धान खरीद लक्ष्य पाने को तैयारी जोरों पर


लखनऊ। किसानों से गेहूं खरीदने में नाकाम रही सरकार धान खरीद को लेकर जोखिम नहीं उठाना चाहती है। मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने नये धान खरीद सत्र की पूरी तैयारी करने का फरमान खाद्य एवं रसद महकमे को दिया है। सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में 25 लाख मीट्रिक टन धान क्रय का लक्ष्य निर्धारित किया है। धान की खरीद 25 फरवरी तक होगी और इसके लिए 3250 क्रय केंद्र खोले जाएंगे।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि एक अक्टूबर से धान की खरीद कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित कर ली जाए। उन्होंने कहा है कि किसानों के बैंक खाते में सीधे भुगतान कराया जाए, जहां आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान की व्यवस्था नहीं है वहा किसानों से खरीदे गए धान के मूल्य का भुगतान अकाउंट पेयी चेक से किया जाए। चावल की बेहतर गुणवत्ता प्राप्त करने के लिए अधिकारियों को पूर्ण आधुनिक तकनीक एवं उपकरणों से युक्त आधुनिकीकृत राइस मिलों को ही धान कुटाई की जिम्मेदारी सौंपने को कहा है।

यह तय किया गया है कि भारतीय खाद्य निगम के निर्धारित लक्ष्य का 10 फीसदी अर्थात 2.5 लाख मीट्रिक टन क्रय किया जाएगा तथा बाकी 90 फीसदी धान विभिन्न क्रय एजेंसियां करेंगी। उन्होंने कहा कि मंडी परिषद प्रदेश की मंडियों में धान को सुखाने तथा साफ करने के लिए पावर विनोवर, पावर ड्रायर तथा ग्रेडर जैसे उपकरण हर हाल में 25 सितंबर तक क्रय केंद्र पर अवश्य उपलब्ध करा दे।

खाद्य आयुक्त अर्चना अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में भंडारण क्षमता 37.65 लाख मीट्रिक टन है जो धान क्रय के लिए निर्धारित लक्ष्य की तुलना में प्रर्याप्त है। खरीफ विपणन वर्ष 2013-14 के लिए 172500 बोरे की आवश्यकता होगी।


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