
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने नीरव मोदी को छोटा मोदी कहकर बीजेपी पर निशाना साधा था। इसे रवि शंकर प्रसाद ने शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि देश में करोड़ों लोगों का सरनेम मोदी है तो क्या सबको नरेंद्र मोदी से जोड़ा जाएगा? रवि शंकर प्रसाद ने आगे कहा कि कांग्रेस त्रिपुरा में हारने वाली है और इसका गुस्सा वह ऐसे बयान देकर निकाल रही है। उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस राजनीतिक शालीनता की सारी हदें लांघ देना चाहती है?
दावोस की जिस तस्वीर में पीएम मोदी और नीरव मोदी एकसाथ दिख रहे हैं उसपर भी रवि शंकर प्रसाद ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि नीरव मोदी भारतीय डेलिगेशन का हिस्सा नहीं थे और वे अपने आप दावोस पहुंचे थे। रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि वहां पीएम मोदी और नीरव मोदी के बीच कोई बातचीत या मुलाकात नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को फोटो पर राजनीति करना बंद कर देना चाहिए वर्ना बीजेपी के पास कांग्रेस के कई नेताओं की ऐसी ‘अतरंग’ तस्वीरें हैं जिसमें वे मेहुल चौकसी के साथ दिख रहे हैं। बता दें कि चौकसी नीरव मोदी के बिजनेस पार्टनर हैं। प्रसाद ने यह भी कहा कि बीजेपी इस स्तर तक गिरना नहीं चाहती। उन्होंने यह भी कहा कि 2011-2013 के बीच चौकसी की प्रॉपर्टी दोगुनी हो गई थी। उन्होंने पूछा कि उस वक्त चौकसी पर किसका आशीर्वाद था?
रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस के नेता (शहजाद पूनावाला) ने ही ट्वीट कर बताया है कि 2013 में इम्पीरियल होटल के एक कार्यक्रम में राहुल गांधी और नीरव मोदी दोनों मौजूद थे।
विजय माल्या ने किया था मनमोहन सिंह का धन्यवाद!
केंद्रीय मंत्री ने विजय माल्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि माल्या ने कांग्रेस सरकार के वक्त पूर्व पीएम (मनमोहन सिंह) को धन्यवाद पत्र लिखा था। जिसमें उन्होंने कहा था कि पीएम के निर्देश पर एक अधिकारी ने किंगफिशर मामले में संबंधित विभागों से बातचीत की थी।
रवि शंकर प्रसाद ने आगे हर्षद मेहता, सत्यम, कोयला, 2जी, आर्दश कॉमनवेल्थ आदि घोटालों का जिक्र करते हुए कहा कि इनसब में यह ही निकलकर आया कि कांग्रेस ने ईमानदारी से जांच नहीं होने दी थी।
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