
शत्रुघ्न सिन्हा कांग्रेस के टिकट से पटना साहिब से चुनाव लड़ रहे हैं। वह हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए हैं। ऐसे में यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस पूनम को समर्थन दे सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो लखनऊ में कायस्थ मतदाताओं की संख्या तीन से साढ़े तीन लाख के आसपास है। इसके अलावा सवा लाख के करीब सिंधी वोटर हैं। इसी वजह से एसपी के कुछ नेताओं ने अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा को लखनऊ से लड़ाने का सुझाव दिया था।
पूनम खुद सिंधी हैं। पिछले दिनों एसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और शत्रुघ्न सिन्हा की मुलाकात में पूनम के नाम पर चर्चा भी हुई। शत्रुघ्न की शर्त थी कि कांग्रेस भी पूनम के खिलाफ प्रत्याशी खड़ा न करे। शत्रुघ्न अब कांग्रेस में हैं। उन्हें उम्मीद है कि वह कांग्रेस को मना लेंगे। लखनऊ से मौजूदा सासंद और बीजेपी उम्मीदवार राजनाथ ने मंगलवार को ही नामांकन दाखिल किया है। अभी तक उनके खिलाफ न ही कांग्रेस और न ही एसपी अपना उम्मीदवार तय कर पाई है। दोनों ही दल उनके खिलाफ किसी मजबूत दावेदार की तलाश में हैं।
हालांकि राजनाथ को लखनऊ से हराना विपक्ष के लिए इतना आसान नहीं होगा। पिछले लोकसभा चुनाव में राजनाथ को 54.28 फीसदी वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर रहीं कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी को 27.89 फीसदी वोट मिले थे। बीएसपी के नकुल दुबे 6.23 फीसदी मतों के साथ तीसरे नंबर पर थे, जबकि 5.49 फीसदी वोट पाकर एसपी के अभिषेक मिश्र चौथे नंबर पर थे। अब अगर इन तीनों के मत प्रतिशत को जोड़ भी लिया जाए तो यह केवल 39.61 फीसदी बैठता है, जो राजनाथ को मिले वोटों से काफी कम है। ऐसे में साझा उम्मीदवार का गणित भी बैठता नजर नहीं आ रहा है।
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