यक्रम स्थल का घूम-घूम कर मुआयना किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लखनऊ को धन्यवाद देते हुए कहा कि यहां की जनता ने देश को उत्तम गृहमंत्री दिया है। मोदी ने कहा कि देश के गरीब से गरीब व्यक्ति का बैंक में खाता खुलवाया। प्रधामंत्री जन-धन योजना शुरू की। देश में करीब बीस करोड़ जनता के खाता खोले गए। जीरो बैलेंस में खाते खोलने की योजना थी, लेकिन गरीबों ने जीरों बैलेंस पर खाता नहीं खोला। देश की गरीब जनता में बैंक खाते में तीस हजार करोड़ रुपए जमा किए। देश के गरीब की ताकत पूरी दुनिया देख रही है।
बिना गारंटी के व्यापारियों को लोन दे रहे हैं। पीएम मुद्रा योजना से छोटे व्यापारियों को लाभ होगा। दो करोड़ लोगों को बिना गारंटी के लोन दिया गया। पचास हजार से दस लाख तक का लोन दिया जा रहा है। अस्सी हजार रुपए लोन दिया गय

उन्होंने कहा कि 2100 लोग ई-रिक्शा के मालिक बनने जा रहे हैं। ई-रिक्शा ड्राइवरों को प्रशिक्षित किया गया।� आने वाले दिनों में भारत बहुत तेजी से आगे बढ़ने वाला है। भारत की अर्थव्यवस्था सबसे तेजी से आगे बढ़ रही है। कम समय में विकास की मिसाल पेश की है। मंदी के दौरान भी विकास प्रभावित नहीं हुआ है, जबकि दुनिया के बड़े-बड़े देश मंदी का शिकार हुए हैं। हमारा लक्ष्य है कि गरीब की जिंदगी में बदलाव आए। नौजवान को रोजगार मिले। युवा पीढ़ी अपने पैरों पर खड़ी हो। आईआईएम लखनऊ के 50 छात्र भी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे।�

या के महापुरुषों को संघर्ष करना पड़ा है। जिंदगी से लड़ना और जूझते रहना चाहिए। अंबेडकर ने अर्थशास्त्र में पीएचडी प्राप्त की। डिग्री तक के सफर में कई लोगों का योगदान होता है। हम अकेले कुछ भी नहीं बन सकते हैं, पूरे समाज का योगदान होता है। विद्यार्थी जीवन के बाद अलग दुनिया होती है। छात्रों के माता-पिता को उनके जन्म से ज्यादा आज खुशी मिली होगी। समाज का हम पर कर्ज है।

 
कार्यक्रम में मोदी ने कहा कि संघर्ष अपने आप के साथ ही करना होता है। अपनों के साथ करना होता है। अपनी आत्मा से करना होता है, लेकिन ये तब संभव होता है, जब हम शिक्षित होते हैं। बाबा साहब अंबेडकर भगवान बुद्ध की परंपरा से प्रेरित थे। भगवान बुद्ध का संदेश था अपने आप को प्रकाशित करो। शिक्षित बनो, संगठित रहो। बाबा साहब के जीवन से सीखना चाहिए। अपमानित होकर अंबेडकर ने सफलता पाई है। बाबा साहब ने देश को बहुत कुछ दिया।

 

मोदी ने कहा कि दीक्षांत समारोह की परंपरा गुरुकुल से है। अब क्लास रूम और गुरु से ज्यादा गुरुकुल से सवाल पूछे जाते हैं। आजकल गूगल गुरु का जमाना है। छात्र गूगल गुरु के विद्यार्थी हैं। किताबों से ज्ञान प्राप्त होता है। अध्ययन के लिए एकाग्रता जरूरी है। एकाग्रता से सफलता मिलती है।

चरित्र निर्माण के लिए जानी जाती है हमारी संस्कृति- गृहमंत्री राजनाथ
कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने विवेकानंद को याद किया। उन्होंने कहा कि चरित्र निर्माण पर छात्रों को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने चीन की यूनिवर्सिटी का उदाहरण दिया। शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति का समग्र विकास है। मानव जीवन में चरित्र का होना काफी आवश्यक है। देश में चरित्र का महत्व है। हमारी संस्कृति चरित्र निर्माण के लिए जानी जाती है। उन्होंने भगवान राम का उदाहरण देते हुए कहा कि चरित्र व्यक्ति को महान बनाता है।

 

 


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