
लखनऊ |भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की महासचिव एवं पूर्वी उ0प्र0 प्रभारी श्रीमती प्रियंका गाँधी वाड्रा उ0प्र0 के तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन संयुक्त प्रगतिशील गठबन्धन की अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली के भूएमऊ गेस्ट हाउस में रायबरेली जनपद के कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मिलीं और चुनावी तैयारियों पर चर्चा की।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए श्रीमती प्रियंका गांधी जी ने 2019 के लोकसभा निर्वाचन को सोच से सोच की लड़ाई बताया। शांति, सद्भावना एवं सभी जातियों, समुदायों, धर्मों, वर्गों व प्रतिबद्धताओं को दिल से जोड़ने व साथ लेकर चलने की कांग्रेसी विचारधारा को हर हाल में जीने व भारतीय राष्ट्र, समाज, संविधान व लोकतंत्र के रक्षार्थ मरने की भी प्रतिबद्धता दोहराई।
उ0प्र0 कंाग्रेस कमेटी के प्रवक्ता यशवन्त सिंह ने बताया कि श्रीमती प्रियंका गांधी ने गांव, गली, चैबारों में फैली पीड़ा को अपनी पीड़ा और उस पीड़ा के समाधान मंे लगे हमारे शिक्षा मित्र, रोजगार सेवक, रसोइयां, आंगनबाड़ी कार्यकत्री व आशा बहनें आदि जो वास्तव में उस पवित्र उद्देश्य के लिए जी रही हैं जिसे भारत का गांव में बसना व भारत की आत्मा कहा गया है। गरीब भारत की यह पीड़ा ही कांग्रेस की पीड़ा है व इस पीड़ा के लिए ही जीना, लड़ना व जरूरत पड़े तो मरना ही कांग्रेस कार्यकर्ता का धर्म व कांगे्रसियत है।
प्रवक्ता ने कहा कि कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए श्रीमती प्रियंका गांधी ने कहा कि रचनात्मक राजनीति की कांग्रेस संस्कृति पीठ पर लाठी खाने के बाद भी उफ न करते हुए गांव की हर गली और हर बूथ तक जानी चाहिए और भारतीय लोकतंत्र को बचाने में भारतीय जनता के मतदान और लोकमत की गूंज में कांगे्रसी स्वर गुंजित व गुंजायमान होना चाहिए व कांग्रेस के मधुर भारतीय संगीत द्वारा शोर की नवीन प्रवृत्ति का समाहार व जन संवाद होना चाहिए।
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