पीएफ घोटालेबाजों की सम्पत्ति जब्त कर कर्मचारियों की पाई-पाई वापस करायी जाएगी—–CM योगी


एपी मिश्र का बगैर नाम लिए उन्होंने कहा कि उस समय के एमडी का कार्यकाल बगैर कैबिनेट की मंजूरी के आखिर कौन बार-बार बढ़ा रहा था। तत्कालीन प्रदेश सरकार का सबसे प्रिय अधिकारी  घोटाले का मास्टरमाइण्ड हैं। जिसे मौजूदा सरकार ने जेल में ढूंसने का काम किया है। कर्मचारियों से सरकार ने वादा किया है कि  कर्मचारियों का पैसा पूरा वापस करेगे। साथ ही जो भ्रष्ट हैं, उनपर कार्यवाही भी होगी।

पहले एक्सप्रेस वे में भी खेल होता था। सपा सरकार में 340 किलोमीटर लंबी 110 मीटर चौड़ी  पूर्वांचल एक्सप्रेस वे 15,200 करोड़ में बन रहा था। हम एक किलोमीटर और 10 मीटर ज्यादा चौड़ा एक्सप्रेस वे  11,800 करोड़ में बना रहे है। हमने भाजपा एम्बुलेंस सेवा नाम से कोई योजना नहीं शुरू की। पेंशन योजना के नाम में भाजपा का नाम नहीं जोड़ा। पार्टी अलग होती है सरकार अलग। सपा सदस्यों के यह कहने पर संविधान में समाजवादी शब्द है। सीएम ने कहा कि यह शब्द भी 1976 में जुड़ा था। आप लोग इमरजेंसी के समर्थक है। मैं रामराज्य का समर्थक हूं। यह देश गांधी  के रामराज्य पर  चलता है हम उसको लेकर ही चल रहे है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश से आने वाले जानते हैं कि इन्सेफ्लाइटिस से पहले क्या हाल था ? हज़ारों लोगों की मौत होती थी लेकिन कुछ किया नहीं जाता था, पर स्वच्छ भारत अभियान ने उस पर रोक लगाई। बीमारी से मरने वाले अल्पसंख्यक समुदाय व दलित समुदाय से थे , जिनको सत्ता में रहने वालों ने सिर्फ वोट बैंक बना दिया था।

यह वर्ष उत्तर प्रदेश के लिए बहुत महत्वपूर्ण था। प्रदेश में 1 करोड़ 47 लाख लोगों को उज्वला योजना में गैस सिलिंडर मिले है । एक करोड़ 16 लाख लोगों को बिजली का कनेक्शन दिया गया है। एक करोड़ 80 लाख गावों तक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए काम किया गया है। रमाला, मुण्डेरवा, पिपराइच नई चीनी मिल शुरू हुई। मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेस वे बनाने जा रहे हैं।

लम्बे समय बाद राज्यपाल का अभिभाषण शांतिपूर्ण तरीके से हुआ। यही है बदलता उत्तर प्रदेश । कभी सदन में लात घूंसे चलते थे। अब मर्यादाओं का पालन करते हुए कार्यवाही का बढ़ना बड़ी उपलब्धि है। एक भारत श्रेष्ठ भारत के लिए आगे बढ़ रहे हैं।


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