
मानक विहीन, प्राचार्य विहीन एवं शिक्षक विहीन महाविद्यालयों व शिक्षको का भौतिक सत्यापन
कराने के बजाय कुम्भ और सरयू आरती तक सीमित हुए कुलपति प्रो.मनोज दीक्षित ,
lucknow | फैजाबादअवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.मनोज दीक्षित उच्च आदर्शो, मानक नियम व नैतिकता एवं पारदर्शिता की बड़ी बड़ी बातें करने वाले आज महाविद्यालय प्रबन्धन के धनबल व राजनैतिक रसूख के आगे घुटना टेक कर मात्र महाकुम्भ की तैयारी और सरयू आरती तक स्वयं को सीमित कर चुके हैं। जून 2017 में स्वयं कुलपति के द्वारा ही मीडिया में बयान दिया गया कि अवध विश्वविद्यालय से 20 हजार फर्जी शिक्षक बाहर किये जायेगें, कितने हुए पता नहीं ? फिर बयान दिया गया कि नये सत्र 2018-19 के प्रारम्भ के पूर्व विश्वविद्यालय परिक्षेत्र के अनुदानित महाविद्यालयों के स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों सहित स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों व अनुमोदित प्राचार्य व शिक्षको तथा अवस्थापना सुविधाओ का भौतिक सत्यापन होगा, लेकिन इसका भी अभी तक कुछ पता नहीं ?
कुलपति द्वारा उच्च शिक्षा गुणवत्ता एवं पारदर्शिता का गीत गाते हुए वर्ष 2017-18 की परीक्षा में स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षा में वस्तुनिष्ठ परीक्षा प्रणाली लागू कर,लाखो छात्रो के भविष्य के साथ खिलवाड़ अवश्य किया गया लेकिन जब मानक विहीन प्राचार्य विहीन व शिक्षक विहीन महाविद्यालयो के भौतिक सत्यापन की बात आयी तो तो कुलपति महोदय महाविद्यालय प्रबन्धन के धनबल व राजनैतिक रसूख के घुटना टेक दिया है। आख़िर वस्तुनिष्ठ परीक्षा प्रणाली को लागू कर व नकल विहीन परीक्षा का दम्भ भरकर लाखो छात्रो को फेल करवा चुके व परीक्षा से पलायन करवा चुके कुलपति प्रो.मनोज दीक्षित महाविद्यालयों और प्राचार्य व शिक्षको के भौतिक सत्यापन पर क्यों चुप्पी साध रखी है ।
सख्त आदेश व त्वरित कार्यवाही की राह अपनाने वाले कुलपति द्वारा सरकार से अपनी पीठ ठोकवाने के लिए आनन फानन में परीक्षा परिणाम तो जारी कर दिया गया लेकिन हकीकत यह है कि घोषित किये परीक्षा परिणाम में विश्वविद्यालय कर्मियो की धनलोलुपता की लालसा प्रवृत्ति के कारण लाखो छात्रो का परीक्षाफल अपूर्ण कर दिया गया। जिसके सुधार के लिए आये दिन छात्र विश्वविद्यालय का चक्कर लगा रहे है और विश्वविद्यालय में परीक्षाफल पूर्ण करने करवाने के नाम पर जम कर धन उगाही की जा रही है, जो शायद दिखाई ही नही पड़ रहा है या फिर सब कुछ सहमति व मिलीभगत से ही चल रहा है ?
https://rashtriyadinmaan.com
