पीएम के ‘मन की बात’: योग दिवस मन को आंदोलित कर गया


 

28_06_2015-modi30नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज आकाशवाणी पर एक बार फिर ‘मन की बात’ कार्यक्रम के तहत देशवासियों को संबोधित करते हुए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की चर्चा की। उन्होंने कहा कि लाखों लाेगों ने यादगार चित्र भेजे और उसे मैंने रीट्वीट भी किए। योग दिवस मेरे मन को आंदोलित कर गया।

योग की चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया ने योग को अपनाया। यह भारत के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि योगाभ्यास का सूरज दुनिया में कहीं नहीं ढलता। योग ने पूरी दुनिया को जोड़ा। फ्रांस व अमेरिका से लेकर अफ्रीकी व मध्यपूर्व के देशों में याेग करते लोगों को देखना अविस्मरणीय क्षण था।

उन्होंने टाइम्स स्क्वायर से लेकर सियाचिन और दक्षिण चीन सागर में सैनिकों द्वारा योगाभ्यास कार्यक्रम में शामिल होने की सराहना की। उन्होंने कहा कि यूएन महासचिव बान की-मून को योग करते देखना काफी अच्छा लगा।

आइटी प्रोफेशनल्स से अपील

पीएम मोदी ने कहा कि कहा कि आइटी प्रोफेशनल्स योग शिक्षकों का एक डाटाबेस तैयार करें। हम इनका उपयोग दुनियाभर में कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने योग दिवस के आयोजन के लिए आयुष विभाग की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि मैंने लालकिले से शौचालय बनाने की अपील की थी। 14 अगस्त से पहले स्कूलों में 4 लाख टॉयलेट बनाने का लक्ष्य रखा था, जो करीब-करीब पूरा हो चुका है।

बीमा योजना करें गिफ्ट

उन्होंने आने वाले रक्षा बंधन पर्व को जनआंदोलन बनाने की पैरवी करते हुए कहा कि इससे मां-बहनों को एक सूत्र से जोड़ें। इस अवसर पर बहनों को 12 या 330 रुपये वाली बीमा योजना गिफ्ट करें।

उन्होंने जनसुरक्षा योजना (बीमा व पेंशन योजना) की चर्चा करते हुए कहा कि इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। तीन महीने में इससे 10 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़े, जो खुशी की बात है।

सेल्फी विद डॉटर

पीएम मोदी ने अपने उद्बोधन में हरियाणा के बीवीपुर की चर्चा करते हुए कहा कि यहां के सरपंच ने एक ‘सेल्फी विद डाटर’ मुहिम चलाई है। यह मन को आनंद देता है। मैं आग्रह करता हूं कि आप भी अपनी बेटी के साथ सेल्फी निकालकर ‘सेल्फी विद डाटर’ पर जरूर पोस्ट करेें। उन्हाेंने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ इस विचार को ताकत देने वाला टैगलाइन लिखकर दें। जो सबसे प्रेरक टैगलाइन होगी मैं उसे रीट्वीट भी करूंगा।

मानसून पर की चर्चा

पीएम माेदी ने कहा कि लोगों ने मुझे मानसून पर बोलने का सुझाव दिया। जल हमारे जीवन को ताकत देता है। यह मौसम हमें अपने आप को प्रकृति से जोड़ने का एहसास करता है। उन्होंने कहा कि बारिश में साफ-सफाई का खास ध्यान रखने जिससे बीमारी से बचा जा सकता है।

उन्हाेंने कहा कि जल संरक्षण को नई चीज नहीं है। यह सदियों से चली आ रही परंपरा है। हम वर्षा के जल को संरक्षित कर सकते हैं। यह जनआंदोलन बनना चाहिए। गांव-गांव में इसकी व्यवस्था होनी चाहिए। पीएम ने कहा कि वर्षा के मौसम में वृक्षारोपण, पेड़ लगाने का अभियान सामाजिक संगठनों, युवकों द्वारा बड़ी संख्या में होना चाहिए।

स्मार्ट सिटी का जिक्र

‘स्मार्ट सिटी’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए पीएम मोदीने कहा कि आजादी के 75 साल बाद मैं सबको आवास देना चाहता हूं। उस घर में 24 घंटे बिजली-पानी हो, शौचालय हो, नजदीक में पढ़ने के लिए स्कूल-कॉलेज का प्रबंध हो। हमने 2022 तक का लक्ष्य रखा है जिसमें आपका सहयोग भी अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही अमृत योजना के तहत 500 छोटे-मोटे शहरों को जीवन जीने योग्य बनाने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने गत वर्ष तीन अक्टूबर को ‘मन की बात’ कार्यक्रम की शुरुआत की थी। यह नाैंवी बार है जब पीएम ने मन की बात की। अंतिम बार वह इस कार्यक्रम में 30 मई को लोगों से मुखातिब हुए थे। इसमें उन्होंने वन रैंक वन पेंशन एवं बोर्ड परीक्षा में सफल छात्रों के बारे में विचार व्यक्त किए थे। इसके अलावा किसान चैनल के बारे में भी बात की थी।

इसी वर्ष 27 जनवरी को हुए कार्यक्रम के चौथे प्रसारण में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ मिलकर लोगों के पत्रों के उत्तर दिए थे।

 


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